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उत्तराखंड: आठ जनवरी से बारिश और बर्फबारी के हैं आसार, मैदानी क्षेत्रों में कोहरे का येलो अलर्ट जारी..

दून में ठिठुरन बढ़ गई है। गुरुवार को न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम रहा। जबकि, पिछले दो दिन भी न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री रहा था। हालांकि, दोपहर को धूप निकलने से अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर यानी 21.9 डिग्री रहा। उधर, मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए मैदानों में कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी जिले खासकर उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ में आठ जनवरी से बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। इसके बाद मैदानी क्षेत्रों में कोहरे से राहत मिल सकती है। लेकिन, शुक्रवार को कोहरा परेशान कर सकता है। इस दौरान शीत दिवस (कोल्ड डे) की स्थिति रहेगी। आठ और नौ जनवरी को तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। कोहरे ने बढ़ाई दुश्वारी मैदानों में कोहरे और कड़ाके की ठंड से लोगों की कंपकंपी छूट रही है। गुरुवार को रुड़की, हरिद्वार, यूएसनगर में लोगों को आवाजाही में दिक्कतों के साथ ही स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के मुताबिक, रुड़की में अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री नीचे 13 डिग्री दर्ज किया गया। पंतनगर में पारा सामान्य से नौ डिग्री नीचे यानी 9.8 डिग्री पहुंचा। पहाड़ी इलाकों में अपेक्षाकृत तापमान ज्यादा रहा। नैनीताल में 12.5 और मसूरी में 13.5 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। बुजुर्गों-बच्चों को बचाएं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नारायणजीत सिंह के अनुसार, ठंड में बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल रखें। उन्हें बाहर न निकलने दें। कपड़ों की कई परत शरीर को गर्म रखने में मदद करती है। फिजीशियन डॉ. अंकुर पांडेय ने बताया कि सिर, हाथ और गर्दन गर्म रखने के लिए टोपी, दस्ताने और स्कार्फ पहनना चाहिए। ऋषिकेश में घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित तीर्थनगरी में गुरुवार को घने कोहरे की चादर तनी रहने से कड़ाके की ठंड पड़ी। नेशनल हाईवे पर दोपहर को भी विजिबिलिटी बेहद कम होने से वाहनों की हेडलाइट जलानी पड़ी। शहर में सुबह से दोपहर एक बजे तक कोहरा छाया रहा। इस कारण बाजार भी देरी से खुले। उधर, दिल्ली रूट की बसों पर भी कोहरे का असर पड़ा। रोडवेज प्रभारी अनुराग पुरोहित ने बताया कि हरिद्वार से आगे घना कोहरा होने से बसों का समय प्रभावित हो रहा है। ग्रीन कलर इसका मतलब होता है, सब ठीक है। कोई एडवाइजरी जारी नहीं होती। यानी मौसम में कोई भी बदलाव नहीं हुआ है। येलो कलर  इसका यह मतलब है कि मौसम गंभीर रूप से खराब हो सकता है। वॉचफुल स्थिति रहती है। ऑरेंज कलर  इसका मतलब यह है कि मौसम खराब है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें। यह बेहद खराब मौसम के प्रति सावधान करने को जारी होता है। रेड कलर  रेड अलर्ट का मतलब यह है कि मौसम बेहद खराब है। साथ ही, अफसरों से बिगड़े मौसम से बचाव से जुड़ी कार्रवाई में तेजी लाने को कहा जाता है और तत्काल कार्रवाई करनी होती है। शीत लहर और शीत दिवस  मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या इससे नीचे गिरने, जबकि पहाड़ी इलाकों में शून्य डिग्री सेल्सियस या पारा इससे नीचे गिरने पर शीतलहर माना जाता है। तापमान अगर सामान्य से 4.5 डिग्री से 6.4 डिग्री सेल्सियस तक कम हो तो यह स्थिति शीतलहर कहलाएगी। शीत दिवस में भी कमोबेश यही स्थिति मानी जाती है। हेमकुंड-बाड़मेर एक्सप्रेस देरी से पहुंची ऋषिकेश घने कोहरे के चलते ऋषिकेश आने वाली लंबी दूरी की ट्रेनें गुरुवार को लेट पहुंचीं। पुराने रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-तीन पर कटरा जम्मू से सुबह 835 बजे आने वाली हेमकुंड एक्सप्रेस सवा घंटा लेट यानी 950 बजे पहुंची। सुबह 930 बजे राजस्थान से ऋषिकेश पहुंचने वाली बाड़मेर एक्सप्रेस दो घंटा देरी से पहुंची। इधर, स्टेशन मास्टर दीपक चंद्रा ने बताया कि मौसम की गड़बड़ी के चलते रेल सेवाओं की समय सारणी प्रभावित हो रही है। तापमान गिरने से वाहनों और सड़कों पर जम रहा पाला मसूरी। पर्यटन नगरी में इन दिनों भले ही दिन का मौसम अच्छा हो, लेकिन सुबह-शाम कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। रात को पाला गिरने के कारण सुबह छत पर बर्फ की सफेद चादर नजर आती है। रोड किनारे खड़े वाहनों के शीशों में भी पाला जम जाता है, जिसे साफ करने के लिए गर्म पानी का प्रयोग करना पड़ता है या धूप की प्रतीक्षा करनी पड़ती है। लेकिन, दिन का मौसम खुशगवार है। कड़ाके की सर्दी से सुबह और रात के समय लोग दुश्वारी झेल रहे हैं। चकराता में न्यूनतम तापमान -1 डिग्री पछुवादून में गुरुवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम छह डिग्री रहा। जौनसार बावर में सुबह पाले के कारण सड़कों पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। चकराता

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