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RPSC पंजाबी परीक्षा में एक भी अभ्यर्थी पास नहीं, 14 अयोग्य घोषित

OMR नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई, पंजाबी विषय में न्यूनतम अंक नहीं छू सके अभ्यर्थी

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की प्राध्यापक एवं कोच (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा 2025 के परिणाम ने शिक्षा और भर्ती परीक्षा से जुड़े अभ्यर्थियों का ध्यान खींचा है। परीक्षा के पंजाबी विषय में एक भी अभ्यर्थी न्यूनतम निर्धारित अंक हासिल नहीं कर सका। इसके चलते इस विषय के पदों के लिए कोई भी अभ्यर्थी सफल घोषित नहीं किया गया। वहीं, परीक्षा के दौरान OMR शीट भरने से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने पर आयोग ने कुल 14 अभ्यर्थियों को अयोग्य घोषित किया है।

पंजाबी विषय का परिणाम रहा शून्य

RPSC की ओर से जारी परिणाम के मुताबिक पंजाबी विषय में शामिल अभ्यर्थियों में से कोई भी सेवा नियमों के तहत निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त नहीं कर पाया। इसलिए इस विषय के लिए सफल अभ्यर्थियों की सूची में कोई नाम शामिल नहीं हुआ। यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि परीक्षा का उद्देश्य स्कूल शिक्षा विभाग में प्राध्यापक पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन करना था।

आयोग के परिणाम ने यह स्पष्ट कर दिया कि केवल परीक्षा में शामिल होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि चयन प्रक्रिया में आगे बढ़ने के लिए निर्धारित न्यूनतम अंक हासिल करना अनिवार्य है। पंजाबी विषय में किसी भी उम्मीदवार के न्यूनतम कटऑफ तक नहीं पहुंचने के कारण परिणाम शून्य रहा।

OMR नियमों का पालन नहीं करने पर 14 अयोग्य

पंजाबी विषय के परिणाम के साथ ही OMR शीट भरने में हुई लापरवाही को लेकर भी RPSC ने कार्रवाई की है। आयोग के नए नियमों के अनुसार, अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र में दिए गए पांच विकल्पों में से किसी एक विकल्प को निर्धारित अनुपात में भरना अनिवार्य है। 10 प्रतिशत से अधिक प्रश्नों में सभी विकल्प खाली छोड़ना नियमों के अनुरूप नहीं माना गया।

इसी नियम का पालन नहीं करने के कारण कुल 14 अभ्यर्थियों को अयोग्य घोषित किया गया। इनमें तीन अभ्यर्थी पंजाबी विषय से और 11 अभ्यर्थी होम साइंस विषय से संबंधित बताए गए हैं।

इस कार्रवाई से साफ है कि भर्ती परीक्षा में केवल सही उत्तर देना ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि आयोग की ओर से निर्धारित OMR संबंधी निर्देशों का पालन करना भी अनिवार्य है। परीक्षा के दौरान निर्देशों की अनदेखी उम्मीदवार की उम्मीदवारी पर सीधा असर डाल सकती है।

होम साइंस में 6 अभ्यर्थी विचारित सूची में

जहां पंजाबी विषय में कोई उम्मीदवार सफल नहीं हुआ, वहीं होम साइंस विषय के पदों के लिए RPSC ने विचारित सूची जारी की है। इस सूची में पात्रता की जांच के लिए छह अभ्यर्थियों को अस्थायी रूप से शामिल किया गया है।

आयोग के निर्देशों के मुताबिक संबंधित अभ्यर्थियों को 4 सितंबर से 10 सितंबर के बीच अपनी SSO ID के माध्यम से भर्ती पोर्टल पर विस्तृत आवेदन पत्र भरना था। इसके बाद दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूरी की जानी है। उम्मीदवारों को मूल दस्तावेजों के साथ उनकी स्व-प्रमाणित प्रतियां भी प्रस्तुत करनी होंगी। तय समय और स्थान पर उपस्थित नहीं होने की स्थिति में उम्मीदवारी प्रभावित हो सकती है।

मेडिकल एजुकेशन विभाग के परिणाम भी जारी

RPSC ने इसी दौरान चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत सहायक आचार्य प्रतियोगी परीक्षा 2024 के कुछ परिणाम भी जारी किए। सुपर स्पेशियलिटी न्यूरो सर्जरी और सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी पदों के लिए मुख्य सूची घोषित की गई है।

आयोग के अनुसार, लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर सुपर स्पेशियलिटी-न्यूरो सर्जरी के 13 और सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के आठ अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है।

परीक्षा नियमों को लेकर अभ्यर्थियों के लिए अहम संदेश

RPSC के इस परिणाम से भर्ती परीक्षाओं में परीक्षा निर्देशों को ध्यान से पढ़ने और उनका पालन करने की अहमियत सामने आती है। पंजाबी विषय में किसी उम्मीदवार का न्यूनतम अंक तक नहीं पहुंचना अलग मामला है, जबकि 14 अभ्यर्थियों की अयोग्यता OMR नियमों के उल्लंघन से जुड़ी है। दोनों परिस्थितियां चयन प्रक्रिया के अलग-अलग पहलुओं को दर्शाती हैं।

RPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध परिणाम दस्तावेजों में भी परीक्षा परिणाम और अयोग्य उम्मीदवारों से संबंधित सूचनाएं प्रकाशित की जाती हैं।

ऐसे में RPSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह जरूरी है कि वे विषयवार न्यूनतम अंकों के साथ-साथ OMR शीट भरने, विकल्पों को चिह्नित करने और आवेदन से जुड़े सभी निर्देशों को भी गंभीरता से लें। परीक्षा में छोटी सी प्रक्रियात्मक गलती भी उम्मीदवार को चयन प्रक्रिया से बाहर कर सकती है।

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