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election campaign controversy-गुन्नौर में AI से फर्जी फोटो बनाकर चुनावी प्रचार का बड़ा खुलासा

गुन्नौर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव से पहले फर्जी प्रचार का बड़ा मामला सामने आया है। AI तकनीक के जरिए बनाई गई तस्वीरों से जनता को गुमराह करने की कोशिश के आरोप लगे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन तस्वीरों ने इलाके में राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।

गुन्नौर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सैंडोरा, रजपुरा रोड स्थित प्रसिद्ध चंद्रदेव आश्रम इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। वजह है सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही कुछ तस्वीरें, जिन्हें लेकर अब बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।

बताया जा रहा है कि “कट्टर हिंदू जय” नाम की एक फेसबुक आईडी से कुछ फोटो पोस्ट की गईं, जिनमें आश्रम परिसर में राहत वितरण शिविर का आयोजन दिखाया गया है। इन तस्वीरों में लोगों को सहायता सामग्री बांटते हुए दिखाया गया है, जिससे यह संदेश देने की कोशिश की गई कि क्षेत्र में समाजसेवा का बड़ा कार्य किया गया है।

लेकिन जब इस पूरे मामले की जमीनी हकीकत सामने आई, तो तस्वीर कुछ और ही निकली। स्थानीय ग्रामीणों और मौके पर मौजूद लोगों ने साफ तौर पर इन तस्वीरों को फर्जी बताया है। ग्रामीणों का कहना है कि आश्रम में ऐसा कोई राहत वितरण कार्यक्रम आयोजित ही नहीं किया गया।

ग्रामीणों के मुताबिक, “हम पूरे दिन यहीं मौजूद रहते हैं, लेकिन ऐसा कोई आयोजन नहीं हुआ। जो तस्वीरें वायरल हो रही हैं, वे या तो AI के जरिए बनाई गई हैं या फिर एडिट करके तैयार की गई हैं।”

इस पूरे मामले ने अब चुनावी राजनीति को भी गरमा दिया है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि इन तस्वीरों के जरिए हापुड़ से आए संजीव यादव, जिन्हें गुन्नौर विधानसभा क्षेत्र का संभावित प्रत्याशी माना जा रहा है, उनका प्रचार किया जा रहा है।

इतना ही नहीं, यह भी दावा किया जा रहा है कि “कट्टर हिंदू जय” नाम की फेसबुक आईडी किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा संचालित की जा रही है, जो संजीव यादव के करीबी हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन आरोपों के चलते मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आज के डिजिटल दौर में AI तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, जिसका उपयोग जहां सकारात्मक कार्यों के लिए किया जा सकता है, वहीं इसका दुरुपयोग कर फर्जी कंटेंट तैयार करना भी आसान हो गया है। चुनाव के समय इस तरह की गतिविधियां लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती बन सकती हैं।

स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि इस तरह की भ्रामक तस्वीरें फैलाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है, जिससे चुनावी माहौल प्रभावित हो सकता है।

जनता के बीच उठ रहे सवाल:
👉 जब मौके पर कोई कार्यक्रम हुआ ही नहीं, तो ये तस्वीरें कहां से आईं?
👉 क्या AI तकनीक के जरिए चुनावी माहौल बनाने की साजिश रची जा रही है?
👉 क्या इस तरह के प्रचार के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है?
👉 ऐसे में जनता किस आधार पर उम्मीदवारों पर भरोसा करे?

गुन्नौर में वायरल हो रही इन तस्वीरों ने चुनाव से पहले पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और सच्चाई सामने लाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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