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Kargolia Bridge Reconstruction Approved : पूर्व सांसद की मांग पर पुल योजना स्वीकृत, बाढ़ प्रभावित गांव को राहत

पूर्व सांसद प्रत्याशी की पहल पर करगौलिया पुल निर्माण को मिली स्वीकृति, ग्रामीणों में खुशी, जल्द बहाल होगी आवागमन की सुविधा

बलरामपुर जनपद के हर्रैया सतघरवा क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। पिछले साल जुलाई 2024 की भीषण बाढ़ में करगौलिया गांव को शिवपुरा बाजार से जोड़ने वाला पुल पूरी तरह से बह गया था, जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब प्रशासन ने इस पुल के पुनर्निर्माण को स्वीकृति दे दी है।

इस पुल की स्वीकृति पूर्व सांसद प्रत्याशी युगल किशोर शुक्ल की पहल और लगातार प्रयासों के बाद मिली है। जिलाधिकारी ने इसे वित्तीय वर्ष 2025–26 की लघु सेतु निर्माण योजना में शामिल करने की घोषणा की है।

ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत, टूटा पुल बना था परेशानी का कारण

करगौलिया गांव और आसपास के कई इलाकों के लोगों का मुख्य संपर्क मार्ग शिवपुरा बाजार से बरदौलिया बाजार तक है। यह मार्ग गांव को बाकी क्षेत्र से जोड़ने का प्रमुख रास्ता था।
लेकिन जुलाई 2024 की बाढ़ के दौरान यह पुल नदी के तेज बहाव में बह गया, जिसके बाद से ग्रामीणों को आवागमन के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता था।

बच्चों को स्कूल जाने, किसानों को बाजार पहुंचने और मरीजों को अस्पताल ले जाने में भारी दिक्कतें आती थीं। कई बार ग्रामीणों को अस्थायी लकड़ी और बांस का पुल बनाकर किसी तरह पार करना पड़ता था, जो बेहद जोखिम भरा था।

पूर्व सांसद प्रत्याशी युगल किशोर शुक्ल की पहल से मिली सफलता

ग्रामीणों की लगातार परेशानी को देखते हुए पूर्व सांसद प्रत्याशी युगल किशोर शुक्ल ने मामले को गंभीरता से उठाया। उन्होंने जिलाधिकारी बलरामपुर को ज्ञापन सौंपा और पुल निर्माण की मांग की।
उनके आग्रह पर जिला प्रशासन ने इस प्रस्ताव को लघु सेतु निर्माण योजना 2025–26 में शामिल कर लिया।

युगल किशोर शुक्ल ने कहा —

“यह पुल न केवल करगौलिया बल्कि आस-पास के कई गांवों के लिए जीवनरेखा है। बाढ़ में इसके टूटने से लोगों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित होना पड़ा। अब इसके पुनर्निर्माण से गांव की रफ्तार दोबारा लौटेगी।”

जिलाधिकारी ने दी स्वीकृति, निर्माण जल्द शुरू होने की संभावना

जिलाधिकारी बलरामपुर ने बताया कि करगौलिया पुल को लघु सेतु निर्माण योजना में शामिल कर लिया गया है। तकनीकी सर्वेक्षण और अनुमान तैयार करने का कार्य जल्द शुरू होगा।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुल का निर्माण वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करेगा।

“जैसे ही बजट की स्वीकृति मिलेगी, कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा,” जिलाधिकारी ने कहा।

ग्रामीणों में खुशी, लेकिन बनी चिंता — “क्या अगली बरसात से पहले बनेगा पुल?”

पुल स्वीकृति की खबर से करगौलिया और आसपास के गांवों के लोगों में खुशी की लहर है। लेकिन साथ ही ग्रामीणों में एक चिंता भी बनी हुई है —
क्या पुल अगली बरसात आने से पहले बनकर तैयार हो पाएगा?

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक साल से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। अगर अगली बारिश तक पुल नहीं बना, तो फिर से वही स्थिति पैदा हो जाएगी।
गांव के निवासी रामप्रकाश यादव ने कहा —

“हम लोगों ने कई बार ज्ञापन दिए, अब जाकर स्वीकृति मिली है। उम्मीद है कि इस बार प्रशासन वादा पूरा करेगा।”

आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है यह पुल

यह पुल क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों का भी अहम केंद्र है। इसके जरिए शिवपुरा और बरदौलिया बाजारों के बीच कृषि उत्पादों, दुधारू पशुओं और जरूरत की वस्तुओं की आवाजाही होती थी।
पुल के टूटने के बाद किसानों को अपनी फसलों को बेचने के लिए 10–12 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता था।

स्थानीय व्यापारी शिवकुमार गुप्ता ने कहा —

“पुल टूटने से बाजार की रौनक खत्म हो गई थी। अब जब नया पुल बनने जा रहा है तो व्यापार और परिवहन दोनों को राहत मिलेगी।”

प्रशासन की चुनौती – समय पर निर्माण और गुणवत्ता

अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि निर्माण समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा हो।
लघु सेतु योजना के तहत बनने वाले पुलों की निगरानी PWD और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (RED) के संयुक्त नियंत्रण में की जाती है। अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि बाढ़ जैसी परिस्थिति में पुल मजबूत बना रहे और भविष्य में कोई हादसा न हो।

करगौलिया पुल का पुनर्निर्माण केवल एक ढांचागत परियोजना नहीं, बल्कि गांव की जीवनरेखा को दोबारा जोड़ने वाला कदम है।
पूर्व सांसद प्रत्याशी युगल किशोर शुक्ल की पहल और ग्रामीणों की एकजुटता के कारण अब यह सपना साकार होने जा रहा है।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस बार पुल जल्द बनेगा और वे फिर से सुरक्षित और सुगम आवागमन का लाभ उठा सकेंगे।

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