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Home Gardening : घर पर बेलपत्र का पौधा लगाने का आसान तरीका, जानें बीज और कटिंग से उगाने की पूरी विधि

घर पर बेलपत्र का पौधा कैसे लगाएं? इन आसान तरीकों से गमले में उगाएं बेल का पौधा

सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करना भगवान भोलेनाथ की पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बेलपत्र भगवान शिव को बेहद प्रिय है। यही वजह है कि सावन में मंदिरों में बेलपत्र की मांग काफी बढ़ जाती है। अगर आप हर बार बाजार से बेलपत्र खरीदने के बजाय अपने घर में ही ताजा बेलपत्र पाना चाहते हैं, तो गमले में बेल का पौधा लगा सकते हैं।

बेलपत्र का पौधा घर पर लगाना बहुत मुश्किल नहीं है। सही मिट्टी, पर्याप्त धूप, पानी और थोड़ी देखभाल के साथ इसे आसानी से उगाया जा सकता है। इसे बीज के अलावा कटिंग से भी तैयार किया जा सकता है। हालांकि, पौधे को अच्छी तरह बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह और धूप की जरूरत होती है।

बेलपत्र का पौधा लगाने का सही समय

बेल का पौधा गर्म मौसम में अच्छी तरह बढ़ता है। इसे लगाने के लिए फरवरी से जुलाई तक का समय अच्छा माना जाता है। हालांकि, अनुकूल मौसम और उचित देखभाल मिलने पर इसे दूसरे समय में भी लगाया जा सकता है।

अगर आप गमले में बेल का पौधा लगाने की योजना बना रहे हैं, तो बहुत छोटे गमले के बजाय ऐसा गमला चुनें जिसमें पौधे की जड़ें आसानी से फैल सकें। शुरुआत में करीब 8 से 10 इंच का गमला इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन पौधे के बढ़ने के साथ इसे बड़े गमले में स्थानांतरित करना बेहतर रहता है।

बेलपत्र का पौधा लगाने के लिए क्या-क्या चाहिए?

बेल का पौधा लगाने के लिए बहुत ज्यादा सामान की जरूरत नहीं होती। इसके लिए आपको बेल का पका हुआ फल या स्वस्थ टहनी, गमला, सामान्य बगीचे की मिट्टी, गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट और थोड़ी रेत की जरूरत होगी।

गमले में नीचे की तरफ ड्रेनेज होल जरूर होना चाहिए। अगर पानी बाहर निकलने की व्यवस्था नहीं होगी, तो मिट्टी में पानी जमा हो सकता है और जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है।

मिट्टी तैयार करने का आसान तरीका

बेल का पौधा ऐसी मिट्टी में अच्छी तरह बढ़ता है जिसमें पानी आसानी से निकल सके। इसके लिए आप बगीचे की मिट्टी, जैविक खाद और रेत का मिश्रण तैयार कर सकते हैं।

एक आसान मिश्रण के लिए करीब 50 प्रतिशत सामान्य बगीचे की मिट्टी, 30 प्रतिशत गोबर की अच्छी तरह सड़ी खाद या वर्मीकंपोस्ट और 20 प्रतिशत रेत मिलाई जा सकती है। इन सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर गमले में भरें।

ध्यान रखें कि मिट्टी बहुत ज्यादा चिपचिपी या पानी रोकने वाली न हो। बेल के पौधे के लिए जल निकासी वाली मिट्टी ज्यादा उपयोगी रहती है।

बीज से बेल का पौधा कैसे लगाएं?

अगर आप बेल के फल से पौधा तैयार करना चाहते हैं, तो सबसे पहले पका हुआ और स्वस्थ बेल फल लें। फल से बीज निकालकर उन्हें पानी से अच्छी तरह साफ कर लें, ताकि बीज के आसपास लगा गूदा पूरी तरह निकल जाए।

इसके बाद बीजों को करीब 24 घंटे तक पानी में भिगोकर रखा जा सकता है। फिर तैयार मिट्टी में लगभग 1 इंच गहराई पर बीज बोएं। बीज डालने के बाद ऊपर से मिट्टी की बहुत मोटी परत न डालें।

मिट्टी को हल्का नम करने के लिए पानी का छिड़काव करें। शुरुआती दिनों में जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचें। मिट्टी में नमी बनी रहे, लेकिन पानी जमा न हो।

इसके बाद गमले को ऐसी जगह रखें जहां पर्याप्त रोशनी और धूप मिलती हो। बीज से पौधा तैयार होने में समय लग सकता है, इसलिए इस दौरान धैर्य रखना जरूरी है।

कटिंग से बेलपत्र का पौधा लगाने का तरीका

अगर आपके पास पहले से बेल का स्वस्थ पौधा है, तो उसकी कटिंग से भी नया पौधा तैयार करने की कोशिश की जा सकती है। इसके लिए करीब 6 से 8 इंच लंबी और पेंसिल जितनी मोटी स्वस्थ टहनी लें।

टहनी का निचला हिस्सा साफ करें और नीचे के कुछ पत्ते हटा दें। इसके बाद कटिंग को अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में करीब 2 से 3 इंच गहराई तक लगाएं।

मिट्टी को हल्का नम रखें और गमले को ऐसी जगह रखें जहां पर्याप्त रोशनी मिले। कटिंग को बहुत अधिक पानी देने से बचें, क्योंकि लगातार गीली मिट्टी में कटिंग के सड़ने का खतरा रहता है।

एलोवेरा जेल जैसे घरेलू उपायों का इस्तेमाल कुछ लोग कटिंग में करते हैं, लेकिन इसके सफल होने की कोई गारंटी नहीं होती। कटिंग से पौधा तैयार करने के लिए स्वस्थ टहनी, सही नमी और उचित मिट्टी सबसे महत्वपूर्ण हैं।

बेलपत्र के पौधे को कितनी धूप चाहिए?

