
काठमांडू: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है और राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। इस मुश्किल समय में भारत ने अपने पड़ोसी देश नेपाल के लिए मानवीय सहायता का दायरा बढ़ाते हुए बड़ी मात्रा में राहत सामग्री और विशेषज्ञों की टीम भेजी है। भारत की ओर से अब तक 130 टन से अधिक राहत सामग्री नेपाल पहुंचाई जा चुकी है। इसके अलावा बचाव और राहत कार्यों में मदद के लिए 54 भारतीय विशेषज्ञों को भी तैनात किया गया है।
भारत की ओर से भेजी जा रही सहायता में आपदा राहत से जुड़ी जरूरी सामग्री के साथ बचाव अभियान में इस्तेमाल होने वाले उपकरण शामिल हैं। भारतीय विशेषज्ञ नेपाल में स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान को गति देने में सहयोग कर रहे हैं। इनमें सुरंग बचाव, फोरेंसिक और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ भी शामिल हैं।
आठ विशेष उड़ानों से पहुंचाई गई राहत सामग्री
भारत ने 26 अगस्त से नेपाल के लिए राहत अभियान शुरू किया है। अब तक भारतीय वायुसेना की कई विशेष उड़ानों के जरिए राहत सामग्री नेपाल भेजी गई है। हालिया सहायता के तहत भारतीय वायुसेना की आठवीं उड़ान भी राहत सामग्री लेकर नेपाल पहुंची है। इस उड़ान के जरिए करीब 35 टन सामग्री भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
नेपाल में बाढ़ के कारण सड़क, पुल और दूसरी जरूरी आधारभूत सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। ऐसे में कई प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाना बड़ी चुनौती बन गया है। दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों तक भोजन, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने के लिए नेपाल की एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं।
बचाव अभियान में विशेषज्ञों की अहम भूमिका
भारत द्वारा भेजी गई 54 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम राहत अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। टीम में ऐसे विशेषज्ञ शामिल हैं, जिन्हें कठिन परिस्थितियों में बचाव अभियान चलाने और आपदा के बाद जरूरी तकनीकी कार्य करने का अनुभव है। भारतीय टीम नेपाल की संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर काम कर रही है।
नेपाल में आई इस आपदा का असर केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा है। बाढ़ और उससे जुड़ी तबाही ने बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित किया है और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। ऐसे समय में भारत की ओर से लगातार भेजी जा रही सहायता दोनों देशों के बीच मानवीय सहयोग को भी दर्शाती है।

भारत सरकार ने संकेत दिया है कि नेपाल को जरूरत के अनुसार आगे भी सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है। राहत सामग्री के साथ तकनीकी विशेषज्ञता और बचाव उपकरणों की मदद से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को तेज करने की कोशिश की जा रही है।




