बदायूं में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के विरोध में गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने बदायूं-बिजनौर हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
पूरा मामला बदायूं जिले के बिल्सी थाना क्षेत्र का है, जहां एक 6 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई है। घटना के बाद परिजनों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया। नाराज लोगों ने बदायूं-बिजनौर हाईवे पर जाम लगा दिया, जो करीब एक घंटे से अधिक समय तक जारी रहा। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने एफआईआर में आरोपी की उम्र कम दर्शाई है, जबकि आधार कार्ड के अनुसार आरोपी की उम्र 21 साल से अधिक है। इससे पुलिस की नीयत पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इतना ही नहीं, परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने घटना से जुड़े अहम सबूतों के साथ लापरवाही बरती है। उनका कहना है कि बच्ची के सभी कपड़े सबूत के तौर पर एकत्र नहीं किए गए, जिससे जांच प्रभावित हो सकती है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर सबूतों से छेड़छाड़ तक का आरोप लगाया है।
हालांकि, पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन परिजनों का कहना है कि कार्रवाई पर्याप्त नहीं है और बाकी दोषियों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी के के तिवारी और थाना अध्यक्ष ने स्थिति को संभालने और जाम खुलवाने के प्रयास शुरू किए। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी गंभीर चिंताएं पैदा करती है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी निष्पक्षता और तेजी से कार्रवाई करती है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और लोगों का भरोसा कायम रह सके।
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