Homeopathy stores in UP: यूपी के होम्योपैथी मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस की जांच होनी है। इसके साथ डिस्पेंसरी से गायब रहने वाले डॉक्टरों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

होम्योपैथी विभाग के निदेशक प्रो. एके वर्मा के निलंबन के बाद अब उनके कार्यकाल से जारी मेडिकल स्टोर के लाइसेंसों की जांच होगी। इसके लिए पत्रावलियां इकट्ठा की जा रही हैं। उधर, शुक्रवार को दूसरे दिन भी निदेशक पद का चार्ज किसी चिकित्साधिकारी को नहीं दिया जा सका है।
तबादला प्रक्रिया रद्द होने के बाद महानिदेशालय से कई चिकित्सकों को अलग-अलग कारण बताते हुए संबद्धता दी गई है। निदेशक प्रो. एके वर्मा के निलंबन के बाद इसकी भी नए सिरे से जांच होगी। जिन लोगों की संबद्धता में अनियमितता अथवा वाजिब कारण नहीं मिलेगा, उसे भी निरस्त करने की तैयारी है। इसे लेकर विभाग में हलचल मची हुई है।
डिस्पेंसरी से गायब मिले तो होगी सख्त कार्रवाई
प्रदेश में डॉक्टरों की उपस्थिति को लेकर डिजिटल हाजिरी प्रणाली लागू है। एफएसडीए एवं आयुष राज्यमंत्री डाॅ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने निर्देश दिया है कि डिस्पेंसरी से गायब रहने वाले डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी डॉक्टर नियमित समय पर अस्पताल पहुंचे और डिजिटल हाजिरी भी लगाएं। जिला होम्योपैथी अधिकारी अपने जिले की डिस्पेंसरी की जांच करें। गोपनीय जांच में डॉक्टर अनुपस्थित पाए जाने पर जिला होम्योपैथी अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।




