
कोलंबो: लंका प्रीमियर लीग में भारतीय क्रिकेटर विजय शंकर का बल्ला एक बार फिर खामोश नजर आया। जाफना किंग्स और कैंडी रॉयल्स के बीच खेले गए मुकाबले में कैंडी रॉयल्स को जीत के लिए आखिरी ओवर में 22 रन की जरूरत थी। क्रीज पर विजय शंकर मौजूद थे और उनसे टीम को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन वह इन उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। आखिरी ओवर की पहली पांच गेंदों पर वह कोई रन नहीं बना सके और छठी गेंद पर आउट हो गए। इस तरह पूरे ओवर में उनके बल्ले से एक भी रन नहीं निकला और कैंडी रॉयल्स लक्ष्य से दूर रह गई।

विजय शंकर हाल ही में आईपीएल और भारतीय घरेलू क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर चुके हैं। इसके बाद उन्होंने लंका प्रीमियर लीग में खेलने का फैसला किया। हालांकि इस टी20 लीग में भी अब तक उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक प्रभावी नहीं रहा है।
जाफना किंग्स ने खड़ा किया 221 रन का बड़ा स्कोर
30 जुलाई को जाफना किंग्स और कैंडी रॉयल्स के बीच खेले गए मुकाबले में जाफना किंग्स ने पहले बल्लेबाजी की। टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 221 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।
जाफना की बल्लेबाजी के सामने कैंडी रॉयल्स के गेंदबाज संघर्ष करते नजर आए। 222 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कैंडी रॉयल्स ने शुरुआत से ही रन बनाने की कोशिश की, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे।
इसके बावजूद टीम ने मुकाबले को आखिरी ओवर तक पहुंचा दिया और 19 ओवर पूरे होने के बाद उसके स्कोरबोर्ड पर 9 विकेट के नुकसान पर 200 रन थे।
इसका मतलब था कि कैंडी रॉयल्स को जीत के लिए आखिरी छह गेंदों में 22 रन बनाने थे।
आखिरी ओवर में विजय शंकर से थी बड़ी उम्मीद
कैंडी रॉयल्स की ओर से आखिरी ओवर में विजय शंकर स्ट्राइक पर थे। वह इससे पहले 15 गेंदों में 25 रन बना चुके थे। ऐसे में टीम को उम्मीद थी कि विजय अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए आखिरी ओवर में जरूरी बड़े शॉट खेलेंगे।
लेकिन आखिरी ओवर पूरी तरह विजय शंकर के खिलाफ चला गया।
ओवर की पहली गेंद से लेकर पांचवीं गेंद तक विजय शंकर कोई रन नहीं बना सके। लगातार पांच गेंदें खाली जाने के बाद आखिरी गेंद पर उन्होंने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले पर सही तरीके से नहीं आई और वह अपना विकेट गंवा बैठे।
इस तरह जिस ओवर में टीम को 22 रन की जरूरत थी, उसमें कैंडी रॉयल्स के खाते में एक भी रन नहीं जुड़ा और विजय शंकर आखिरी गेंद पर आउट होकर पवेलियन लौट गए।
दिलशान मधुश्का की शानदार गेंदबाजी
आखिरी ओवर में गेंदबाजी की जिम्मेदारी दिलशान मधुश्का के हाथों में थी। उन्होंने दबाव की स्थिति में बेहद प्रभावी गेंदबाजी की और विजय शंकर जैसे अनुभवी बल्लेबाज को खुलकर शॉट खेलने का मौका नहीं दिया।
पहली पांच गेंदों पर रन रोकने के बाद आखिरी गेंद पर विकेट हासिल करना मधुश्का के लिए शानदार प्रदर्शन रहा। उनके इस ओवर ने जाफना किंग्स की जीत लगभग पक्की कर दी।
कैंडी रॉयल्स के लिए मुकाबला बेहद करीब पहुंचने के बाद इस तरह खत्म होना निराशाजनक रहा। खासकर आखिरी ओवर में 22 रन की जरूरत होने के बावजूद एक भी रन नहीं बन पाना टीम के लिए बड़ा झटका साबित हुआ।
आईपीएल और घरेलू क्रिकेट से ले चुके हैं संन्यास
