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EVM Checking 2027 : सिद्धार्थनगर में चुनाव 2027 की तैयारी तेज, 12 अक्टूबर से ईवीएम जांच शुरू

सिद्धार्थनगर में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज, 12 अक्टूबर से ईवीएम की होगी फर्स्ट लेवल चेकिंग

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज होने लगी हैं। चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन विभाग ने अपनी तैयारियों को गति देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में सिद्धार्थनगर में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) की प्रक्रिया 12 अक्टूबर से शुरू होगी। इस संबंध में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तैयारियों और जांच प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की।

जिलाधिकारी ने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया में ईवीएम की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से मशीनों की तकनीकी जांच निर्धारित प्रक्रिया के तहत कराई जाएगी। एफएलसी के दौरान ईवीएम की कार्यक्षमता को परखा जाएगा, ताकि चुनाव के समय किसी प्रकार की तकनीकी समस्या की आशंका को कम किया जा सके।

सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी जांच

जिलाधिकारी के मुताबिक, ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग की पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न कराई जाएगी। इससे जांच प्रक्रिया पर नजर रखी जा सकेगी और पारदर्शिता बनी रहेगी। एफएलसी के दौरान निर्वाचन आयोग के ऑब्जर्वर, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि तथा निर्वाचन कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगे।

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी का उद्देश्य प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और निर्वाचन आयोग के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप जांच सुनिश्चित करना है। प्रशासन की ओर से पूरी प्रक्रिया को तय मानकों के अनुसार संपन्न कराने की तैयारी की गई है।

135 प्रतिशत मशीनों की होगी एफएलसी

प्रशासन की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, निर्धारित योजना के तहत कुल 135 प्रतिशत मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग की जाएगी। इसके साथ ही ईवीएम की कार्यक्षमता और विश्वसनीयता को परखने के लिए पांच प्रतिशत मशीनों पर रैंडम मॉक पोल भी कराया जाएगा।

मॉक पोल के माध्यम से यह जांचने में मदद मिलेगी कि मशीनें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार काम कर रही हैं या नहीं। इस प्रक्रिया की निगरानी भारत निर्वाचन आयोग की ओर से की जाएगी। इससे चुनाव में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की जांच को लेकर निर्धारित मानकों के अनुपालन पर जोर दिया जाएगा।

जांच पूरी होने के बाद स्ट्रांग रूम में रखी जाएंगी मशीनें

एफएलसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तैयार ईवीएम को सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा। प्रशासन के अनुसार, मशीनों को सुरक्षित तरीके से सील किया जाएगा और उनकी निगरानी के लिए चौबीसों घंटे सुरक्षा व्यवस्था तथा सर्विलांस की व्यवस्था रहेगी।

स्ट्रांग रूम में ईवीएम की सुरक्षा निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य मशीनों को सुरक्षित रखना और चुनाव से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता की आशंका को रोकना है।

चुनाव को पारदर्शी बनाने पर प्रशासन का जोर

विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के तहत ईवीएम की एफएलसी को एक महत्वपूर्ण शुरुआती चरण माना जा रहा है। समय रहते मशीनों की जांच पूरी होने से चुनाव के दौरान तकनीकी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने में मदद मिलेगी। साथ ही, निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर रहेगा।

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से एफएलसी की प्रक्रिया और प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी दी। अब 12 अक्टूबर से शुरू होने वाली इस प्रक्रिया पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और निर्वाचन विभाग की नजर रहेगी। प्रशासन का प्रयास है कि चुनाव से संबंधित सभी तैयारियां निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी हों, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराए जा सकें।

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