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Aligarh News: घर से चूरन समझ कर लाए विषाक्त को आंगनबाड़ी में बच्चों ने खाया, आठ की तबीयत खराब, मेडिकल रेफर

एमओआईसी डॉ अवनेंद्र यादव ने बताया कि बच्चों की हालत विषाक्त खाने से बिगड़ी है। हालत खतरे से बाहर है। फिर भी बेहतर इलाज के लिए बच्चों को हायर सेंटर रेफर किया गया है।

अतरौली के गांव नरौना आकापुर के कंपोजिट स्कूल प्रांगण में संचालित स्मार्ट आंगनबाड़ी केंद्र में एक बालिका चूरन समझकर घर से पाउच ले आई। जिसे बालिका ने खुद खा लिया और अपने साथ पढ़ने वाले आठ बच्चों को भी खिला दिया। इससे बच्चों की हालत बिगड़ गई उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

अपराह्न करीब 11 बजे आंगनबाड़ी में बच्चे दोपहर का खाना मिलने से पहले पढ़ रहे थे। इसी दौरान अचानक कमरे में दुर्गंध फैलने लगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चंद्रवती, महेंद्र कौर, योगेश ने बच्चों से पूछा कि ये दुर्गंध तो बड़ी अजीब है, किसी ने कुछ खाया है क्या। तभी एक बच्ची ने पाउच फेंका। आंगनबाड़ी ने तत्काल उस पाउच को देखा तो वह गेहूं को घुन से बचाने के लिए उसमें रखने वाली दवा थी।

उन्होंने बच्ची से पूछा कहां से लाई है तो उसने बताया कि घर की अलमारी में रखा था, वहां से लाई।  आंगनबाड़ी ने यह बात स्कूल की शिक्षिकाओं को बताई तो उन्होंने बिना देरी किए स्कूल के बाहर मौजूद ग्रामीणों की मदद से बच्चों को बाईकों के द्वारा तत्काल अतरौली के 100 शैय्या अस्पताल में भिजवाया। जहां प्राथमिक उपचार देकर बच्चों को जेएन मेडिकल कॉलेज भेजा।

जिसमें मुस्कान पुत्री वीरेश, निखिल पुत्र डोरीलाल, राधिका पुत्री सोनू, नेहा पुत्री प्रशांत, काका पुत्र प्रशांत, रोशनी पुत्री सोनू, सुमन पुत्र प्रेमशंकर, यश पुत्र प्रेमशंकर की हालत बिगड़ गई। एमओआईसी डॉ अवनेंद्र यादव ने बताया कि बच्चों की हालत विषाक्त खाने से बिगड़ी है। हालत खतरे से बाहर है। फिर भी बेहतर इलाज के लिए बच्चों को हायर सेंटर रेफर किया गया है।

लगातार खबर अपडेट की जा रही है… 

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