
नई दिल्ली: अगर आप अपनी बचत को सुरक्षित निवेश के साथ बेहतर रिटर्न में बदलना चाहते हैं, तो फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक माना जाता है। देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) अपने ग्राहकों को 12 महीने की एफडी पर आकर्षक ब्याज दरें दे रहा है। खास बात यह है कि बैंक वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) और अति वरिष्ठ नागरिकों (Super Senior Citizens) को सामान्य ग्राहकों की तुलना में अधिक ब्याज का लाभ भी प्रदान कर रहा है।

यदि आप 1 साल की एफडी कराने की योजना बना रहे हैं, तो निवेश से पहले यह जानना जरूरी है कि आपकी उम्र के अनुसार बैंक कितना ब्याज दे रहा है और किन लोगों को अतिरिक्त लाभ मिल रहा है।
12 महीने की FD पर SBI कितना ब्याज दे रहा है?
भारतीय स्टेट बैंक की मौजूदा ब्याज दरों के अनुसार, 3 करोड़ रुपये से कम की फिक्स्ड डिपॉजिट पर 12 महीने (1 वर्ष) की अवधि के लिए अलग-अलग श्रेणियों के ग्राहकों को अलग ब्याज मिलता है।
- सामान्य ग्राहक (60 वर्ष से कम): 6.25% वार्षिक ब्याज
- वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष या अधिक): 6.75% वार्षिक ब्याज
- अति वरिष्ठ नागरिक (80 वर्ष या अधिक): 6.85% वार्षिक ब्याज
यानी वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में 0.50 प्रतिशत अधिक ब्याज मिलता है, जबकि 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले ग्राहकों को वरिष्ठ नागरिकों के मुकाबले भी 0.10 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज का लाभ दिया जा रहा है।
वरिष्ठ नागरिकों को क्यों मिलता है अतिरिक्त ब्याज?
बैंकों का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनकी रिटायरमेंट के बाद नियमित और सुरक्षित आय का विकल्प उपलब्ध कराना होता है। इसी कारण अधिकांश बैंक वरिष्ठ नागरिकों को एफडी पर अतिरिक्त ब्याज देते हैं।
SBI भी इसी नीति के तहत वरिष्ठ नागरिकों को विशेष लाभ देता है, जिससे उनकी जमा राशि पर सामान्य ग्राहकों की तुलना में अधिक रिटर्न मिलता है। इससे बुजुर्ग निवेशकों की मासिक या वार्षिक आय में बढ़ोतरी होती है और उनका निवेश अधिक लाभदायक बन जाता है।
अति वरिष्ठ नागरिकों को मिलता है सबसे ज्यादा फायदा
भारतीय स्टेट बैंक ने 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के ग्राहकों के लिए भी अलग श्रेणी बनाई है। ऐसे ग्राहकों को 12 महीने की एफडी पर 6.85 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है, जो बैंक की इस अवधि की सबसे अधिक ब्याज दरों में शामिल है।
ब्याज दरें किन जमाओं पर लागू हैं?
SBI की ये ब्याज दरें केवल 3 करोड़ रुपये से कम की घरेलू फिक्स्ड डिपॉजिट पर लागू हैं। यदि निवेश राशि इससे अधिक होती है, तो बैंक की अलग ब्याज दरें लागू होती हैं।
आखिरी बार कब बदली थीं SBI की FD ब्याज दरें?
भारतीय स्टेट बैंक ने दिसंबर 2025 में अपनी एफडी ब्याज दरों में आखिरी बार संशोधन किया था। इसके बाद से बैंक ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है और फिलहाल यही दरें ग्राहकों को मिल रही हैं।
RBI के रेपो रेट फैसले का FD पर क्या असर पड़ता है?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी हालिया मौद्रिक नीति समीक्षा में लगातार चौथी बार रेपो रेट को स्थिर रखने का फैसला किया है। इससे पहले दिसंबर 2025 में केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर इसे 5.25 प्रतिशत किया था।
रेपो रेट का सीधा असर बैंकों की उधारी और जमा योजनाओं पर पड़ता है।
- जब RBI रेपो रेट बढ़ाता है, तो बैंकों की लोन और एफडी दोनों की ब्याज दरें बढ़ने की संभावना रहती है।
- वहीं, रेपो रेट घटने पर होम लोन, कार लोन समेत अन्य ऋण सस्ते हो सकते हैं, लेकिन इसके साथ एफडी पर मिलने वाला ब्याज भी कम हो सकता है।
चूंकि इस बार RBI ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है, इसलिए फिलहाल SBI की एफडी ब्याज दरों में भी कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है।
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
एफडी में निवेश करने से पहले अपनी जरूरत, निवेश अवधि और ब्याज दरों की तुलना जरूर करें। यदि आपकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है, तो वरिष्ठ नागरिक श्रेणी का लाभ लेकर सामान्य ग्राहकों की तुलना में अधिक रिटर्न प्राप्त किया जा सकता है। वहीं 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के निवेशकों के लिए SBI की अतिरिक्त ब्याज सुविधा निवेश को और अधिक लाभदायक बनाती है।
सुरक्षित निवेश, निश्चित रिटर्न और सरकारी बैंक की विश्वसनीयता के कारण SBI की फिक्स्ड डिपॉजिट आज भी लाखों निवेशकों की पहली पसंद बनी हुई है।




