
नई दिल्ली: चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए हैं। चिराग ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाना है तो उसे सभी राज्यों और सभी राजनीतिक दलों के लिए एक समान नजरिए से उठाया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर चुनिंदा तरीके से चुनाव आयोग की आलोचना करने का आरोप लगाया।
चुनाव आयोग की सफाई से संतुष्ट होने की बात
चिराग पासवान ने कहा कि चुनाव आयोग को लेकर उनके मन में भी कुछ चिंताएं थीं और वह चाहते थे कि लोगों के मन में उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब दिया जाए। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग ने हाल में उठाए गए मुद्दों पर विस्तार से स्पष्टीकरण दिया है। चिराग ने कहा कि आयोग की ओर से दिए गए जवाब के बाद उनकी चिंताएं काफी हद तक दूर हुई हैं।
दरअसल, चुनाव आयोग और एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष की ओर से मतदाता सूची, चुनावी प्रक्रिया और आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विभिन्न आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों के बीच चिराग ने विपक्ष के सवालों की दिशा पर ही प्रश्न खड़े किए हैं।
‘जहां सरकार बनी, वहां चुनाव प्रक्रिया कैसे सही थी?’
चिराग पासवान ने कांग्रेस और विपक्ष से सवाल करते हुए कहा कि अगर चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल हैं, तो उन राज्यों को भी इसी नजरिए से देखा जाना चाहिए जहां विपक्षी दलों को चुनाव में सफलता मिली। उन्होंने केरल और हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देते हुए पूछा कि वहां कांग्रेस की सरकार कैसे बनी।
उनका तर्क था कि एक ही चुनावी व्यवस्था के तहत कहीं परिणाम को स्वीकार करना और कहीं उसी व्यवस्था पर सवाल उठाना अलग-अलग मानदंड अपनाने जैसा है। चिराग ने विपक्ष से कहा कि चुनाव आयोग की आलोचना करते समय दृष्टिकोण एक जैसा होना चाहिए।
प्रियंका गांधी की जीत का भी किया जिक्र
चिराग पासवान ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के चुनाव जीतने का भी उदाहरण दिया। उन्होंने सवाल किया कि यदि चुनावी प्रक्रिया में इतनी बड़ी समस्या है, तो प्रियंका गांधी चुनाव कैसे जीत पाईं।
प्रियंका गांधी वाड्रा केरल की वायनाड लोकसभा सीट से सांसद हैं। चिराग ने इसी उदाहरण के आधार पर विपक्ष से सवाल किया कि जिस चुनावी प्रक्रिया के जरिए उसके उम्मीदवार जीत हासिल करते हैं, उसी प्रक्रिया पर दूसरे स्थानों के परिणामों को लेकर सवाल क्यों उठाए जाते हैं। यह चिराग का राजनीतिक तर्क है, जबकि चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की आपत्तियां अलग-अलग मुद्दों पर आधारित हैं।
एसआईआर को लेकर क्यों छिड़ा है विवाद?
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के तहत मतदाता सूची की समीक्षा और संबंधित प्रक्रियाओं को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और कुछ नेताओं ने आयोग के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग की ओर से संबंधित मुद्दों पर स्पष्टीकरण दिया गया है।
इसी राजनीतिक माहौल में चिराग पासवान का बयान सामने आया है। उन्होंने पहले भी कहा था कि यदि चुनाव आयोग को लेकर लोगों के मन में कोई आशंका है तो आयोग को उसे स्पष्ट करना चाहिए। अब आयोग की सफाई के बाद उन्होंने विपक्ष की आलोचना के तरीके पर सवाल उठाते हुए समान मानदंड अपनाने की बात कही है।

कुल मिलाकर, एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद जारी हैं। चिराग पासवान ने जहां आयोग के स्पष्टीकरण पर संतुष्टि जताई है, वहीं विपक्ष की ओर से चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी बहस जारी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।




