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चीन के शिनजियांग में 5.0 तीव्रता का भूकंप, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर तक महसूस हुए झटके

चीन में 5.0 तीव्रता का भूकंप, लद्दाख और कश्मीर तक महसूस हुए झटके

चीन के शिनजियांग क्षेत्र में गुरुवार, 5 नवंबर 2026 की रात 5.0 तीव्रता का भूकंप आया। इसका असर भारत के लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी महसूस किया गया। रात के समय धरती में कंपन महसूस होने से स्थानीय लोगों में हलचल मच गई। कुछ लोग एहतियात के तौर पर घरों से बाहर निकल आए। भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने भूकंप की पुष्टि की है।

रात 10:26 बजे आया भूकंप

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, भूकंप 5 नवंबर की रात 10 बजकर 26 मिनट और 26 सेकंड पर दर्ज किया गया। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 मापी गई। भूकंप का केंद्र चीन के शिनजियांग क्षेत्र में था। इसकी गहराई जमीन से करीब 164 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई।

NCS के आंकड़ों के अनुसार, भूकंप का केंद्र लद्दाख के लेह से लगभग 167 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पूर्व दिशा में था। वहीं, कारगिल से इसकी दूरी करीब 214 किलोमीटर और पहलगाम से लगभग 310 किलोमीटर बताई गई है।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में महसूस हुए झटके

भूकंप के झटके जम्मू-कश्मीर घाटी और लद्दाख के कुछ इलाकों में महसूस किए जाने की खबरें सामने आईं। रात के समय कंपन महसूस होने पर लोगों में कुछ देर के लिए डर का माहौल बना। कई लोगों ने सावधानी बरतते हुए खुले स्थानों की ओर रुख किया।

हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं दी गई। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। भूकंप के बाद किसी भी तरह के नुकसान की पुष्टि के लिए आधिकारिक अपडेट महत्वपूर्ण होंगे।

हिमालयी क्षेत्र में क्यों आते हैं भूकंप?

लद्दाख और जम्मू-कश्मीर हिमालयी क्षेत्र का हिस्सा हैं। यह इलाका भूगर्भीय रूप से सक्रिय माना जाता है। भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के बीच लगातार होने वाली हलचल के कारण हिमालयी क्षेत्र में भूकंप आने की संभावना बनी रहती है।

जब धरती के भीतर चट्टानों पर दबाव बढ़ता है और ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है, तो भूकंपीय तरंगें पैदा होती हैं। यही तरंगें जमीन पर कंपन के रूप में महसूस होती हैं। भूकंप की तीव्रता के साथ उसकी गहराई और केंद्र से दूरी भी उसके प्रभाव को प्रभावित करती है।

भूकंप के दौरान क्या सावधानी बरतें?

भूकंप महसूस होने पर घबराने के बजाय सुरक्षित कदम उठाना जरूरी है।

  • घर के अंदर हों तो मजबूत मेज के नीचे बैठकर सिर और गर्दन को ढकें।
  • खिड़कियों, शीशों और भारी फर्नीचर से दूरी बनाए रखें।
  • लिफ्ट का इस्तेमाल न करें और झटके रुकने के बाद सीढ़ियों से बाहर निकलें।
  • खुले स्थान पर पहुंचने के बाद इमारतों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहें।
  • झटके बंद होने के बाद भी आफ्टरशॉक की आशंका को ध्यान में रखें।

फिलहाल चीन के शिनजियांग में आए इस भूकंप के बाद भारत के लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थिति से जुड़ी नई जानकारी के लिए राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र और स्थानीय प्रशासन के अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।

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