
उत्तर प्रदेश में पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों के खिलाफ एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने बड़ा अभियान शुरू किया है। पाकिस्तानी आतंकी और गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश में यूपी के करीब 15 जिलों में जांच और छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस अभियान के दौरान आधा दर्जन से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। जांच एजेंसियां अब इन लोगों के संपर्कों, गतिविधियों और संभावित नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही हैं।
पश्चिमी यूपी से लेकर बॉर्डर इलाकों तक कार्रवाई
यूपी ATS की यह कार्रवाई केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है। एजेंसी की टीमें इंडो-नेपाल सीमा से लगे कुछ जिलों में भी संदिग्धों के ठिकानों पर पहुंच रही हैं। अधिकारियों का फोकस ऐसे लोगों की पहचान करने पर है, जिनके बारे में शहजाद भट्टी नेटवर्क से संपर्क या किसी तरह की गतिविधि में शामिल होने का संदेह है।
ATS की टीमों ने कई स्थानों पर एक साथ दबिश देकर संदिग्धों से पूछताछ की है। जांच में डिजिटल संपर्क, सोशल मीडिया गतिविधियों और संदिग्ध लोगों के आपसी कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि नेटवर्क का स्थानीय स्तर पर किस तरह विस्तार हुआ और इसमें कौन-कौन लोग सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
पहले गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी
जांच एजेंसियों के मुताबिक, मौजूदा कार्रवाई पहले पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारियों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। पूछताछ में मिले इनपुट के बाद एजेंसियों ने नेटवर्क से जुड़े संभावित नए लोगों की पहचान की और उनके ठिकानों पर दबिश दी।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी ATS पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर 150 से ज्यादा संदिग्धों की गतिविधियों और संपर्कों की जांच कर रही है। पिछले चार महीनों में इस नेटवर्क से जुड़े मामलों में 52 संदिग्धों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है।
सोशल मीडिया के जरिए नेटवर्क से जोड़ने की जांच
जांच का एक अहम पहलू सोशल मीडिया और ऑनलाइन संपर्क भी है। एजेंसियों को संदेह है कि नेटवर्क से जुड़े लोगों ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश की। इसी वजह से संदिग्धों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट और अन्य डिजिटल संपर्कों की जांच की जा रही है।
इस तरह के नेटवर्क की जांच में एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश करती हैं कि किसी व्यक्ति से संपर्क कैसे स्थापित हुआ, उसे किस तरह की जिम्मेदारी दी गई और उसके संपर्क किन अन्य लोगों तक फैले हुए हैं।
केंद्र ने सितंबर में नेटवर्क को आतंकवादी संगठन घोषित किया
शहजाद भट्टी नेटवर्क को लेकर केंद्र सरकार पहले ही बड़ा कदम उठा चुकी है। गृह मंत्रालय ने 16 सितंबर 2026 को इस नेटवर्क को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया था। गृह मंत्रालय के मुताबिक, नेटवर्क पर हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी तथा युवाओं और छोटे अपराधियों को आतंकवादी गतिविधियों की ओर धकेलने के आरोप हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा था कि नेटवर्क डिजिटल माध्यमों के जरिए नफरत फैलाने वाली सामग्री प्रकाशित करता रहा है।
इससे पहले अगस्त 2026 में देश के कई राज्यों में शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, उस अभियान में 14 राज्यों में 200 से ज्यादा लोगों के खिलाफ कार्रवाई और 80 से अधिक FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी। उत्तर प्रदेश में उस अभियान के दौरान सबसे ज्यादा लोगों पर कार्रवाई की गई थी।
अब स्थानीय नेटवर्क की तलाश
यूपी ATS की ताजा कार्रवाई का मुख्य फोकस नेटवर्क के स्थानीय संपर्कों का पता लगाना है। जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि संदिग्धों के बीच संपर्क किस माध्यम से हुआ और क्या किसी व्यक्ति को आगे किसी दूसरे व्यक्ति से जोड़ने की भूमिका दी गई थी।

फिलहाल हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ जारी है। ATS की जांच आगे बढ़ने के साथ और लोगों के नाम सामने आने तथा नए ठिकानों पर कार्रवाई होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। हालांकि, हिरासत में लिए गए सभी लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।




