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Crime Thriller : ‘हुंकार’ में धर्मगुरु का काला सच, न्याय की लड़ाई लड़ती मीनू

‘आश्रम’ के बाद धर्मगुरु की कहानी, ‘हुंकार’ के 6 एपिसोड में दिखेगा रहस्य और रोमांच

ओटीटी की दुनिया में धर्म, आस्था, सत्ता और अपराध के इर्द-गिर्द बुनी कहानियों को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलता रहा है। बॉबी देओल की चर्चित वेब सीरीज ‘आश्रम’ के बाद अब इसी तरह के विषय को एक अलग कहानी और किरदारों के साथ पेश करती वेब सीरीज ‘हुंकार: द रोर’ चर्चा में है। अनीत पड्डा स्टारर यह सीरीज एक प्रभावशाली धर्मगुरु, उसके कथित साम्राज्य और उसके खिलाफ न्याय की लड़ाई लड़ने वाली एक किशोरी की कहानी पर आधारित है।

‘हुंकार: द रोर’ में रघुबीर यादव ने सुनील ‘बापजी’ चकोसी का किरदार निभाया है। कहानी में बापजी एक प्रभावशाली आध्यात्मिक शख्सियत के रूप में नजर आता है, जिसके आसपास आस्था रखने वाले लोगों का बड़ा समूह है। लेकिन कहानी आगे बढ़ने के साथ उसके व्यक्तित्व और उसके साम्राज्य से जुड़े कई गंभीर और चौंकाने वाले पहलू सामने आते हैं।

17 साल की मीनू की न्याय की लड़ाई

सीरीज की कहानी का मुख्य केंद्र 17 साल की मीनू रावत है। मीनू अपने माता-पिता के साथ धर्मगुरु बापजी के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाती है। इसके बाद कहानी सिर्फ एक परिवार और एक धर्मगुरु के बीच संघर्ष तक सीमित नहीं रहती, बल्कि प्रभावशाली व्यक्ति के खिलाफ न्याय पाने की चुनौती को भी सामने रखती है।

मीनू का किरदार अनीत पड्डा ने निभाया है। इस सीरीज में अभिनेत्री का किरदार उनके पिछले रोमांटिक और युवा भूमिकाओं से काफी अलग नजर आता है। कहानी में उनके किरदार के सामने भावनात्मक संघर्ष के साथ-साथ कई मुश्किल परिस्थितियां आती हैं, जिनके बीच वह न्याय की लड़ाई जारी रखती है।

छह एपिसोड में आगे बढ़ती कहानी

‘हुंकार: द रोर’ की कहानी छह एपिसोड में पूरी होती है। कम एपिसोड होने की वजह से सीरीज की कहानी अपेक्षाकृत केंद्रित रहती है। हर एपिसोड में कहानी को आगे बढ़ाने के साथ नए सवाल और घटनाक्रम सामने आते हैं, जिससे दर्शकों की दिलचस्पी बनी रहती है।

सीरीज में क्राइम, इमोशनल ड्रामा, कोर्टरूम और सस्पेंस को एक साथ जोड़ा गया है। कहानी में जैसे-जैसे मीनू और उसके परिवार की लड़ाई आगे बढ़ती है, बापजी के प्रभाव और उसके आसपास बने तंत्र की परतें भी सामने आती हैं।

अनीत पड्डा का अलग अंदाज

अनीत पड्डा ने मोहित सूरी की फिल्म ‘सैयारा’ से दर्शकों के बीच पहचान बनाई थी। ‘हुंकार’ में वह बिल्कुल अलग तरह के किरदार में दिखाई देती हैं। यहां उनका किरदार एक ऐसी लड़की का है, जो मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद अपने साथ हुए कथित अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती है।

अनीत के साथ सीरीज में फातिमा सना शेख, मोहम्मद जीशान अय्यूब, अर्जुन माथुर और रघुबीर यादव जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। कलाकारों की यह टीम कहानी को क्राइम और कोर्टरूम ड्रामा का रूप देने में अहम भूमिका निभाती है।

‘आश्रम’ से तुलना क्यों हो रही है?

‘हुंकार’ की चर्चा के दौरान इसकी तुलना ‘आश्रम’ से भी की जा रही है, क्योंकि दोनों कहानियों में प्रभावशाली धर्मगुरु और उसके आसपास बने तंत्र को कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। हालांकि, ‘हुंकार’ की कहानी का अपना अलग कथानक है और इसका फोकस एक किशोरी तथा उसके परिवार की न्याय की लड़ाई पर है।

जहां ‘आश्रम’ में बाबा निराला के साम्राज्य और उसके अपराधों की कहानी दिखाई गई थी, वहीं ‘हुंकार’ में बापजी के खिलाफ उठती आवाज और अदालत तक पहुंचने वाली लड़ाई को केंद्र में रखा गया है।

कहां और कब देख सकते हैं ‘हुंकार’?

‘हुंकार: द रोर’ 25 सितंबर 2026 से जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रही है। सीरीज को हिंदी के साथ तमिल, तेलुगु, बंगाली, भोजपुरी, कन्नड़, मलयालम और मराठी भाषाओं में भी उपलब्ध कराया गया है।

सीरीज की कहानी में धर्मगुरु का प्रभाव, एक परिवार की लड़ाई, कोर्टरूम ड्रामा और लगातार सामने आते रहस्य शामिल हैं। छह एपिसोड की यह सीरीज उन दर्शकों के लिए खास तौर पर दिलचस्प हो सकती है, जिन्हें क्राइम, मिस्ट्री और सोशल ड्रामा पर आधारित कहानियां पसंद हैं।

इंडिया टीवी की समीक्षा में ‘हुंकार: द रोर’ को 5 में से 3.5 स्टार की रेटिंग दी गई है। समीक्षा में कहानी और अनीत पड्डा के अभिनय को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है। ऐसे में ‘हुंकार’ ओटीटी पर इस समय चर्चा में चल रही नई थ्रिलर सीरीज में शामिल है।

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