
लोकेशन: देवरिया, यूपी
रिपोर्टर: मृत्युंजय प्रसाद
देवरिया के बरहज थाना क्षेत्र के ग्राम छपरा नदुआ से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने मानवता की सच्ची मिसाल पेश की है। यहां एक बीमार व्यक्ति, राम नक्षत्र उपाध्याय, जिसका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा था, कल देर रात अपनी अंतिम साँसें ली।
जब इस घटना की जानकारी सदर कोतवाल विनोद सिंह को मिली, तो उन्होंने तुरंत परिवार और गांव के लोगों को सूचना दी। लेकिन दुर्भाग्यवश, किसी भी परिजन या गांव का सदस्य अंतिम संस्कार के लिए नहीं पहुंचा।
सदर कोतवाल ने उठाया अनोखा कदम
परिस्थितियों को देखकर सदर कोतवाल विनोद सिंह ने मानवता का परिचय देते हुए खुद इस जिम्मेदारी को संभालने का निर्णय लिया। उन्होंने समाजसेवी लोगों की मदद से पंचनामा भरवाया और बीमार व्यक्ति का अंतिम संस्कार करने का बीड़ा उठाया।
सदर कोतवाल का यह कदम न केवल ग्रामवासियों के लिए बल्कि पूरे जिले के लोगों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया।
सोशल मीडिया में चर्चा का विषय
इस घटना की जानकारी सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई। लोग सदर कोतवाल के मानवीय दृष्टिकोण की तारीफ कर रहे हैं और इसे समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए मिसाल बता रहे हैं।
नेटिज़न्स ने लिखा कि ऐसे अधिकारी समाज में विश्वास और उम्मीद की किरण बनकर सामने आते हैं, जो न केवल कानून का पालन करते हैं बल्कि मानवता की सेवा में भी अग्रणी भूमिका निभाते हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया और समाज में संदेश
गांव के लोग भी इस कदम से प्रभावित हुए और उन्होंने कहा:
“कोतवाल साहब ने न केवल मृतक के प्रति सम्मान दिखाया बल्कि समाज में एक महान संदेश भी दिया कि मानवता सबसे बड़ी पूँजी है।”
विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिस विभाग में ऐसे अधिकारी समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
निष्कर्ष
राम नक्षत्र उपाध्याय का अंतिम संस्कार सदर कोतवाल विनोद सिंह और समाजसेवी लोगों की मदद से संपन्न हुआ। इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि कानून का पालन और मानवता का पालन दोनों साथ-साथ चल सकते हैं।
इस मानवीय पहल ने पूरे जिले में सराहना बटोरी और अधिकारियों के लिए एक प्रेरणास्त्रोत के रूप में सामने आई है।




