
देश में त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही रोजगार के नए अवसर भी तेजी से बढ़ने लगे हैं। ऑनलाइन शॉपिंग का बाजार गर्म होने से ई-कॉमर्स कंपनियों ने डिलीवरी, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स से जुड़े कामों के लिए बड़े स्तर पर भर्ती की तैयारी शुरू कर दी है। इस बार फेस्टिव सीजन में 4 लाख से ज्यादा गिग और अस्थायी रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि इन नौकरियों के लिए हमेशा लंबी डिग्री या ज्यादा अनुभव की जरूरत नहीं होती।
त्योहारों के दौरान लोग बड़ी संख्या में कपड़े, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू सामान, गिफ्ट आइटम और दूसरी जरूरत की चीजें ऑनलाइन खरीदते हैं। ऑर्डर की संख्या बढ़ने के साथ कंपनियों पर सामान को समय पर ग्राहकों तक पहुंचाने का दबाव भी बढ़ जाता है। यही वजह है कि ई-कॉमर्स कंपनियां डिलीवरी पार्टनर, पैकेजिंग स्टाफ, वेयरहाउस कर्मचारी, सॉर्टिंग स्टाफ और अन्य लॉजिस्टिक्स भूमिकाओं में अतिरिक्त लोगों को जोड़ रही हैं।
लाखों ऑर्डर संभालने के लिए बढ़ाई जा रही टीम
फेस्टिव सीजन में ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती ऑर्डर की बढ़ती संख्या को संभालना होती है। सामान्य दिनों की तुलना में इस अवधि में डिलीवरी का काम काफी बढ़ जाता है। ऐसे में कंपनियां पहले से ही अतिरिक्त कर्मचारियों और गिग वर्कर्स की व्यवस्था कर रही हैं।
इस भर्ती अभियान का फायदा खासतौर पर उन युवाओं को मिल सकता है, जो पार्ट टाइम, अस्थायी या लचीले समय वाली नौकरी की तलाश कर रहे हैं। डिलीवरी से जुड़े काम में व्यक्ति अपनी उपलब्धता और कंपनी की व्यवस्था के अनुसार काम कर सकता है। हालांकि, काम के घंटे, भुगतान और इंसेंटिव कंपनी तथा भूमिका के हिसाब से अलग-अलग हो सकते हैं।
छोटे शहरों में भी बढ़ रहे रोजगार के अवसर
इस बार फेस्टिव सीजन की भर्ती सिर्फ दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद जैसे बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहने वाली है। ई-कॉमर्स कंपनियां टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी अपने डिलीवरी नेटवर्क और वेयरहाउस क्षमता को बढ़ा रही हैं। इसका सीधा फायदा छोटे शहरों और कस्बों के युवाओं को मिल सकता है।
ऑनलाइन खरीदारी की पहुंच बढ़ने के कारण छोटे शहरों से आने वाले ऑर्डर की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर डिलीवरी पार्टनर और लॉजिस्टिक्स कर्मचारियों की जरूरत पैदा हो रही है। कंपनियों के लिए स्थानीय कर्मचारियों की उपलब्धता अंतिम छोर तक डिलीवरी को आसान बनाने में मदद करती है।
Amazon और Flipkart में बड़े स्तर पर भर्ती
फेस्टिव सीजन की तैयारी में Amazon और Flipkart जैसी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां बड़े स्तर पर अतिरिक्त वर्कफोर्स तैयार कर रही हैं। Flipkart की ओर से इस सीजन में 2.5 लाख से ज्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें बड़ी संख्या लास्ट-माइल डिलीवरी से जुड़े अवसरों की है।
वहीं Amazon India ने भी फेस्टिव सीजन से पहले 1.6 लाख से ज्यादा सीजनल वर्क अवसर उपलब्ध कराने की जानकारी दी है। ये अवसर देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद उसके डिलीवरी और ऑपरेशनल नेटवर्क से जुड़े हैं। इनमें पैकिंग, ऑर्डर प्रोसेसिंग, सॉर्टिंग और डिलीवरी जैसे कई तरह के काम शामिल हैं।
50 हजार रुपये तक कमाई, लेकिन शर्तें समझना जरूरी
फेस्टिव सीजन में गिग वर्कर्स की कमाई को लेकर भी काफी चर्चा है। कुछ डिलीवरी आधारित कामों में सामान्य भुगतान के अलावा इंसेंटिव, बोनस और अतिरिक्त डिलीवरी के आधार पर कमाई बढ़ सकती है। इसी वजह से कुछ मामलों में 50 हजार रुपये तक की कमाई की संभावना बताई जा रही है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर गिग वर्कर को 50 हजार रुपये की निश्चित सैलरी मिलेगी। वास्तविक कमाई शहर, काम के घंटे, डिलीवरी की संख्या, कंपनी की भुगतान व्यवस्था और उपलब्ध इंसेंटिव पर निर्भर करेगी। इसलिए नौकरी शुरू करने से पहले भुगतान की पूरी शर्तों को समझना जरूरी है।
युवाओं के लिए कम समय में काम शुरू करने का मौका
फेस्टिव सीजन की ये नौकरियां उन लोगों के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकती हैं, जो कम समय में काम शुरू करना चाहते हैं या अतिरिक्त आय का विकल्प तलाश रहे हैं। डिलीवरी और वेयरहाउस से जुड़े कई पदों में भर्ती प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल हो सकती है।
हालांकि किसी भी गिग जॉब को स्वीकार करने से पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत भर्ती माध्यम से जानकारी लेना जरूरी है। उम्मीदवारों को वेतन, इंसेंटिव, काम के घंटे, वाहन और ईंधन से जुड़े खर्च, बीमा तथा अन्य नियमों की जानकारी पहले हासिल कर लेनी चाहिए।

कुल मिलाकर, इस साल का फेस्टिव सीजन ई-कॉमर्स सेक्टर के साथ-साथ रोजगार बाजार के लिए भी महत्वपूर्ण रहने वाला है। ऑनलाइन खरीदारी बढ़ने से कंपनियों की जरूरत बढ़ी है और इसका असर सीधे गिग वर्कफोर्स की मांग पर दिखाई दे रहा है। ऐसे में आने वाले हफ्तों में डिलीवरी, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में रोजगार के और अवसर सामने आने की संभावना है।




