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Road Safety Campaign : उरई में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ, जागरूकता रैली से दी सुरक्षा की सीख

जालौन (उरई)। नए वर्ष की शुरुआत के साथ ही उरई में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार के निर्देशन में पूरे शहर में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता अभियान चलाया गया।
अभियान का उद्देश्य शहरवासियों में सुरक्षित ड्राइविंग, यातायात अनुशासन और दुर्घटनाओं में कमी लाना है।

कार्यक्रम की शुरुआत जिला मुख्यालय से की गई, जहां एनसीसी और एनएसएस के छात्र-छात्राओं, परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं यातायात पुलिस की टीमों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया।
जागरूकता रैली के दौरान छात्रों ने शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और मुख्य सड़कों पर पैदल मार्च करते हुए लोगों को “सुरक्षित चलो, सुरक्षित रहो” का संदेश दिया।

पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमों ने वाहन चालकों को यातायात नियमों की जानकारी दी —

  • वैध ड्राइविंग लाइसेंस साथ रखने की सलाह,

  • हेलमेट और सीट बेल्ट के प्रयोग का महत्व,

  • नशे की हालत में वाहन न चलाने की चेतावनी,

  • लेन में चलने और ओवरस्पीडिंग से बचने की अपील की गई।

अभियान के तहत जागरूकता पोस्टर भी लगाए गए और बच्चों ने स्लोगन के माध्यम से लोगों को सड़क सुरक्षा का महत्व समझाया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार, मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, एवं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. देवेंद्र भिटौरिया ने स्वयं चौराहों का निरीक्षण किया और जागरूकता टीमों का हौसला बढ़ाया।
डीएम ने कहा कि “सड़क सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। छोटी-छोटी सावधानियाँ बड़ी दुर्घटनाओं से बचा सकती हैं।”
वहीं एसपी ने लोगों से अपील की कि यातायात नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए करें।

कार्यक्रम को सफल बनाने में वरिष्ठ सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सुरेश कुमार, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी राजेश कुमार, यात्रीकर/मालकर अधिकारी विनय कुमार पाण्डेय तथा प्रभारी यातायात बीर बहादुर की अहम भूमिका रही।
उन्होंने बताया कि पूरे महीने शहर के प्रमुख मार्गों, विद्यालयों और कार्यालयों में विशेष सड़क सुरक्षा कार्यशालाएँ, सेमिनार, और सड़क नाटक (स्ट्रीट प्ले) आयोजित किए जाएंगे ताकि लोगों में व्यवहारिक परिवर्तन लाया जा सके।

एनसीसी और एनएसएस के छात्र-छात्राओं ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर शहर में रैली निकाली। उन्होंने वाहन चालकों को फूल भेंट कर यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।
कई छात्रों ने सड़क किनारे पैदल यात्रियों को भी यातायात संकेतों और क्रॉसिंग के नियमों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में छात्रों का जोश और अनुशासन देखने लायक था।

जिलाधिकारी ने कहा कि यह अभियान तभी सफल होगा जब लोग स्वेच्छा से यातायात नियमों का पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में जनपद के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा कार्यशालाएँ, नुक्कड़ नाटक और जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे।
पुलिस विभाग ने बताया कि इस माह के दौरान बिना हेलमेट, ओवरलोडिंग, और मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलेगा।

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत यह जागरूकता अभियान 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक चलाया जाएगा।
इस दौरान पुलिस, परिवहन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से जिलेभर में अनेक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।
इस पहल का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और जनमानस में सुरक्षित यातायात की भावना को मजबूत करना है।

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