
जालौन। आज आम आदमी पार्टी (AAP) ने शहर की सड़कों पर अपने गुस्से और विरोध की ताकत दिखाई। यह प्रदर्शन मुख्य न्यायाधीश पर कथित हमले के खिलाफ किया गया। पार्टी ने इस घटना को लोकतंत्र और न्यायपालिका पर हमला बताया।
जिलाध्यक्ष विनय चौरसिया के नेतृत्व में सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी सड़क पर उतरे और जोरदार नारेबाज़ी की। उन्होंने कहा कि दलित समाज का अपमान अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। AAP के कार्यकर्ताओं ने साफ तौर पर कहा,
“अब नहीं सहेंगे दलित बेटे का अपमान।”
विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी ने प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति महोदया को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्यायपालिका की गरिमा बनाए रखने की मांग की गई।
AAP के नेताओं ने यह भी चेतावनी दी कि दलित समाज के सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा और सरकार के गलियारों तक इस विरोध का असर पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी।
इस प्रदर्शन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि दलित समाज के अधिकार और सम्मान के खिलाफ किसी भी प्रकार की अनदेखी या उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब सवाल यह है कि क्या इस विरोध का असर प्रशासन और सरकार की नीतियों में दिखाई देगा।




