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Kathiyawadi Kadhi Recipe : काठियावाड़ी कढ़ी का स्वाद है बेहद खास, एक बार खाएंगे तो बार-बार बनाएंगे

नॉर्मल कढ़ी से बिल्कुल अलग है काठियावाड़ी कढ़ी का स्वाद, एक बार खाएंगे तो बार-बार बनाने का करेगा मन

कढ़ी भारतीय घरों में बनने वाली ऐसी डिश है, जिसका खट्टा-मीठा और मसालेदार स्वाद खाने का मजा बढ़ा देता है। आमतौर पर लोग बेसन और दही से बनी पंजाबी या गुजराती कढ़ी खाना पसंद करते हैं, लेकिन अगर आप कुछ अलग और ज्यादा चटपटा ट्राई करना चाहते हैं तो काठियावाड़ी कढ़ी आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है। इसका स्वाद सामान्य कढ़ी से काफी अलग और ज्यादा मसालेदार होता है।

काठियावाड़ी कढ़ी में दही और बेसन के साथ लहसुन, हरी मिर्च और कई तरह के साबुत मसालों का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा इसमें दो अलग-अलग तड़के लगाए जाते हैं, जो इसके स्वाद और खुशबू को और भी खास बना देते हैं। यही वजह है कि एक बार इस कढ़ी का स्वाद चखने के बाद इसे बार-बार बनाने का मन करता है।

अगर आपके घर में भी रोज-रोज एक जैसी सब्जी और दाल बनाकर आप बोर हो गए हैं, तो आज काठियावाड़ी स्टाइल की कढ़ी जरूर ट्राई करें। इसे चावल, खिचड़ी या रोटी के साथ परोसा जा सकता है। आइए जानते हैं इसे घर पर बनाने की आसान और पूरी विधि।

काठियावाड़ी कढ़ी के लिए जरूरी सामग्री

कढ़ी का बेस तैयार करने के लिए

  • खट्टा दही – 1 कप
  • बेसन – आधा कप
  • हल्दी पाउडर – आधा छोटा चम्मच
  • धनिया पाउडर – आधा छोटा चम्मच
  • लाल मिर्च पाउडर – आधा छोटा चम्मच
  • जीरा पाउडर – आधा छोटा चम्मच
  • नमक – स्वादानुसार
  • पानी – लगभग 3 कप
  • लहसुन और हरी मिर्च का दरदरा पेस्ट – स्वादानुसार

पहले तड़के के लिए

  • मूंगफली का तेल – 2 बड़े चम्मच
  • राई – आधा छोटा चम्मच
  • जीरा – आधा छोटा चम्मच
  • हींग – एक चुटकी
  • मेथी दाना – एक चुटकी
  • तेजपत्ता – 2
  • दालचीनी – एक छोटा टुकड़ा
  • करी पत्ता – जरूरत के अनुसार

आखिरी तड़के के लिए

  • घी – 1 बड़ा चम्मच
  • सूखी लाल मिर्च – 2
  • कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर – आधा छोटा चम्मच
  • काली मिर्च पाउडर – आधा छोटा चम्मच
  • हरा धनिया – सजाने के लिए

काठियावाड़ी कढ़ी बनाने की आसान विधि

सबसे पहले तैयार करें कढ़ी का मिश्रण

काठियावाड़ी कढ़ी बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़े कटोरे में खट्टा दही लें। इसमें बेसन डालकर अच्छी तरह फेंटें। मिश्रण को फेंटते समय इस बात का ध्यान रखें कि बेसन की कोई गांठ न रह जाए।

अब इसमें धीरे-धीरे पानी डालें और लगातार चलाते हुए दही-बेसन का मिश्रण तैयार करें। इसके बाद इसमें हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, जीरा पाउडर और स्वादानुसार नमक डालें।

सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाने के बाद मिश्रण को कुछ देर के लिए अलग रख दें। कढ़ी का मिश्रण जितना चिकना होगा, पकने के बाद कढ़ी की बनावट उतनी ही अच्छी आएगी।

इसके बाद लहसुन और हरी मिर्च को दरदरा पीसकर पेस्ट तैयार कर लें। काठियावाड़ी कढ़ी में लहसुन और हरी मिर्च का स्वाद काफी महत्वपूर्ण होता है, इसलिए इसे बहुत बारीक पीसने के बजाय हल्का दरदरा रखना बेहतर रहेगा।

