
न्यूयॉर्क: रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में रूस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान जेलेंस्की ने दावा किया कि रूस अलग-अलग देशों के नागरिकों को अपनी सेना में भर्ती कर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में उतार रहा है। उन्होंने कहा कि भारत समेत 47 देशों के नागरिक इस युद्ध में रूस की ओर से लड़ रहे हैं। जेलेंस्की के मुताबिक, इनमें से कई लोगों को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर या धोखे से रूस लाया गया और बाद में युद्ध के मैदान में भेज दिया गया।
भारत के 227 नागरिक रूसी सेना में भर्ती
जेलेंस्की के बयान के बीच भारत के विदेश मंत्रालय के आंकड़े भी इस मामले की गंभीरता को सामने रखते हैं। विदेश सचिव विक्रम मिसरी के अनुसार, अब तक 227 भारतीय नागरिकों के रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से 139 भारतीयों को रूसी सेना से डिस्चार्ज किया जा चुका है, जबकि 51 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है। बाकी भारतीय नागरिकों की जल्द रिहाई और स्वदेश वापसी के लिए भारत सरकार रूस के साथ लगातार बातचीत कर रही है।
भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, इस मुद्दे को रूस के साथ अलग-अलग स्तरों पर उठाया गया है। नई दिल्ली का प्रयास है कि रूसी सेना में अभी भी मौजूद भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द बाहर निकालकर भारत वापस लाया जाए।
जेलेंस्की ने भारत समेत कई देशों से की अपील
जेलेंस्की ने अपने संबोधन में भारत के अलावा घाना, नेपाल, ताजिकिस्तान, यमन, केन्या, जिम्बाब्वे, क्यूबा, बेलारूस, सूडान और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों का भी उल्लेख किया। उनका आरोप है कि इन देशों के नागरिकों को रूस की ओर से युद्ध में इस्तेमाल किया जा रहा है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने संबंधित देशों से अपने नागरिकों को युद्ध में शामिल होने से रोकने और रूस पर दबाव बढ़ाने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि रूस की युद्ध क्षमता को सीमित करने के लिए उसकी आर्थिक आय और युद्ध के वित्तपोषण पर असर डालना जरूरी है।
भारत, चीन और तुर्किये से ऊर्जा कारोबार घटाने की अपील
जेलेंस्की ने रूस की ऊर्जा बिक्री को लेकर भी भारत, चीन और तुर्किये का जिक्र किया। उन्होंने इन देशों से रूस के साथ ऊर्जा कारोबार कम करने की अपील की। उनका कहना है कि रूस की ऊर्जा से होने वाली आय उसकी युद्ध क्षमता को बनाए रखने में मदद करती है।
वहीं, भारत लंबे समय से कहता रहा है कि उसकी ऊर्जा खरीद देश की जरूरतों, बाजार परिस्थितियों और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े हितों के आधार पर होती है।
उत्तर कोरिया पर भी लगाया रूस की मदद का आरोप
जेलेंस्की ने उत्तर कोरिया को लेकर भी रूस के साथ सैन्य सहयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया ने रूस की सहायता के लिए सैनिक भेजे हैं और इसके बदले उसे आधुनिक सैन्य तकनीक हासिल हो रही है। जेलेंस्की ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन तकनीक से संबंधित सहयोग का भी दावा किया।
उन्होंने यह भी बताया कि यूक्रेन के कब्जे में आए दो उत्तर कोरियाई युद्धबंदियों को दक्षिण कोरिया भेजा गया है।
सर्दियों से पहले रूस को जेलेंस्की की चेतावनी
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने रूस की ओर से यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर होने वाले हमलों का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि अगर ऐसे हमले जारी रहे तो यूक्रेन भी रूस की ऊर्जा और हीटिंग सुविधाओं को निशाना बना सकता है।
जेलेंस्की का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने को लेकर समझौते की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाने वाले हमलों को रोकने के लिए समझौते की जरूरत की बात कह चुके हैं।

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारतीय नागरिकों की भर्ती और उनकी मौत का मुद्दा भारत के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। नई दिल्ली रूस के साथ बातचीत के जरिए बाकी भारतीय नागरिकों की रिहाई और सुरक्षित वापसी की कोशिश कर रही है।




