
कन्नौज। इत्र नगरी कन्नौज में हर साल की तरह इस बार भी जुलूसे मोहम्मदी का आयोजन बड़े ही शानो-शौकत और अनुशासन के साथ किया जाएगा। इस जुलूस में शहर व गांव से करीब 50 से 60 हजार अकीदतमंदों के शामिल होने का अनुमान है। नगर के विभिन्न इलाकों से होकर गुजरने वाले इस ऐतिहासिक जुलूस का जगह-जगह भव्य स्वागत किया जाएगा।
बैठक में हुई विस्तृत चर्चा
जुलूस की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए कन्नौज के शेखपुरा स्थित अलजामिअतुल अहमदिया मदरसे में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता जिला काजी मौलाना अहमद सईद आफाकी ने की। बैठक में गांव और शहर से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
इस दौरान जुलूस मार्ग की रूपरेखा, प्रशासन की गाइडलाइन और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में साफ किया गया कि जुलूस को अनुशासन और भाईचारे की मिसाल बनाकर निकाला जाएगा।
शहर काजी का बयान
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शहर काजी हाफिज जियाउल कमर मुजद्दिदी ने जानकारी दी कि 5 सितंबर को जुलूसे मोहम्मदी निकाला जाएगा, जो ईदगाह पर जाकर संपन्न होगा। उन्होंने बताया कि पूरा आयोजन प्रशासन की गाइडलाइन के मुताबिक किया जाएगा।
डीजे सिस्टम को लेकर भी मौलाना ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार शासन और प्रशासन ने निर्देश दिए हैं, उसी का पालन करते हुए डीजे का उपयोग किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही या उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जुलूस का लाइव प्रसारण
इस बार का जुलूसे मोहम्मदी लोगों के लिए ऑनलाइन भी उपलब्ध रहेगा। 5 सितंबर को यह जुलूस मंसूरी स्टूडियो एमजे के यूट्यूब चैनल पर लाइव प्रसारित किया जाएगा, जिससे दूर-दराज बैठे लोग भी इस जुलूस का हिस्सा बन सकेंगे।
अनुशासन और अमन का संदेश
मौलाना ने कहा कि जुलूस में जगह-जगह कमेटी द्वारा वालंटियर्स लगाए जाएंगे। सभी अकीदतमंदों से अपील है कि वे वालंटियर्स के निर्देशों का पालन करें ताकि अनुशासन और अमन-चैन बना रहे।
उन्होंने इस जुलूस को दुनिया का सबसे शांतिपूर्ण और व्यवस्थित जुलूस बताया। बैठक के अंत में देश की सलामती, अमन और भाईचारे के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं।




