
बहराइच जिले के नानपारा टोल प्लाजा पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब तहसील अधिवक्ता एसोसिएशन नानपारा के अधिवक्ताओं ने टोल प्लाजा को जाम कर दिया। हैदरगढ़ में एक अधिवक्ता के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार से नाराज अधिवक्ताओं ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। अधिवक्ताओं ने टोल प्लाजा का घेराव करते हुए जोरदार नारेबाजी की और टोल टैक्स को पूरी तरह फ्री किए जाने की मांग रखी।
जानकारी के अनुसार, हैदरगढ़ में एक अधिवक्ता के साथ हुए दुर्व्यवहार की घटना से अधिवक्ता समुदाय में भारी रोष है। इसी के विरोध में तहसील अधिवक्ता एसोसिएशन नानपारा के बैनर तले बड़ी संख्या में अधिवक्ता नानपारा टोल प्लाजा पर एकत्र हुए और टोल प्लाजा को जाम कर दिया।
अधिवक्ताओं के अचानक प्रदर्शन से टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह से प्रभावित हो गया। अधिवक्ता हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते नजर आए।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे तहसील अधिवक्ता एसोसिएशन नानपारा के महामंत्री हरिओम शंकर शुक्ला ने कहा कि अधिवक्ताओं के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
महामंत्री ने नानपारा टोल प्लाजा पर अधिवक्ताओं के लिए टोल टैक्स पूरी तरह फ्री किए जाने की मांग रखी। उनका कहना था कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं और उनके साथ इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है।
अधिवक्ताओं के दबाव और लगातार नारेबाजी के आगे टोल प्लाजा प्रबंधन को झुकना पड़ा। टोल प्लाजा मैनेजर ने अधिवक्ता एसोसिएशन की मांगों को मानते हुए अधिवक्ताओं के वाहनों को टोल टैक्स फ्री करने पर सहमति जताई, जिसके बाद प्रदर्शन कुछ देर के लिए शांत हुआ।
प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस अधिकारियों ने अधिवक्ताओं और टोल प्लाजा प्रबंधन के बीच संवाद बनाकर स्थिति को नियंत्रण में रखा।
फिलहाल, अधिवक्ताओं के प्रदर्शन के बाद नानपारा टोल प्लाजा पर यातायात बहाल कर दिया गया है, लेकिन अधिवक्ता समुदाय ने साफ कर दिया है कि यदि हैदरगढ़ की घटना में दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।




