
अमेरिका के इलिनॉय राज्य में हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर कथित सामूहिक गोलीबारी की साजिश का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, 19 वर्षीय युवक हथियार और सैकड़ों कारतूस लेकर मंदिर पहुंचा था, लेकिन बंदूक जाम होने के कारण कथित तौर पर गोली नहीं चला सका। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके घर से राइफल, भरी हुई मैगजीन तथा अन्य संदिग्ध सामान बरामद किए गए हैं।
न्यूयॉर्क/इलिनॉय: अमेरिका में हिंदू धार्मिक स्थल को निशाना बनाने की कथित साजिश ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इलिनॉय राज्य के ऑरोरा इलाके में स्थित एक हिंदू मंदिर पर संभावित सामूहिक गोलीबारी की योजना बनाने के आरोप में 19 वर्षीय एलेक्जेंड्रोस पापोराकिस को गिरफ्तार किया गया है। जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर हमले की तैयारी की थी और हथियारों से जुड़ी तस्वीरें तथा एक संदिग्ध दस्तावेज अपने परिचित के साथ साझा किया था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मंदिर में गोलीबारी की कोशिश के दौरान उसकी बंदूक जाम हो गई, जिसके बाद वह वहां से लौट गया। हालांकि, मामले से जुड़े सभी आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होनी बाकी है।
मंदिर को निशाना बनाने की कथित साजिश से मचा हड़कंप
पुलिस के मुताबिक, यह मामला 11 अक्टूबर 2026 को सामने आया, जब अधिकारियों को संभावित सामूहिक गोलीबारी की योजना के बारे में जानकारी मिली। आरोपी पैलेटाइन गांव का रहने वाला बताया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर कार्रवाई की।
जांचकर्ताओं को आशंका थी कि आरोपी किसी हिंदू धार्मिक स्थल पर हमला कर सकता है। मामले में सामने आए शुरुआती तथ्यों के अनुसार, युवक कथित तौर पर हथियार और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद लेकर मंदिर पहुंचा था। इसी दौरान हथियार में खराबी आने के कारण वह गोली चलाने में सफल नहीं हुआ। इसके बाद वह कथित तौर पर अपने घर लौट गया। पुलिस ने बाद में उसे हिरासत में ले लिया।
सहकर्मी के संदेशों से खुला मामले का राज
पुलिस के अनुसार, संभावित हमले की जानकारी आरोपी के साथ टैको बेल में काम करने वाले एक व्यक्ति से मिली थी। उस व्यक्ति ने अधिकारियों को बताया कि उसे आरोपी की ओर से कुछ ऐसे संदेश मिले थे, जिनसे किसी गंभीर हिंसक घटना की आशंका पैदा हुई।
जांच में कथित तौर पर एक दस्तावेज भी सामने आया, जिसमें सामूहिक गोलीबारी की योजना का उल्लेख था। इसके अलावा, आरोपी द्वारा राइफल, मैगजीन, सुरक्षा उपकरण और अन्य सामान की तस्वीरें साझा किए जाने की बात भी सामने आई। इन जानकारियों के आधार पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और संदिग्ध की गतिविधियों की जांच तेज कर दी।
घर से राइफल, भरी मैगजीन और सैकड़ों कारतूस बरामद
आरोपी को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने अदालत से प्राप्त तलाशी वारंट के आधार पर उसके घर की तलाशी ली। अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी के दौरान एक राइफल, कई भरी हुई मैगजीन और सैकड़ों अतिरिक्त कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा, पुलिस को एक टैक्टिकल वेस्ट और अन्य संदिग्ध सामान भी मिला।
जांच एजेंसियां बरामद वस्तुओं और इलेक्ट्रॉनिक संदेशों की पड़ताल कर रही हैं, ताकि कथित हमले की तैयारी, उसकी संभावित योजना और आरोपी के इरादों के बारे में अधिक जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस के लिए यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण है कि इस साजिश में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
दस्तावेज में दक्षिण एशियाई मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का जिक्र
इस मामले की जांच में अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने भी सहयोग किया। जांचकर्ताओं ने आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक संदेशों और उसके नाम से जुड़े एक कथित दस्तावेज की जांच की। इस दस्तावेज का शीर्षक ‘Why I Fought: A.K.A.: (Aurora Shooter’s Manifesto)’ बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, दस्तावेज में श्वेत वर्चस्ववादी और चरमपंथी विचारों से संबंधित सामग्री थी। इसमें दक्षिण एशियाई मूल के लोगों, विशेष रूप से भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का उल्लेख होने की बात भी सामने आई है। जांच एजेंसियां इन तथ्यों के आधार पर संभावित मकसद और कथित हमले के पीछे की विचारधारा को समझने की कोशिश कर रही हैं।
हिंदू मंदिरों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पुलिस ने किया संपर्क
संभावित खतरे की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले हिंदू धार्मिक स्थलों से संपर्क किया। अधिकारियों ने मंदिर प्रबंधन को सतर्क रहने और उपलब्ध सुरक्षा उपायों पर ध्यान देने के लिए जानकारी दी।
इस कार्रवाई का उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए समय रहते तैयारी करना था। पुलिस के अनुसार, स्थानीय विभागों के बीच समन्वय और समय पर मिली सूचना ने संदिग्ध की पहचान करने तथा उसे गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आरोपी पर गंभीर आरोप, अदालत ने हिरासत में रखने का दिया आदेश
पापोराकिस पर आतंकवादी धमकी देने और गैरकानूनी तरीके से हथियार रखने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आतंकवादी धमकी से संबंधित आरोप को क्लास-X श्रेणी का गंभीर अपराध बताया गया है। बुधवार को हुई हिरासत संबंधी सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी को हिरासत में रखने का आदेश दिया।
फिलहाल जांच जारी है। अधिकारियों की नजर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, बरामद हथियारों और कथित दस्तावेज पर है। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और अदालत की प्रक्रिया के आधार पर होगी।

ध्यान दें: आरोपी पर लगे आरोप अभी न्यायिक जांच के अधीन हैं। दोष सिद्ध होने तक उसे कानूनन निर्दोष माना जाता है।




