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हेमंत राज में महिलाओं के खिलाफ अपराध में बेतहाशा वृद्धि हुई है- लुईस मरांडी

आदिम पहाड़िया जनजातीय समुदाय की रेबिका पहाड़िन हत्याकांड सुर्खियों में है। जहां सत्तापक्ष, विपक्ष पर लाश पर राजनीति करने का आरोप लगा रहा है तो वहीं मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी का कहना है कि राज्य सरकार महिलाओं के खिलाफ अपराध पर लगाम लगाने में नाकामयाब रही है। अलबत्ता महिलाओं के खिलाफ हिंसा में वृद्धि ही हुई है। दुमका से बीजेपी की पूर्व विधायक और पूर्व समाज कल्याण मंत्री लुईस मरांडी ने कहा कि हेमंत राज में महिलाओं के खिलाफ अपराध में बेतहाशा वृद्धि हुई है। आदिवासी-मूलवासी का नारा देकर सत्ता में आई महागठबंधन सरकार बेटियों को न्याय दिलाने में असफल रही है। उन्होंने रेबिका हत्याकांड को क्रूरतम और जघन्य अपराध की संज्ञा देते हुए कहा कि हमने पहले ना तो कभी ऐसा देखा और ना ही सुना।
लुईस मरांडी ने मृतका रेबिका के परिजनों से की मुलाकात सोमवार को मृतका रेबिका पहाड़िन के परिजनों से मिलने बोरियो प्रखंड अंतर्गत पुआल पंचायत के गोडा पहाड़ पहुंची पूर्व मंत्री लुईस मरांडी ने कहा कि हत्या की घटनाएं होती रहती है लेकिन जिस प्रकार से रेबिका को मारा गया वो दुर्लभ है। इसे केवल हत्या कहना सही नहीं है। ये बेहद वीभत्स घटना है। उन्होंने कहा कि रेबिका की 5 साल की छोटी सी बच्ची है। उसका क्या दोष है? लुईस मरांडी ने कहा कि बेटियां चाहे संताल हो या पहाड़िया, आदिवासी हो या गैर आदिवासी। बेटियां तो बेटियां होती है। उनकी सुरक्षा और प्रगति सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है लेकिन ये दुर्भाग्य है कि हेमंत सरकार प्रदेश में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर पूरी तरह असफल रही है। उन्होंने दुमका में अंकिता हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि संताल परगना में खासतौर पर आदिवासी बेटियों के खिलाफ हिंसक अपराध हुए हैं लेकिन किसी भी बेटी को अभी तक न्याय नहीं मिला। सीएम हेमंत सोरेन द्वारा लाश पर राजनीति करने के आरोपों पर लुईस मरांडी ने कहा कि क्या हमें राज्य में हुई हिंसक घटनाओं पर सवाल नहीं पूछना चाहिए? क्या पीड़ित परिवार का आंसू पोछना अपराध है? क्या सिद्धू-कान्हू ने इसी दिन के लिए हूल किया था?  लुईस मरांडी ने कहा कि क्या सिद्धू-कान्हू ने इसी दिन के लिए संघर्ष किया था? उन्होंने कहा कि किसी जमाने में सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरवा और फूलो-झानो ने अन्याय के खिलाफ संताल हूल का ऐलान किया था। आज फिर से वही परिस्थितियां बन रही हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को अपने हक, अधिकार और सुरक्षा के लिए जागना होगा। ह्यूमन ट्रैफिकिंग के सवाल पर क्या बोलीं लुईस मरांडी संताल परगना में आदिवासी लड़कियों की ह्यूमन ट्रैफिकिंग के सवाल पर पूर्व मंत्री लुईस मरांडी ने कहा कि यहां ऊंचे पहाड़ हैं। दुर्गम रास्ते हैं। अशिक्षा, गरीबी और बेरोजगारी है। ऐसे में लोग रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन कर जाते हैं। इसी क्रम में वे ह्यूमन ट्रैफिकिंग रैकेट के चंगुल में फंस जाते हैं। एजेंट गांव में घुस आते हैं और भोले-भाले आदिवासियों को अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों में फंसा लेते हैं। अच्छी जिंदगी का झांसा देकर दूसरे राज्यों में ले जाकर बेचे देते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग को रोकने के लिए कई प्रयास किए थे। बच्चियों को रेस्क्यू किया। उन्हें स्कूलों में भर्ती कराया लेकिन मौजूदा सरकार की मंशा आमजन का हित है ही नहीं।

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