खेलटॉप न्यूज़

Kalra Arrested : विश्व कप हीरो मनजोत कालरा श्रीलंका में रिश्वत आरोप में गिरफ्तार, एलपीएल पर उठे गंभीर सवाल

श्रीलंका में गिरफ्तार हुआ भारत का अंडर-19 वर्ल्ड कप हीरो, एलपीएल में रिश्वतकांड से मचा हड़कंप

कोलंबो: भारत को 2018 अंडर-19 विश्व कप जिताने वाले पूर्व सलामी बल्लेबाज मनजोत कालरा एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार मामला क्रिकेट मैदान का नहीं, बल्कि कथित भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी का है। श्रीलंका में जारी लंका प्रीमियर लीग (LPL) के दौरान खिलाड़ियों को पैसे का लालच देकर प्रभावित करने की कोशिश के आरोप में श्रीलंका पुलिस ने मनजोत कालरा को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना ने टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले ही क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है।

बताया जा रहा है कि 27 वर्षीय मनजोत कालरा हाल ही में एलपीएल फ्रेंचाइजी जाफना किंग्स के सह-मालिक बने थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि उन्होंने कुछ खिलाड़ियों को कथित तौर पर आर्थिक लाभ का प्रस्ताव देकर मैच से जुड़े फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश की। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम फैसला अदालत व जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर ही होगा।

खिलाड़ियों की शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई

श्रीलंकाई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब दस दिन पहले जाफना किंग्स से जुड़े कुछ खिलाड़ियों ने अधिकारियों को शिकायत दी थी कि टीम से जुड़े एक अधिकारी उनकी पेशेवर ईमानदारी को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद श्रीलंका की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट और एंटी-करप्शन अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की।

जांच के दौरान एक खिलाड़ी ने पुलिस को सूचना दी कि आरोपी उसे नकद रकम सौंपने वाला है। इसके बाद पुलिस ने कोलंबो के एक होटल में जाल बिछाया। आरोप है कि मनजोत कालरा करीब 95 लाख श्रीलंकाई रुपये (करीब 28,700 अमेरिकी डॉलर) देने की तैयारी में थे। इसी दौरान पुलिस ने होटल में छापा मारकर उन्हें हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई।

किन खिलाड़ियों ने दर्ज कराई शिकायत?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रीलंका के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर भानुका राजपक्षे, अविष्का फर्नांडो और दुनिथ वेलालागे, जो जाफना किंग्स टीम का हिस्सा हैं, ने इस मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई। खिलाड़ियों की शिकायत के बाद ही जांच एजेंसियां सक्रिय हुईं और कथित रिश्वत देने की योजना का खुलासा हुआ।

हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि खिलाड़ियों को किस उद्देश्य से प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।

एलपीएल पर फिर लगे भ्रष्टाचार के आरोप

यह पहला मौका नहीं है जब लंका प्रीमियर लीग भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण सुर्खियों में आई हो। पिछले कुछ वर्षों में भी टूर्नामेंट पर कई बार सवाल उठ चुके हैं।

इसी वर्ष दांबुला थंडर्स के मालिक तमीम रहमान को खिलाड़ी को प्रभावित करने और सट्टेबाजी गतिविधियों से जुड़े मामले में दोषी माना गया था। अदालत ने उन्हें चार साल की निलंबित जेल की सजा और 2.4 करोड़ श्रीलंकाई रुपये का जुर्माना लगाया था। ऐसे में मनजोत कालरा की गिरफ्तारी ने एक बार फिर एलपीएल की पारदर्शिता और भ्रष्टाचार विरोधी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पहले भी विवादों में रह चुके हैं मनजोत कालरा

मनजोत कालरा का नाम इससे पहले भी विवादों में आ चुका है। वर्ष 2020 में उन पर कथित उम्र में फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगा था। उस समय दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) के तत्कालीन लोकपाल ने उन्हें दो वर्षों के लिए आयु वर्ग के सभी टूर्नामेंटों से निलंबित कर दिया था। इस फैसले के कारण वह उस सीजन में रणजी ट्रॉफी में भी हिस्सा नहीं ले सके थे।

हालांकि, उस विवाद के बाद उन्होंने क्रिकेट से दूरी बना ली और बाद में क्रिकेट प्रबंधन व फ्रेंचाइजी संचालन से जुड़ने की कोशिश की। लेकिन अब नया मामला उनके लिए बड़ी कानूनी और पेशेवर मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

2018 अंडर-19 विश्व कप के बने थे हीरो

मनजोत कालरा भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के बीच 2018 अंडर-19 विश्व कप फाइनल में खेली गई अपनी शानदार पारी के लिए जाने जाते हैं। पृथ्वी शॉ की कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर विश्व कप जीता था। फाइनल मुकाबले में कालरा ने 101 रन की नाबाद शतकीय पारी खेलकर भारत को आसानी से जीत दिलाई थी।

उस समय उन्हें भारतीय क्रिकेट का उभरता सितारा माना जा रहा था और भविष्य में राष्ट्रीय टीम का संभावित खिलाड़ी भी समझा गया। लेकिन इसके बाद उनका करियर उम्मीदों के मुताबिक आगे नहीं बढ़ सका और लगातार विवादों ने उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया।

जांच के बाद ही तय होगा भविष्य

फिलहाल श्रीलंका पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी सबूतों की जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि होगी। यदि जांच में रिश्वत देने या मैच को प्रभावित करने की कोशिश के आरोप साबित होते हैं तो मनजोत कालरा के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। साथ ही क्रिकेट प्रशासन और एंटी-करप्शन यूनिट भी उनके खिलाफ अलग से अनुशासनात्मक कदम उठा सकती हैं।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्रिकेट जैसे बड़े खेल में भ्रष्टाचार और मैच फिक्सिंग के प्रयासों को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने की जरूरत है। वहीं भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह मामला इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि जिस खिलाड़ी ने कभी विश्व कप फाइनल में देश को गौरवान्वित किया था, आज वही गंभीर आरोपों के कारण सुर्खियों में है।

Related Articles

Back to top button