विजय शंकर ने 22 मई 2026 को आईपीएल और भारतीय घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान किया था। इसके बाद उन्होंने लंका प्रीमियर लीग में खेलने का रुख किया।
विजय शंकर भारतीय क्रिकेट में एक ऑलराउंडर के तौर पर जाने जाते रहे हैं। वह बल्लेबाजी के साथ-साथ मध्यम गति की गेंदबाजी भी कर सकते थे। अपने करियर के दौरान उन्होंने भारतीय टीम के अलावा आईपीएल में भी कई टीमों का प्रतिनिधित्व किया।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका करियर बहुत लंबा नहीं रहा और वह टीम इंडिया में अपनी जगह लगातार बनाए रखने में कामयाब नहीं हो सके।
2019 विश्व कप टीम का भी हिस्सा थे विजय शंकर
विजय शंकर ने भारत के लिए अपना वनडे डेब्यू जनवरी 2019 में किया था। उसी साल वह भारतीय टीम के साथ वनडे विश्व कप में भी गए थे।
विश्व कप के दौरान उन्हें टीम के लिए महत्वपूर्ण विकल्प के तौर पर देखा गया था। हालांकि टूर्नामेंट में वह अपनी बल्लेबाजी से कोई बड़ा प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रहे।
उनका वनडे करियर भी ज्यादा लंबा नहीं चला और जून 2019 में उन्होंने भारत के लिए अपना आखिरी वनडे मैच खेला।
इससे पहले विजय शंकर ने 2018 में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था। 2019 में उन्होंने भारत के लिए अपना आखिरी टी20 इंटरनेशनल मैच खेला।
भारत के लिए ऐसा रहा विजय शंकर का रिकॉर्ड
विजय शंकर ने भारतीय टीम के लिए कुल 12 वनडे मुकाबले खेले। इन मैचों में उन्होंने 223 रन बनाए। उनके वनडे करियर में कोई शतक या अर्धशतक दर्ज नहीं है।
टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने भारत के लिए 9 मैच खेले और कुल 101 रन बनाए।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सीमित मौकों के बावजूद विजय शंकर को एक उपयोगी ऑलराउंडर के तौर पर देखा गया था। हालांकि वह लंबे समय तक भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए।
अब अलग-अलग लीग में नजर आएंगे विजय शंकर
आईपीएल और भारतीय घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अब विजय शंकर का फोकस विदेशी टी20 लीग में खेलने पर है। लंका प्रीमियर लीग में वह कैंडी रॉयल्स के लिए खेल रहे हैं।
हालांकि मौजूदा टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन अभी तक बहुत प्रभावी नहीं रहा है। जाफना किंग्स के खिलाफ मुकाबले में भी जब टीम को आखिरी ओवर में 22 रन की जरूरत थी, तब उनके पास मैच जिताने का मौका था।
लेकिन पांच गेंदों पर रन नहीं बना पाने और छठी गेंद पर आउट होने के कारण वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके।
आखिरी ओवर का यह प्रदर्शन लंबे समय तक रहेगा याद
टी20 क्रिकेट में आखिरी ओवर में 22 रन का लक्ष्य मुश्किल जरूर होता है, लेकिन असंभव नहीं। ऐसे समय में बल्लेबाज से बड़े शॉट और तेजी से रन बनाने की उम्मीद रहती है। विजय शंकर के पास अनुभव भी था और वह पहले ही 15 गेंदों पर 25 रन बना चुके थे।
इसके बावजूद आखिरी छह गेंदों में उनका बल्ला पूरी तरह शांत रहा। पांच गेंदों पर कोई रन नहीं बना और आखिरी गेंद पर विकेट गंवाने के साथ ही कैंडी रॉयल्स की जीत की उम्मीद भी खत्म हो गई।
विजय शंकर के लिए अब चुनौती यह होगी कि लंका प्रीमियर लीग के बचे हुए मुकाबलों में वह अपने प्रदर्शन में सुधार करें और बल्ले से टीम के लिए ज्यादा प्रभाव डालें। भारतीय क्रिकेट से संन्यास के बाद विदेशी लीग में उनका प्रदर्शन ही अब उनके टी20 करियर के अगले अध्याय की तस्वीर तय करेगा।




