
अमेरिकी शेयर बाजार में गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को भारी बिकवाली देखने को मिली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों के शेयरों में आई तेज गिरावट ने वॉल स्ट्रीट में हड़कंप मचा दिया। इस बिकवाली के कारण Nasdaq 100 के बाजार मूल्य से करीब 2.5 ट्रिलियन डॉलर साफ हो गए। वहीं, Nasdaq Composite में 5.52 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी बाजार में आई इस भारी गिरावट ने दुनियाभर के निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
Nasdaq में 5.52% की बड़ी गिरावट
गुरुवार के कारोबार में टेक्नोलॉजी शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। Nasdaq Composite 5.52 प्रतिशत टूटकर 24,315 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, बड़ी कंपनियों वाला Nasdaq 100 करीब 6.4 प्रतिशत गिर गया। यह गिरावट अप्रैल 2025 के बाद अमेरिकी टेक बाजार के लिए सबसे खराब कारोबारी सत्रों में से एक रही।
दूसरी ओर, S&P 500 इंडेक्स 4.36 प्रतिशत गिरकर 7,353.73 पर बंद हुआ। Dow Jones Industrial Average में भी 1,833 अंकों यानी करीब 3.44 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
अमेरिकी चुनाव के नतीजों से बढ़ी AI कंपनियों की चिंता
बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद पैदा हुई अनिश्चितता रही। डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत से निवेशकों को आशंका है कि AI कंपनियों और डेटा सेंटर निर्माण से जुड़े कारोबार पर सरकारी निगरानी और नियम सख्त हो सकते हैं।
विशेष रूप से डेटा सेंटर बनाने की योजनाओं पर संभावित रोक या कड़े नियमों की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया। AI उद्योग में अरबों डॉलर का निवेश करने वाली कंपनियों के भविष्य के मुनाफे को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
Nvidia और AMD के शेयरों में भारी बिकवाली
AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर की कंपनियों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। Nvidia के शेयर करीब 9 प्रतिशत टूट गए, जबकि AMD में लगभग 17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। Broadcom के शेयर भी करीब 10 प्रतिशत नीचे आ गए।
सेमीकंडक्टर कंपनियों के प्रमुख सूचकांक Philadelphia Semiconductor Index में करीब 12 प्रतिशत की गिरावट आई। इससे साफ हुआ कि निवेशक फिलहाल AI से जुड़ी कंपनियों में जोखिम कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
निवेशकों में बढ़ी घबराहट, VIX भी उछला
बाजार में तेज बिकवाली के बीच निवेशकों की घबराहट मापने वाला VIX इंडेक्स भी तेजी से ऊपर गया। Reuters के मुताबिक, VIX कारोबार के दौरान 28.36 तक पहुंच गया, जो कई महीनों का ऊंचा स्तर था। निवेशकों ने संभावित नुकसान से बचने के लिए सुरक्षा वाले विकल्पों की खरीदारी भी बढ़ाई।
विश्लेषकों का मानना है कि AI कंपनियों के ऊंचे मूल्यांकन, भारी निवेश और भविष्य में मिलने वाले रिटर्न को लेकर सवालों ने बिकवाली को और तेज किया।

भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है असर
अमेरिकी बाजार की कमजोरी का असर एशियाई शेयर बाजारों पर भी दिखाई दिया। ऐसे में भारतीय बाजार के निवेशक भी विदेशी बाजारों के संकेतों पर नजर रखेंगे। खासकर IT, टेक्नोलॉजी और AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
हालांकि, अमेरिकी बाजार में आई गिरावट का मतलब यह नहीं है कि भारतीय बाजार में भी उतनी ही गिरावट आएगी। घरेलू आर्थिक आंकड़े, विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री और कंपनियों के नतीजे भारतीय बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।




