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दिल्ली अग्निकांड में चार की मौत: ये कारण बता नौकरी छोड़ना चाहती थी अमनदीप, मां ने दिवाली तक रुकने को कहा था

पश्चिम दिल्ली के राजा गार्डन क्षेत्र में सोमवार दोपहर में तीन मंजिला इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम में आग लग गई। इसमें दूसरी मंजिल पर स्थित गोदाम में खाना खा रही तीन युवतियों समेत पांच लोग फंस गए। एक युवक ने किसी तरह सीढि़यों से फिसलकर अपनी जान बचा ली, लेकिन तीन युवतियां व एक युवक की दम घुटने से मौत हो गई।नई दिल्ली के महाजन इलेक्ट्रॉनिक्स में कैशियर की नौकरी करने वाली अमनदीप को शोरूम में घुटन होती थी। पहली और दूसरी मंजिल पर हवा आने-जाने का कोई रास्ता नहीं था। उसने अपनी मां से नौकरी छोड़ने के लिए कहा था। मां ने दिवाली तक उसे रुकने के लिए कहा था। मां की बात मानते हुए अमनदीप ने नौकरी को जारी रखा।

शायद मां को नहीं पता था कि यह उसकी एक बड़ी गलती होती। शाम को शोरूम में आग लगने और बेटी की मौत की सूचना मिली तो वह रोती हुई डीडीयू अस्पताल पहुंचीं। यहां बेटी का शव देखकर वह फफक-फफककर रोने लगी। वह यही कहे जा रही थी कि यदि वह बेटी की नौकरी छुड़वा देती तो शायद बेटी उनके बीच होती।
अमनदीप के अंकल सुनील ने बताया कि उसका परिवार रघुबीर नगर में रहता है। अमनदीप के परिवार में इनके पिता जगजीत सिंह, मां परमिंदर कौर, छोटा भाई सावन और बड़ी बहन परमजीत कौर है। पिता की करोल बाग इलाके में छोटी सी दुकान है। पढ़ाई के बाद पिछले साल अक्तूबर में अमनदीप ने कैशियर की नौकरी शोरूम में शुरू की थी।

दूसरी मंजिल पर नहीं था हवा जाने का कोई रास्ता

करीब 10 दिन पहले अमनदीप ने मां को बताया था कि उनको खाना खाने व दूसरे कामों के लिए शोरूम की दूसरी और पहली मंजिल पर जाना पढ़ता है। यहां हवा का कोई रास्ता नहीं है। उसका दम घुटता है। उसने यहां तक कहा था कि हादसे के समय यहां से बचने का कोई रास्ता नहीं होगा लेकिन मां ने बेटी को नौकरी न छोड़ने के लिए कहा था।

दूसरी ओर रवि, आयुषी और पायल के परिवार को जब हादसे की सूचना मिली तो वह भागे-भागे अस्पताल पहुंचे। इनका रोते-रोते बुरा हाल था। परिजनों ने पुलिस से हादसे की सही से जांच करने की मांग की। पुलिस मामला दर्ज कर शोरूम मालिक की तलाश कर रही है।

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