बुलंदशहर
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कई किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट गेट पहुंचे, जहां उन्होंने धरना प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर धर्मेंद्र सिंह ने किया। इस दौरान किसानों ने भूमि अधिग्रहण, एक्सप्रेसवे निर्माण, बिजली बिल और स्मार्ट मीटर समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार से तत्काल समाधान की मांग उठाई।
एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित जमीन पर उचित मुआवजे की मांग
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि जनपद बुलंदशहर से निकल रहे एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है, लेकिन किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन किसानों के साथ भेदभाव कर रहा है और बाजार मूल्य के अनुरूप भुगतान नहीं किया जा रहा। किसान संगठन ने मुख्यमंत्री से मांग की कि प्रभावित किसानों को नोएडा की तर्ज पर मुआवजा दिया जाए, ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।
उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन उनकी आजीविका का मुख्य आधार है और बिना उचित मुआवजे के जमीन लेना किसानों के साथ अन्याय है।
गंगा एक्सप्रेसवे पर कट न होने से ग्रामीणों में नाराजगी
भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति ने गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर भी सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए। ठाकुर धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि बुलंदशहर क्षेत्र में गंगा हाईवे पर कहीं भी उतार-चढ़ाव के लिए कट नहीं दिया गया है, जिससे स्थानीय लोगों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि यदि एक्सप्रेसवे पर उचित स्थानों पर कट नहीं दिए गए तो गांवों के लोगों को कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे समय और संसाधनों दोनों की बर्बादी होगी।
किसानों ने मांग की कि ग्रामीण क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे पर आवश्यक स्थानों पर कट और सर्विस रोड की व्यवस्था की जाए।
स्मार्ट मीटर और बढ़े बिजली बिल का मुद्दा भी उठा
धरना प्रदर्शन के दौरान बिजली विभाग और स्मार्ट मीटर का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। ठाकुर धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने किसानों और उपभोक्ताओं के विरोध के बाद स्मार्ट मीटर व्यवस्था में कुछ संशोधन जरूर किए हैं, लेकिन इसके बावजूद लोगों के बिजली बिल कई गुना अधिक आ रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की गलत नीतियों के कारण आम उपभोक्ता और किसान आर्थिक बोझ झेल रहे हैं। किसानों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या पहले से बनी हुई है और अब बढ़े हुए बिलों ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
किसान संगठन ने सरकार से बिजली बिलों की जांच कर राहत देने की मांग की।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देते हुए मांगों पर जल्द कार्रवाई की अपील की।
ज्ञापन में मुख्य रूप से उचित मुआवजा, एक्सप्रेसवे पर कट निर्माण, बिजली बिलों में राहत और किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग शामिल रही।
धरना प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ज्ञापन लेने और मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।
किसानों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
किसानों का कहना है कि सरकार को विकास कार्यों के साथ-साथ किसानों के हितों का भी ध्यान रखना होगा। संगठन ने कहा कि किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
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