
संवाददाता: मुनेन्द्र शर्मा
स्थान: बदायूं, उत्तर प्रदेश
बदायूं जिला न्यायालय परिसर में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी और हंगामा मच गया जब एक युवक ने अचानक खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए एक अधिवक्ता के साथ खड़े युवक को पकड़ने का प्रयास किया। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद वकील समुदाय भड़क उठा और आरोपी युवक को मौके पर ही घेरकर जमकर धुनाई कर दी।
🔶 अधिवक्ताओं को युवक की हरकतें लगीं संदिग्ध, पूछा—“कौन सी पुलिस से हो?”
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक न्यायालय परिसर में पहले से घूमता नजर आ रहा था।
उसने अचानक एक अधिवक्ता के साथ खड़े युवक की बाँह पकड़कर कहा—“हम पुलिस से हैं, तुमको हमारे साथ चलना होगा।”
अधिवक्ताओं को उसकी भाषा, व्यवहार और पहचान संदिग्ध लगी।
जब अधिवक्ताओं ने उससे पूछा कि—
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वह किस थाने से आया है?
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उसकी पहचान पत्र कहाँ है?
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वर्दी क्यों नहीं पहनी?
तो युवक ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और बचने की कोशिश करने लगा।
यही देखकर वकीलों का शक और गहरा गया।
🔶 वकीलों में भड़का गुस्सा, मौके पर ही जमकर की पिटाई
युवक द्वारा लगातार खुद को पुलिस कर्मी बताने और अधिवक्ता के साथी को पकड़ने के प्रयास से नाराज वकीलों ने उसे रोक लिया।
जब उसने भागने की कोशिश की, तो वकीलों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी।
कई वकील गुस्से में उस युवक पर टूट पड़े, जिसके चलते न्यायालय परिसर में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बाद में गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने किसी तरह युवक को भीड़ से छुड़ाया।
🔶 युवक का चोरी के पुराने मामले से कनेक्शन बताया जा रहा
सूत्रों के अनुसार, पिटाई खाने वाला युवक शहर के एक सर्राफा व्यापारी की दुकान से चेन चोरी के पुराने मामले में संदिग्ध बताया जा रहा है।
अधिवक्ता वर्ग का आरोप है कि युवक चोरी के मामले से बचने के लिए कभी-कभी फर्जी पुलिस बनकर लोगों पर रौब जमाता है और उन्हें भ्रमित करता है।
पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि क्या वह किसी नए अपराध को अंजाम देने या किसी को ब्लैकमेल करने आया था।
🔶 न्यायालय परिसर की सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना ने जिला न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
युवक आसानी से परिसर में घुस गया और खुद को पुलिसकर्मी बताकर किसी को पकड़ने की कोशिश की—यह एक गंभीर लापरवाही मानी जा रही है।
अधिवक्ता संघ ने कहा:
“अगर किसी आरोपी या असमाजिक तत्व को कोर्ट परिसर में फर्जी पुलिस बनकर घुसने की अनुमति मिल सकती है, तो सुरक्षा की स्थिति बेहद चिंताजनक है।”
🔶 अधिवक्ताओं में आक्रोश, कड़ी कार्रवाई की मांग
वकीलों ने इस घटना को न्यायालय परिसर की सुरक्षा के लिए ‘गंभीर खतरा’ बताया है और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि—
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युवक की पहचान साफ की जाए
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उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच हो
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उसे फर्जी पुलिस बनकर लोगों को डराने के आरोप में कठोर कार्रवाई मिले
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कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ाई जाए
🔶 पुलिस ने जांच शुरू की, युवक की पहचान की प्रक्रिया जारी
घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुँची और युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि—
“युवक की पूरी पहचान खंगाली जा रही है। वह किस उद्देश्य से न्यायालय पहुंचा था, इसकी जांच जारी है।”
प्रारंभिक जानकारी में युवक के चोरी के मामले से जुड़ा होने का शक है, लेकिन पुलिस अभी इसकी स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है।




