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Tejas Mk1A Delay : तेजस एमके वन ए की डिलीवरी सॉफ्टवेयर समस्या से अटकी

तेजस Mk1A की डिलीवरी में क्यों हो रही देरी? HAL ने बताई वजह, सॉफ्टवेयर सुधार के बाद शुरू होगी सप्लाई

बेंगलुरु: भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस Mk1A की भारतीय वायुसेना को होने वाली डिलीवरी फिलहाल सॉफ्टवेयर से जुड़ी तकनीकी चुनौतियों के कारण प्रभावित हुई है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर रवि कुमार ने शुक्रवार को बताया कि विमान के परीक्षण के दौरान कुछ सॉफ्टवेयर संबंधी समस्याएं सामने आई हैं, जिन पर कंपनी की टीम काम कर रही है। हालांकि, उन्होंने डिलीवरी शुरू होने की कोई निश्चित तारीख बताने से इनकार किया।

रवि कुमार के मुताबिक, किसी भी विमान को ग्राहक को सौंपने से पहले उसका परीक्षण और सभी जरूरी तकनीकी प्रक्रियाओं को पूरा करना आवश्यक है। तेजस Mk1A के मामले में भी परीक्षण के दौरान सामने आई तकनीकी समस्याओं को दूर करने के लिए सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं। HAL का कहना है कि सुधार का काम पूरा होने के बाद ही विमानों की आपूर्ति शुरू की जाएगी।

सॉफ्टवेयर में बदलाव के कारण प्रभावित हुई डिलीवरी

HAL प्रमुख ने कहा कि आधुनिक लड़ाकू विमानों में सॉफ्टवेयर की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। परीक्षण के दौरान अलग-अलग परिस्थितियों में विमान की प्रणालियों की जांच की जाती है और इस दौरान कुछ बदलावों की जरूरत सामने आ सकती है। उन्होंने कहा कि कंपनी इन समस्याओं को दूर करने के लिए तेजी से काम कर रही है, लेकिन फिलहाल कोई समयसीमा तय करना उचित नहीं होगा।

तेजस Mk1A को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू बेड़े के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्यक्रम माना जाता है। विमान में आधुनिक एवियोनिक्स, हथियार प्रणालियों और डिजिटल तकनीकों को शामिल किया गया है। ऐसे में सॉफ्टवेयर का सही तरीके से काम करना विमान की परिचालन क्षमता के लिए अहम है।

HTT-40 की डिलीवरी 4-5 साल में पूरी करने की तैयारी

HAL ने बेसिक ट्रेनर विमान HTT-40 को लेकर भी अपनी योजना साझा की है। भारतीय वायुसेना के लिए ऑर्डर किए गए 70 HTT-40 विमानों की डिलीवरी अगले चार से पांच वर्षों में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

कंपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र की कंपनियों की मदद भी ले रही है। गैर-मुख्य निर्माण कार्यों को निजी उद्योग को सौंपने के साथ-साथ अलग-अलग उत्पादन लाइनों में भी निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाई जा रही है। इसका उद्देश्य सप्लाई चेन को मजबूत करना और उत्पादन में संभावित रुकावटों को कम करना है।

CATS Warrior का प्रोटोटाइप निर्माण शुरू

HAL ने भविष्य की मानवरहित युद्ध प्रणाली को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। कंपनी ने CATS Warrior के स्वायत्त ड्रोन के प्रोटोटाइप का निर्माण शुरू कर दिया है। HAL की योजना अगले साल इसके प्रमाणन की दिशा में आगे बढ़ने की है।

CATS Warrior को ऐसे मानवरहित प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो भविष्य में मानवयुक्त लड़ाकू विमानों के साथ मिलकर अभियान में हिस्सा ले सके। इसे ‘लॉयल विंगमैन’ अवधारणा से जोड़कर देखा जाता है।

Hawk के विकल्प के रूप में LCA LIFT पर जोर

भारतीय वायुसेना के मौजूदा Hawk Advanced Jet Trainer बेड़े के भविष्य के विकल्पों को लेकर भी HAL काम कर रहा है। कंपनी अपने LCA LIFT यानी Lead-In Fighter Trainer कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है। इसका उद्देश्य पायलटों को लड़ाकू विमानों की ओर बढ़ने से पहले आधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।

पवन हंस को मिलेंगे 10 ध्रुव NG हेलीकॉप्टर

HAL ने पवन हंस लिमिटेड के साथ 10 ध्रुव NG हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति का अनुबंध भी किया है। कंपनी के अनुसार, चार हेलीकॉप्टर तत्काल उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जबकि चार अन्य दिसंबर तक सौंपने की योजना है। बाकी हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी अगले वित्त वर्ष में पूरी करने का लक्ष्य है।

ध्रुव NG करीब 5.5 टन श्रेणी का दो इंजन वाला बहुउद्देश्यीय हेलीकॉप्टर है। इसमें अधिकतम 14 यात्रियों के बैठने की क्षमता बताई गई है। इसका इस्तेमाल यात्री परिवहन, वीआईपी सेवा, एयर एंबुलेंस, ऑफशोर ऑपरेशन और आपदा राहत जैसे विभिन्न कार्यों में किया जा सकता है।

HTT-40 से होगी शुरुआती पायलट ट्रेनिंग

HTT-40 को भारतीय रक्षा सेवाओं की शुरुआती पायलट ट्रेनिंग को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इसमें करीब 57 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री है और 1,100 हॉर्सपावर का टर्बोप्रॉप इंजन लगाया गया है। विमान की अधिकतम गति करीब 300 नॉट्स और सर्विस सीलिंग 6,000 मीटर बताई गई है।

HAL के मुताबिक, HTT-40 ने विकास और परीक्षण के दौरान विभिन्न परिस्थितियों में अपनी प्रणालियों का मूल्यांकन पूरा किया है। ऐसे में तेजस Mk1A के साथ-साथ HTT-40 और अन्य स्वदेशी प्लेटफॉर्म भी भारत की रक्षा विमान निर्माण क्षमता को आगे बढ़ाने वाले प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल हैं।

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