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Bihar Flood : लगातार बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा, कोसी बराज के इकतीस फाटक खोले गए

Bihar Flood Warning: लगातार बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा गहराया, कोसी-गंडक उफान पर, बीरपुर बराज के 31 फाटक खोले

पटना। बिहार और नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने उत्तर बिहार में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। कोसी, गंडक समेत कई प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे सीमावर्ती और निचले इलाकों में प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। हालात को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने बीरपुर स्थित कोसी बराज के 56 में से 31 फाटक खोल दिए हैं, ताकि अतिरिक्त पानी का सुरक्षित निकास किया जा सके।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

कोसी और गंडक में बढ़ा जलस्तर, दो लाख क्यूसेक के करीब पहुंचा पानी

नेपाल के कैचमेंट क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब बिहार की नदियों पर साफ दिखाई देने लगा है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, सोमवार सुबह बीरपुर कोसी बराज से लगभग दो लाख क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया, जो सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक है।

नेपाल के बराह क्षेत्र में भी कोसी नदी का डिस्चार्ज लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहा तो नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है। इसी आशंका को देखते हुए बराज के 31 गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है।

गंडक नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। सीमावर्ती जिलों में प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जल संसाधन विभाग की टीमें चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं।

कई जिलों में गांवों तक पहुंचा बाढ़ का पानी

लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर का असर उत्तर बिहार के कई जिलों में दिखाई देने लगा है। दरभंगा के कुशेश्वरस्थान, खगड़िया के अलौली, सुपौल और अररिया के कई निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है। खेतों के साथ-साथ ग्रामीण सड़कों पर भी पानी भरने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से टूटने की स्थिति बन रही है। किसानों की धान और अन्य खरीफ फसलों पर भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन ने संवेदनशील गांवों की सूची तैयार कर राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।

शहरों में भी बारिश बनी मुसीबत

केवल ग्रामीण क्षेत्र ही नहीं, बल्कि बिहार के कई शहर भी भारी बारिश से प्रभावित हुए हैं। बेगूसराय और रक्सौल में रातभर हुई बारिश के बाद कई प्रमुख सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। जलनिकासी की व्यवस्था कमजोर होने के कारण लोगों को घंटों तक जलभराव का सामना करना पड़ा।

वहीं मुंगेर के जमालपुर रेल कारखाना परिसर में भी बारिश का पानी जमा हो गया, जिससे कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी हुई। कई इलाकों में यातायात धीमा पड़ गया और दैनिक जीवन प्रभावित हुआ।

पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ा, कटाव ने बढ़ाई चिंता

राजधानी पटना में भी मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। पिछले 24 घंटों में करीब 34 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है और दीघा तट तथा घाट नंबर-93 के आसपास कटाव तेज हो गया है।

कटाव को रोकने के लिए प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने तटबंधों की मरम्मत, बोल्डर पिचिंग और सुरक्षा कार्य तेज कर दिए हैं। मोकामा और दीघा क्षेत्र में भी इंजीनियरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग ने बिहार के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं और वज्रपात होने की संभावना बनी हुई है।

मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। किसानों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी, राहत टीमों को किया अलर्ट

संभावित बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। संवेदनशील इलाकों में राहत सामग्री, नावों और बचाव दलों की व्यवस्था की जा रही है। तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है और जलस्तर में हर घंटे हो रहे बदलाव पर नजर रखी जा रही है।

प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने, केवल सरकारी सूचनाओं पर भरोसा करने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने की अपील की है।

अगले कुछ दिन रहेंगे बेहद अहम

मौसम विभाग और जल संसाधन विभाग का मानना है कि अगले 48 से 72 घंटे बिहार के लिए काफी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। यदि नेपाल और बिहार के ऊपरी इलाकों में बारिश का दौर जारी रहता है तो कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच सकता है।

ऐसे में प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और लोगों से सतर्क रहने, नदी किनारे जाने से बचने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

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