टॉप न्यूज़व्यापार

Juniper IPO : जूनिपर ग्रीन एनर्जी का ₹1800 करोड़ आईपीओ 30 जुलाई से खुलेगा, प्राइस बैंड हुआ तय

Juniper Green Energy IPO: ₹1,800 करोड़ का इश्यू 30 जुलाई से खुलेगा, ₹214-225 तय हुआ प्राइस बैंड; जानें निवेशकों के लिए क्यों है अहम

नई दिल्ली: देश में तेजी से बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के बीच Juniper Green Energy अपना बहुप्रतीक्षित ₹1,800 करोड़ का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लेकर आ रही है। कंपनी ने अपने IPO के लिए ₹214 से ₹225 प्रति इक्विटी शेयर का प्राइस बैंड तय कर दिया है। यह पब्लिक इश्यू 30 जुलाई से निवेशकों के लिए खुलेगा, जबकि एंकर निवेशक 29 जुलाई को बोली लगा सकेंगे। आम निवेशकों के लिए सब्सक्रिप्शन 3 अगस्त तक खुला रहेगा। कंपनी के शेयरों की 6 अगस्त को BSE और NSE पर लिस्टिंग प्रस्तावित है।

अपर प्राइस बैंड ₹225 प्रति शेयर के आधार पर कंपनी का अनुमानित मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹12,802 करोड़ होगा। ऐसे समय में जब भारत में स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश तेजी से बढ़ रहा है, Juniper Green Energy का IPO बाजार की सबसे चर्चित पेशकशों में शामिल माना जा रहा है।

पूरी तरह फ्रेश इश्यू, कोई प्रमोटर नहीं बेचेगा शेयर

यह IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू है। यानी कंपनी इस इश्यू के जरिए ₹1,800 करोड़ जुटाएगी और इसमें किसी भी मौजूदा शेयरधारक या प्रमोटर की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं है। इसका मतलब है कि जुटाई गई पूरी राशि सीधे कंपनी के पास जाएगी और इसका उपयोग कारोबार के विस्तार तथा वित्तीय स्थिति मजबूत करने में किया जाएगा।

गौरतलब है कि कंपनी ने पहले सेबी के पास दाखिल ड्राफ्ट दस्तावेजों में ₹3,000 करोड़ तक जुटाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन बाद में इश्यू का आकार घटाकर ₹1,800 करोड़ कर दिया गया।

IPO से मिली रकम का कैसे होगा इस्तेमाल?

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि IPO से प्राप्त धनराशि का बड़ा हिस्सा कर्ज कम करने और अपनी सहयोगी कंपनियों को मजबूत करने में लगाया जाएगा।

  • ₹683.24 करोड़ का उपयोग कंपनी अपने मौजूदा कर्ज के भुगतान या प्री-पेमेंट में करेगी।
  • ₹728.69 करोड़ अपनी तीन सहायक कंपनियों—Juniper Green Gamma One, Juniper Green Kite और Juniper Green Power Five—में निवेश किए जाएंगे, ताकि वे भी अपने बकाया कर्ज का भुगतान कर सकें।
  • शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों, संचालन और भविष्य की व्यावसायिक योजनाओं के लिए किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि कर्ज घटने से कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होगी और भविष्य में विस्तार योजनाओं को गति मिलेगी।

निवेशकों के लिए कितना आरक्षण?

SEBI के नियमों के अनुसार IPO में विभिन्न निवेशक वर्गों के लिए अलग-अलग हिस्सेदारी तय की गई है।

  • 50% हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों (QIBs) के लिए आरक्षित रहेगा।
  • 15% हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों (NIIs/HNIs) के लिए रखा गया है।
  • 35% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित रहेगा।

इसके अलावा कंपनी ने ₹2 करोड़ तक के शेयर पात्र कर्मचारियों के लिए सुरक्षित रखे हैं। कर्मचारियों को ₹21 प्रति शेयर की विशेष छूट भी मिलेगी।

कौन संभाल रहा है IPO?

इस सार्वजनिक निर्गम के लिए ICICI Securities, HSBC Securities, JM Financial और Kotak Mahindra Capital को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है। वहीं KFin Technologies इस IPO की आधिकारिक रजिस्ट्रार होगी।

क्या करती है Juniper Green Energy?

गुरुग्राम मुख्यालय वाली Juniper Green Energy भारत की प्रमुख रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में से एक है। कंपनी सोलर, विंड, हाइब्रिड और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) परियोजनाओं का विकास, निर्माण और संचालन करती है।

कंपनी को सिंगापुर स्थित AT Capital Group का समर्थन प्राप्त है। हाल के वर्षों में Juniper Green Energy ने राजस्थान में भारत की पहली 100 MWh मर्चेंट बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) परियोजना शुरू की है। इसके साथ ही कंपनी Firm and Dispatchable Renewable Energy (FDRE) परियोजनाओं पर भी तेजी से काम कर रही है, जिनमें सोलर, विंड और बैटरी स्टोरेज तकनीक का संयोजन किया जाता है।

क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है यह IPO?

भारत सरकार वर्ष 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में बड़े विस्तार का लक्ष्य लेकर चल रही है। ऐसे में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों के लिए निवेश और विस्तार के नए अवसर बन रहे हैं। Juniper Green Energy का IPO ऐसे समय में आ रहा है जब रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है।

हालांकि, किसी भी IPO में निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कर्ज, ऑर्डर बुक, भविष्य की विकास योजनाओं और जोखिमों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करना जरूरी है। केवल ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) या बाजार की चर्चाओं के आधार पर निवेश का निर्णय लेना उचित नहीं माना जाता।

Related Articles

Back to top button