बेल का पौधा धूप पसंद करता है। गमले को ऐसी जगह रखना बेहतर होता है जहां पौधे को रोजाना करीब 4 से 5 घंटे या उससे अधिक सीधी धूप मिल सके।

हालांकि, अगर पौधा बिल्कुल नया है या हाल ही में कटिंग से लगाया गया है, तो उसे अचानक बहुत तेज धूप में रखने के बजाय धीरे-धीरे अधिक रोशनी का आदी बनाना बेहतर रहता है।

कितनी बार पानी देना चाहिए?

बेल के पौधे को जरूरत से ज्यादा पानी देना सबसे आम गलतियों में से एक हो सकता है। पानी देने से पहले गमले की मिट्टी की ऊपरी परत को जरूर देखें।

अगर ऊपर की मिट्टी सूखी महसूस हो रही है, तभी पानी दें। बारिश के मौसम में पानी देने की जरूरत कम हो सकती है। वहीं गर्मी के मौसम में मिट्टी जल्दी सूखने पर पानी की जरूरत बढ़ सकती है।

सबसे जरूरी बात यह है कि गमले में पानी लंबे समय तक जमा न रहे। इसके लिए ड्रेनेज होल का सही होना बेहद जरूरी है।

पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए खाद कब डालें?

बेल के पौधे की अच्छी वृद्धि के लिए समय-समय पर जैविक खाद का इस्तेमाल किया जा सकता है। महीने में एक बार थोड़ी मात्रा में अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट डालना उपयोगी हो सकता है।

नीम की खली का भी जैविक बागवानी में इस्तेमाल किया जाता है। खाद डालते समय उसकी मात्रा बहुत ज्यादा न रखें और खाद को पौधे के तने से बिल्कुल चिपकाकर न डालें।

पौधे को बारिश और ठंड से कैसे बचाएं?

बेल का पौधा सामान्य रूप से मजबूत माना जाता है, लेकिन छोटा पौधा मौसम के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो सकता है। बहुत ज्यादा बारिश के दौरान गमले में पानी जमा न होने दें।

अगर लगातार बारिश हो रही है, तो गमले को ऐसी जगह रखें जहां बारिश से कुछ सुरक्षा मिले, लेकिन हवा और रोशनी का पर्याप्त इंतजाम बना रहे।

बहुत ज्यादा ठंड के दौरान छोटे पौधे को तेज ठंडी हवा से बचाना भी जरूरी हो सकता है। मौसम सामान्य होने पर पौधे को फिर से पर्याप्त धूप वाली जगह पर रखा जा सकता है।

बेलपत्र तोड़ते समय इन बातों का रखें ध्यान

जब पौधा बड़ा होकर पत्तियां देने लगे तो बेलपत्र तोड़ते समय बहुत ज्यादा पत्तियां एक साथ न तोड़ें। पौधे की नई शाखाओं और कोमल हिस्सों को अनावश्यक नुकसान पहुंचाने से बचें।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बेलपत्र भगवान शिव को प्रिय माना जाता है। पूजा में बेलपत्र चढ़ाने की परंपरा अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में अपनी मान्यताओं के अनुसार निभाई जाती है।

घर में बेलपत्र का पौधा लगाने के फायदे

घर में बेल का पौधा लगाने से आपको जरूरत के समय ताजे बेलपत्र मिल सकते हैं। इसके अलावा घर में पौधे लगाने से हरियाली बढ़ती है और बागवानी का शौक भी विकसित होता है।

बेल का पेड़ भारतीय परंपरा में धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। इसके फलों और पत्तियों का पारंपरिक उपयोग भी लंबे समय से किया जाता रहा है। हालांकि, बेलपत्र या बेल के किसी भी हिस्से को औषधि के रूप में इस्तेमाल करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

इन गलतियों से बचें

बेल का पौधा लगाते समय कुछ सामान्य गलतियों से बचना चाहिए। सबसे पहले ऐसे गमले का इस्तेमाल न करें जिसमें पानी बाहर निकलने की व्यवस्था न हो। इसके अलावा पौधे को लगातार छाया में रखने से भी उसकी ग्रोथ प्रभावित हो सकती है।

बहुत ज्यादा पानी, जरूरत से ज्यादा खाद और बार-बार पौधे की जड़ को छेड़ना भी नुकसानदायक हो सकता है। पौधे को पर्याप्त धूप, संतुलित पानी और समय-समय पर जैविक खाद दें।

अगर आप सावन में घर पर ही बेलपत्र उपलब्ध रखना चाहते हैं, तो अभी से बेल का पौधा लगाने की तैयारी कर सकते हैं। सही मिट्टी और उचित देखभाल के साथ गमले में भी बेल का पौधा अच्छी तरह विकसित किया जा सकता है।

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