अब लगाएं पहला तड़का

अब एक गहरी कड़ाही लें और उसमें मूंगफली का तेल डालकर गर्म करें। तेल गर्म होने पर इसमें राई और जीरा डालें। जब राई चटकने लगे और जीरे से खुशबू आने लगे तो इसमें हींग, मेथी दाना, तेजपत्ता, दालचीनी और करी पत्ता डालें।

मसालों को कुछ सेकंड तक भूनें। ध्यान रखें कि मेथी दाना ज्यादा न जले, वरना कढ़ी का स्वाद कड़वा हो सकता है।

अब इसमें तैयार दही-बेसन का मिश्रण धीरे-धीरे डालें। मिश्रण डालते समय लगातार चलाते रहें, ताकि कढ़ी नीचे से चिपके नहीं और दही फटे नहीं।

धीमी आंच पर पकाएं कढ़ी

कढ़ी को मध्यम आंच पर चलाते हुए पकाएं। जब इसमें हल्का उबाल आने लगे तो गैस की आंच धीमी कर दें।

अब कढ़ी को लगभग 5 से 7 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें। इसके बाद कड़ाही को ढककर करीब 15 मिनट तक इसे धीमी आंच पर पकाएं।

बीच-बीच में कढ़ी को हल्के हाथ से चलाते रहें। अगर कढ़ी बहुत ज्यादा गाढ़ी हो रही है तो इसमें थोड़ा पानी मिलाया जा सकता है। वहीं, अगर कढ़ी पतली लग रही है तो इसे कुछ देर बिना ढके धीमी आंच पर पकाकर मनचाहा गाढ़ापन हासिल किया जा सकता है।

धीमी आंच पर पकने से दही, बेसन और मसालों का स्वाद अच्छी तरह मिल जाता है और कढ़ी में एक अलग तरह की खुशबू आने लगती है।

आखिर में लगाएं खास लाल मिर्च वाला तड़का

काठियावाड़ी कढ़ी को खास बनाने वाला इसका आखिरी तड़का है। इसके लिए एक छोटे पैन में एक बड़ा चम्मच घी गर्म करें।

घी गर्म होने के बाद इसमें सूखी लाल मिर्च डालें। इसके बाद कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर और थोड़ी सी काली मिर्च पाउडर डालें। मसालों को ज्यादा देर तक न भूनें, क्योंकि लाल मिर्च जल्दी जल सकती है।

अब इस गर्म तड़के को तुरंत तैयार कढ़ी के ऊपर डाल दें। तड़का पड़ते ही कढ़ी की खुशबू और स्वाद दोनों और ज्यादा बढ़ जाएंगे।

आखिर में ऊपर से बारीक कटा हुआ हरा धनिया डालकर कढ़ी को गार्निश करें।

चावल या खिचड़ी के साथ करें सर्व

आपकी स्वादिष्ट और मसालेदार काठियावाड़ी कढ़ी बनकर तैयार है। इसे गरमा-गरम चावल, जीरा राइस, खिचड़ी या फिर रोटी के साथ परोसा जा सकता है।

अगर आपको तीखा और मसालेदार खाना पसंद है तो यह कढ़ी सामान्य कढ़ी से बिल्कुल अलग अनुभव देगी। इसमें खट्टे दही का स्वाद, लहसुन-हरी मिर्च की तीखापन, साबुत मसालों की खुशबू और ऊपर से घी का लाल मिर्च वाला तड़का मिलकर इसे खास बना देता है।

कढ़ी बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान

काठियावाड़ी कढ़ी बनाते समय सबसे जरूरी है कि दही और बेसन को अच्छी तरह फेंटा जाए। मिश्रण में गांठें रहने पर कढ़ी का टेक्सचर अच्छा नहीं आएगा।

इसके अलावा कढ़ी में उबाल आने के बाद इसे तेज आंच पर ज्यादा देर तक न पकाएं। धीमी आंच पर पकाने से इसका स्वाद बेहतर तरीके से विकसित होता है। तड़के में मेथी दाना और लाल मिर्च को जलने से भी बचाएं, क्योंकि इससे पूरी कढ़ी का स्वाद खराब हो सकता है।

अगर आप कढ़ी में ज्यादा खट्टापन चाहते हैं तो खट्टे दही का इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं तीखापन अपनी पसंद के अनुसार कम या ज्यादा किया जा सकता है।

तो अगली बार जब आपका मन कुछ अलग और स्वादिष्ट खाने का करे, तो सामान्य कढ़ी की जगह यह काठियावाड़ी कढ़ी जरूर बनाकर देखें। गर्मागर्म चावल के साथ इसका स्वाद आपको जरूर पसंद आएगा।

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