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Bihar Election 2025: क्या गृह मंत्री अमित शाह के तीन दिवसीय दौरे और जनसभा से बदलेगी चुनावी तस्वीर?

पटना, 16 अक्टूबर 2025:
बिहार विधानसभा चुनाव में जैसे-जैसे तारीखें नजदीक आ रही हैं, वैसे-वैसे सियासी सरगर्मियां भी तेज होती जा रही हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अब मैदान में पूरी ताकत से उतर चुकी है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के रणनीतिकार अमित शाह आज से तीन दिवसीय बिहार दौरे पर आ रहे हैं। यह दौरा 18 अक्टूबर तक चलेगा। बताया जा रहा है कि इस बार अमित शाह खुद नामांकन प्रक्रिया, चुनावी सभाओं और गठबंधन समन्वय की निगरानी करेंगे।

🔸 तीन दिन रहेंगे बिहार में, करेंगे कई अहम बैठकें

अमित शाह अपने इस दौरे में भाजपा के शीर्ष नेताओं और एनडीए के घटक दलों के साथ बैठक करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, शाह का यह दौरा बेहद रणनीतिक है क्योंकि हाल ही में सीट शेयरिंग के बाद कुछ सहयोगी दलों में नाराजगी की खबरें आई थीं। अमित शाह इन सभी दलों के बीच तालमेल और समन्वय को मजबूत करने की दिशा में पहल करेंगे।
सूत्र यह भी बता रहे हैं कि गृह मंत्री सीएम नीतीश कुमार से भी मुलाकात कर सकते हैं, ताकि एनडीए गठबंधन की अंदरूनी रणनीति को अंतिम रूप दिया जा सके।

🔸 नाराज सहयोगियों से भी करेंगे बात

भाजपा के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, सीट शेयरिंग को लेकर उपेंद्र कुशवाहा और चिराग पासवान जैसे कुछ नेताओं ने असंतोष जताया था। अमित शाह का यह दौरा इन नाराज नेताओं को मनाने और गठबंधन में एकजुटता का संदेश देने के लिए भी अहम माना जा रहा है।

🔸 नामांकन और जनसभा में लेंगे हिस्सा

अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान गृह मंत्री शाह भाजपा प्रत्याशियों के नामांकन कार्यक्रमों में शामिल होंगे और कई जगहों पर जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे। 17 अक्टूबर को वह बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ एक बड़ी समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में चुनावी तैयारियों की स्थिति, बूथ-स्तरीय प्रबंधन और प्रचार अभियान की रणनीति पर विस्तृत चर्चा होगी।

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बताया कि अमित शाह का दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब नामांकन प्रक्रिया और चुनाव प्रचार दोनों अपने चरम पर हैं। “उनके आने से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा और संगठन में जोश बढ़ेगा,” जायसवाल ने कहा।

🔸 101 उम्मीदवारों की लिस्ट पहले ही जारी

भाजपा अब तक तीन चरणों में कुल 101 उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुकी है। इस बार पार्टी ने युवा चेहरों और नई उम्मीदों पर भरोसा जताया है। लोकगायिका मैथिली ठाकुर और पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा को टिकट दिया गया है। वहीं, विधान परिषद सदस्य और मंत्री सम्राट चौधरी तथा मंगल पांडेय को भी चुनावी मैदान में उतारा गया है।

हालांकि पार्टी ने कुछ पुराने चेहरों का टिकट काट दिया है, जिनमें विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव, विधायक अरुण सिन्हा और पूर्व विधायक आशा सिन्हा शामिल हैं। भाजपा इस बार “नया जोश, नया चेहरा” के मंत्र के साथ मैदान में उतर रही है।

🔸 चुनाव प्रचार को नई गति देने की तैयारी

अमित शाह के दौरे को भाजपा और एनडीए के लिए एक बड़ा “मोमेंटम बिल्डर” माना जा रहा है। उनके आने से चुनाव प्रचार अभियान में नई तेजी आने की संभावना है।
भाजपा की योजना है कि शाह की रैलियों और सभाओं के जरिए प्रदेश में एक बार फिर “मोदी-शाह जोड़ी” का प्रभाव बनाया जाए और मतदाताओं के बीच पार्टी की छवि को और मजबूत किया जाए।

🔹 निष्कर्ष

बिहार में चुनावी बिसात पूरी तरह बिछ चुकी है। नीतीश कुमार, अमित शाह, और भाजपा-जदयू गठबंधन के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है। अमित शाह का यह दौरा न सिर्फ रणनीतिक है बल्कि भाजपा के लिए मनोबल बढ़ाने वाला भी साबित हो सकता है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि उनके आने के बाद एनडीए की चुनावी दिशा और विपक्ष के खिलाफ रणनीति किस तरह आकार लेती है।

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