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RBI Repo Rate : आरबीआई के फैसले के बाद पीएनबी समेत कई बैंकों ने बढ़ाई कर्ज की ब्याज दरें

RBI Repo Rate Hike: PNB समेत कई बैंकों ने बढ़ाई लोन की ब्याज दरें, जानें किस बैंक में कितना हुआ इजाफा

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी किए जाने के बाद अब इसका सीधा असर बैंक ग्राहकों पर दिखाई देने लगा है। देश के कई बड़े सरकारी और निजी बैंकों ने अपनी रेपो आधारित लोन ब्याज दरों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। इनमें पंजाब नेशनल बैंक (PNB), इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक समेत कई बैंक शामिल हैं।

आरबीआई ने बुधवार को मौद्रिक नीति से जुड़े फैसले में रेपो रेट को 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया। करीब चार साल बाद रेपो रेट में यह पहली बढ़ोतरी है। केंद्रीय बैंक के इस फैसले के बाद बैंकों ने अपनी संबंधित बेंचमार्क लेंडिंग रेट में संशोधन शुरू कर दिया है। ऐसे में जिन ग्राहकों का लोन रेपो आधारित ब्याज दर से जुड़ा है, उनकी EMI पर भी इसका असर पड़ सकता है।

PNB ने RLLR में किया 0.25% का इजाफा

पंजाब नेशनल बैंक ने रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद अपनी Repo Linked Lending Rate (RLLR) में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि की है। बैंक ने RLLR को 8.10 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.35 प्रतिशत कर दिया है। नई दर 8 अक्टूबर से प्रभावी होगी।

हालांकि, PNB ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसकी Marginal Cost of Funds Based Lending Rate (MCLR) और बेस रेट में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि सभी प्रकार के लोन पर एक समान असर पड़ना जरूरी नहीं है। इसका प्रभाव मुख्य रूप से उन कर्जदारों पर पड़ेगा जिनका लोन रेपो आधारित ब्याज दर से जुड़ा हुआ है।

इंडियन बैंक ने भी बढ़ाई ब्याज दर

इंडियन बैंक ने भी आरबीआई के फैसले के बाद अपनी Repo Based Lending Rate (RBLR) में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। बैंक ने इसे 7.95 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.20 प्रतिशत कर दिया है। संशोधित दर 8 अक्टूबर से लागू होगी।

इसी तरह बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी रेपो आधारित लोन दर को 7.90 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.15 प्रतिशत कर दिया है। वहीं बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक ने भी अपनी RBLR में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इसे 8.35 प्रतिशत कर दिया है।

तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक ने भी बढ़ाई दर

निजी क्षेत्र के तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक ने भी आरबीआई की रेपो दर में वृद्धि के बाद अपनी रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट में बदलाव किया है। बैंक ने दर को 8.25 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.50 प्रतिशत कर दिया है।

बढ़ सकती है EMI का बोझ

रेपो रेट वह दर है जिस पर आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक धन उपलब्ध कराता है। जब केंद्रीय बैंक रेपो रेट बढ़ाता है तो बैंकों के लिए धन की लागत बढ़ सकती है। इसका असर बैंक अपनी लोन ब्याज दरों में बढ़ोतरी के रूप में ग्राहकों तक पहुंचा सकते हैं।

खासकर होम लोन, पर्सनल लोन और अन्य फ्लोटिंग रेट वाले कर्ज की ब्याज दरों में बदलाव होने पर ग्राहकों की EMI बढ़ सकती है या लोन की अवधि लंबी हो सकती है। हालांकि वास्तविक असर ग्राहक के लोन के प्रकार, ब्याज दर की व्यवस्था और बैंक की संबंधित बेंचमार्क दर पर निर्भर करेगा।

आरबीआई के इस फैसले के बाद आने वाले दिनों में अन्य बैंक और वित्तीय संस्थान भी अपनी रेपो आधारित ब्याज दरों में संशोधन कर सकते हैं। ऐसे में लोन लेने वाले ग्राहकों के लिए आने वाले समय में ब्याज दरों और EMI में बदलाव पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

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