
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जनपद से छात्रों की परेशानियों से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। सरीला तहसील क्षेत्र में मोहाना–चिकासी के बीच बेतवा नदी पर बने पुल को मरम्मत कार्य के चलते लोक निर्माण विभाग द्वारा 5 फरवरी से 16 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है। पीडब्ल्यूडी की ओर से जारी सूचना के अनुसार इस अवधि में पुल पर यातायात पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
पुल के बंद होने से क्षेत्र के आसपास स्थित विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय इंटर कॉलेज की छात्राएं रोजाना स्कूल आने-जाने में दिक्कतों से जूझ रही हैं। लंबा वैकल्पिक रास्ता और परिवहन की उचित व्यवस्था न होने के कारण छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
इसी समस्या को लेकर आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय इंटर कॉलेज की छात्राएं जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचीं और प्रशासन के सामने अपनी परेशानी रखी। छात्राओं ने मांग की कि पुल बंद रहने की अवधि में स्कूल आने-जाने के लिए कोई अस्थायी और सुरक्षित व्यवस्था की जाए, ताकि उनकी पढ़ाई और परीक्षा प्रभावित न हो।
छात्राओं का कहना है कि 18 तारीख से प्रयागराज बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। बोर्ड परीक्षा के दौरान अगर आने-जाने की समस्या बनी रही तो छात्र-छात्राओं के लिए समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचना बेहद कठिन हो जाएगा। इससे न सिर्फ उनकी परीक्षा छूटने का खतरा है, बल्कि मानसिक तनाव भी बढ़ेगा।
छात्राओं ने यह भी बताया कि इससे पहले भी इस मुद्दे को लेकर विद्यालय की छात्राओं द्वारा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था, जिसमें उन्होंने स्कूल आने के लिए उचित व्यवस्था की मांग उठाई थी। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों का भी कहना है कि पुल बंद होने की स्थिति में प्रशासन को पहले से वैकल्पिक मार्ग या अस्थायी आवागमन की व्यवस्था करनी चाहिए थी, खासकर तब जब बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं। छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षा दोनों को ध्यान में रखते हुए त्वरित कदम उठाने की जरूरत है।
फिलहाल छात्राएं और अभिभावक जिला प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि बोर्ड परीक्षाओं से पहले कोई व्यावहारिक समाधान निकाला जाएगा, जिससे छात्रों को परेशानी से राहत मिल सके। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या पर क्या कदम उठाता है और कब तक छात्रों के लिए अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है।




