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Flydubai Copilot : फ्लाईदुबई को-पायलट की पहली तस्वीर सामने आई, कट्टरपंथी गतिविधियों का खुलासा

फ्लाईदुबई हमले के आरोपी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी का सामने आया बैकग्राउंड, कट्टरपंथी गतिविधियों की जांच

फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले के बाद आरोपी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। 30 सितंबर को विमान के कॉकपिट में हुई हिंसक घटना के बाद अब जांच एजेंसियां उसके पुराने रिकॉर्ड, नौकरी के इतिहास और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही हैं। संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने घटना को आतंकी कृत्य के तौर पर जांच के दायरे में रखा है।

ओमान एयर से जुड़ा था आरोपी

रिपोर्टों के मुताबिक हमाम अल-हम्मामी ओमान का नागरिक है और उसका जन्म संयुक्त अरब अमीरात में हुआ था। उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई मूल की बताई गई हैं। वह अपने करियर की शुरुआत में ओमान एयर से जुड़ा था। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि प्रशिक्षण के दौरान उसके ऑनलाइन व्यवहार और कथित कट्टरपंथी वेबसाइटों तक पहुंच को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आई थीं।

बताया गया है कि इन चिंताओं के बाद उसे सक्रिय उड़ान ड्यूटी से हटाकर डेस्क से जुड़ी भूमिका में भेजा गया था। बाद में उसने ओमान एयर छोड़ दी। रिपोर्टों के अनुसार, ओमान में उस पर उड़ान भरने को लेकर भी रोक लगाई गई थी। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पूरी पुष्टि अभी जांच का विषय है।

फ्लाईदुबई में कैसे मिली नौकरी?

जांच का एक अहम सवाल यह भी है कि अगर उसके पुराने रिकॉर्ड में सुरक्षा संबंधी चिंताएं थीं, तो वह बाद में फ्लाईदुबई के पायलट दल का हिस्सा कैसे बना। रिपोर्टों के अनुसार, उसने ओमान एयर के बाद रॉयल एयर मारोक में भी काम किया था और फिर फ्लाईदुबई से जुड़ा। इसी भर्ती प्रक्रिया और बैकग्राउंड जांच को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि फ्लाईदुबई में नियुक्ति के समय कंपनी को उसके पुराने रिकॉर्ड से जुड़ी सभी जानकारियां उपलब्ध थीं या नहीं। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ इस पहलू पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ाई जांच

हमाम अल-हम्मामी के नाम से जुड़े एक लिंक्डइन प्रोफाइल पर घटना के कुछ घंटे बाद कथित तौर पर दो पोस्ट सामने आए। रिपोर्टों के अनुसार, इनमें एक वीडियो में विमान के कॉकपिट से जुड़ी तस्वीरें और इजरायली एयरलाइन एल अल के विमान से संबंधित फुटेज दिखाई दी। पोस्ट में अल-कायदा से जुड़े लोगों की तस्वीरें भी दिखाई देने की बात कही गई है।

एक अन्य पोस्ट में एआई से तैयार ग्राफिक बताया गया है, जिसमें मक्का, मदीना और यरुशलम को एक रोशन रास्ते से जोड़ते हुए दिखाया गया था। इन पोस्ट की टाइमिंग ने जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा है। हालांकि अभी यह भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि पोस्ट आरोपी ने खुद किए थे या वे पहले से तैयार अथवा शेड्यूल किए गए थे।

कॉकपिट में क्या हुआ था?

30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान में 170 से ज्यादा लोग सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार और को-पायलट के बीच हिंसक घटना हुई। इस दौरान कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हुए और विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा। सीएनएन के अनुसार विमान लगभग दो मिनट में करीब 16,000 फीट नीचे आ गया।

घटना के बाद आपातकालीन संकेत जारी किया गया और विमान को सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ दिया गया। घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने आरोपी को काबू करने में मदद की। विमान को सुरक्षित रूप से तबुक में उतारा गया।

जांच में कई एजेंसियां जुटीं

अब इस मामले में आरोपी के संभावित मकसद, उसके पुराने रोजगार रिकॉर्ड, ऑनलाइन गतिविधियों और विमान के अंदर हुई घटना के बीच संबंध की जांच की जा रही है। अमेरिकी, इजरायली, सऊदी और यूएई अधिकारियों से जुड़े स्रोतों की रिपोर्टों में भी अलग-अलग पहलुओं की जानकारी सामने आई है। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमाम अल-हम्मामी ने यह हमला अकेले किया था या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति या संगठन की भूमिका थी।

इस घटना में कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका भी जांच और सार्वजनिक चर्चा का प्रमुख हिस्सा बनी हुई है। घायल होने के बावजूद उन्होंने विमान को बचाने के प्रयास में अहम भूमिका निभाई। भारतीय पायलट के साहस की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी सार्वजनिक रूप से सराहना की है।

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