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Mayawati Politics : आकाश आनंद पर मायावती की नरमी, अशोक सिद्धार्थ पर सख्ती से बढ़ा सियासी कन्फ्यूजन

आकाश आनंद को लेकर मायावती के रुख में नरमी क्यों? अशोक सिद्धार्थ पर सख्ती से बढ़ा सियासी कन्फ्यूजन

बहुजन समाज पार्टी (BSP) में इन दिनों पार्टी प्रमुख मायावती के लगातार बदलते फैसले राजनीतिक चर्चा का बड़ा केंद्र बने हुए हैं। खासतौर पर उनके बड़े भतीजे आकाश आनंद को लेकर मायावती के रुख में दिखाई दे रहे बदलाव ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी की जिम्मेदारियों से दूर किया, वहीं दूसरी ओर उनकी ओर से तबीयत पूछने के लिए किए गए फोन को मायावती ने अच्छी नीयत का संकेत बताया। इससे यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या आकाश को लेकर मायावती के मन में अब भी नरमी की गुंजाइश है।

आकाश आनंद के फोन का मायावती ने किया जिक्र

लखनऊ में रविवार को हुई प्रेस ब्रीफिंग में मायावती ने बताया कि आकाश आनंद ने उनकी तबीयत के बारे में जानकारी लेने के लिए फोन किया था। उन्होंने पूछा था कि मायावती की तबीयत कैसी है और कहीं वह बीमार तो नहीं हैं। बताया गया कि आकाश ने जिस व्यक्ति से उनकी तबीयत के बारे में पूछा, उससे यह भी कहा कि इस बात की जानकारी मायावती को न दी जाए।

इसके बावजूद मायावती ने आकाश की इस चिंता को पूरी तरह खारिज नहीं किया। उन्होंने इसे उनकी अच्छी नीयत का संकेत बताया। मायावती के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है कि आकाश के लिए पार्टी का दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।

हालांकि, फिलहाल ऐसा कोई स्पष्ट संकेत नहीं है कि आकाश आनंद को दोबारा पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलने जा रही है। मायावती ने उन्हें लेकर अपने पुराने फैसले को वापस लेने की घोषणा भी नहीं की है।

अशोक सिद्धार्थ पर क्यों सख्त हैं मायावती?

आकाश आनंद के साथ मायावती के रिश्तों के बीच अशोक सिद्धार्थ का नाम भी लगातार चर्चा में है। पार्टी के भीतर यह सवाल उठ रहा है कि मायावती अशोक सिद्धार्थ को लेकर इतनी सख्त क्यों दिखाई दे रही हैं।

एक समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर दावा किया कि मायावती के मन में यह आशंका पैदा की गई है कि उनके बाद आकाश आनंद के जरिए अशोक सिद्धार्थ पार्टी पर अपना प्रभाव बढ़ा सकते हैं। इसी वजह से मायावती का रुख लगातार असमंजस भरा नजर आ रहा है।

हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन BSP के भीतर चल रही घटनाओं ने इस चर्चा को जरूर हवा दी है।

परिवारवाद पर मायावती का बड़ा संदेश

मायावती ने हालिया बयान में परिवारवाद को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यदि उनके परिवार में पार्टी को संभालने योग्य व्यक्ति नहीं मिला तो BSP की कमान किसी योग्य दलित नेता को सौंपी जा सकती है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और कांशीराम के विचारों का भी उल्लेख किया।

इसके बावजूद आकाश आनंद का नाम पूरी तरह राजनीतिक चर्चा से बाहर नहीं हुआ है। वहीं दूसरे भतीजे ईशान को पार्टी से बाहर करने और भाई आनंद कुमार की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। भतीजी दीपिका को लेकर भी BSP के भीतर चर्चाएं जारी हैं।

2027 चुनाव से पहले BSP के सामने बड़ी चुनौती

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BSP के लिए संगठनात्मक स्पष्टता बेहद महत्वपूर्ण है। मायावती के फैसलों को लेकर यदि पार्टी नेताओं और कैडर में लगातार असमंजस बना रहता है तो इसका असर चुनावी रणनीति पर पड़ सकता है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि मायावती आकाश आनंद को लेकर आगे क्या फैसला करती हैं। क्या आकाश की पार्टी में वापसी होगी या मायावती किसी नए चेहरे को भविष्य की जिम्मेदारी सौंपेंगी? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में BSP की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।

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