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गाजीपुर: बीएससी नर्सिंग छात्रों का कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, मान्यता विवाद ने बढ़ाई चिंता

गाजीपुर जिले के मरदह क्षेत्र स्थित महेगवां में स्थित मां सरस्वती पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट में बीएससी नर्सिंग फर्स्ट सेमेस्टर के छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि उन्हें बिना इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) की मान्यता वाले संस्थान में दाखिला दिलाया गया, जिससे उनके शैक्षणिक भविष्य पर संकट उत्पन्न हो गया है।

छात्र-छात्राओं ने कॉलेज के मुख्य गेट पर हाथों में तख्तियां लेकर जोरदार नारेबाजी की। तख्तियों पर प्रमुख संदेश थे:

  • “शौक नहीं, मजबूरी है, INC जरूरी है”

  • “Education without approval is evolution”

  • “We want transfer”

छात्रों ने बताया कि कॉलेज ने एडमिशन के नाम पर मोटी फीस ली, जबकि संस्थान को नर्सिंग कोर्स चलाने के लिए आधिकारिक अनुमति नहीं थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज की वेबसाइट पर गलत जानकारी डालकर छात्रों को भ्रमित किया गया ताकि उन्हें यह लगे कि संस्थान को INC की मान्यता प्राप्त है।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मांग की कि उनकी फीस वापस की जाए और उन्हें किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज में ट्रांसफर करने की व्यवस्था की जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे जिलाधिकारी से मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे

कॉलेज प्रबंधन का पक्ष:

मां सरस्वती पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट के डॉ. मनीष यादव ने छात्रों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कॉलेज को INC की मान्यता प्राप्त है। उनका कहना है, “बिना अप्रूवल के हम कॉलेज चला ही नहीं सकते। छात्रों को जो करना है करें—धरना दें या प्रदर्शन करें, हमें कोई आपत्ति नहीं है।”

पारदर्शिता और प्रशासनिक स्तर पर सवाल:

इस विवाद ने मरदह क्षेत्र में शैक्षणिक संस्थानों की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं, वहीं प्रशासनिक स्तर पर इस मामले की जांच और निगरानी की मांग भी तेज होती दिख रही है।

पार्श्वभूमि जानकारी:

इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) भारत में नर्सिंग शिक्षा की नियामक संस्था है। यह देशभर के नर्सिंग कॉलेजों के लिए मानक और दिशा-निर्देश तय करती है। बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम संचालित करने वाले सभी संस्थानों के लिए INC की मान्यता अनिवार्य है, अन्यथा ऐसे संस्थानों से प्राप्त डिग्री भविष्य में अमान्य मानी जा सकती है।

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