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बिहार के सरकारी अस्पतालों में जल्द दूर होने जा रही एक्सपर्ट डॉक्टरों की कमी, पढ़े पूरी ख़बर

बिहार के सरकारी अस्पतालों में एक्सपर्ट डॉक्टरों की कमी जल्द दूर होने वाली है। सरकारी अस्पतालों में खाली पड़े डॉक्टरों के पदों पर नियमित नियुक्ति होने तक संविदा पर एक्सपर्ट्स रखे जाएंगे। राज्य स्वास्थ्य समिति ने यह फैसला लिया है। विशेषज्ञ डॉक्टरों में उन लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनकी पीएचसी, अनुमंडलीय एवं जिला अस्पतालों में सर्वाधिक जरूरत है। इस संबंध में विभिन्न जिलों से विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पदों की जानकारी मांगी गई है, ताकि उन पदों पर तत्काल बहाली की जा सके। 

वहीं राज्य के अस्पतालों में डॉक्टर एवं पारा मेडिकल कर्मियों की नियमित नियुक्ति के साथ ही संविदा पर बहाली की प्रक्रिया भी साथ-साथ जारी है। नई बहाली की प्रक्रिया में प्रसूति एवं महिला रोग विशेषज्ञ एवं बाल रोग विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इनके अतिरिक्त हड्डी रोग विशेषज्ञ, सामान्य सर्जन (जनरल सर्जन) एवं एनेस्थीसिया की भी बहाली की जानी है। 

जिला स्तरीय अस्पतालों में इन एक्सपर्ट डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को काफी परेशानी होती है। सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना (एनएचएम) के तहत विशेषज्ञ डॉक्टरों की बहाली संविदा के आधार पर होगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना के तहत स्वास्थ्य कार्यक्रमों में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा मिलकर खर्च वहन किया जाता है।

मरीजों को रेफर नहीं करना पड़ेगा

डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने दो महीने पहले जिला अस्पतालों से मरीजों को मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में रेफर किए जाने के सिलसिले को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाने के निर्देश दिए थे। विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में अब भी उनसे जुड़े रोगों के मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर करने की प्रक्रिया जारी है। खासकर, एनेस्थीसिया, शिशु रोग एवं स्त्री रोग विशेषज्ञों के नहीं होने के कारण बड़े ऑपरेशन नहीं हो पाते हैं। ऐसे में बच्चों और महिलाओं को इलाज के लिए बड़े शहरों या मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में भटकना पड़ता है। एक्सपर्ट डॉक्टरों की बहाली से मरीजों को रेफर करने का सिलसिला कम होने की संभावना है।

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