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Bribe, EOW, NOC : पत्नी सरपंच, पति रिश्वत लेते गिरफ्तार, चार हजार रुपये लेकर एनओसी देने का था आरोप

पत्नी सरपंच, पति बना सरपंच प्रतिनिधि; NOC के बदले 4 हजार रुपये रिश्वत लेते EOW ने पकड़ा

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने कार्रवाई करते हुए दलौदा ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अनिल कैथवास के रूप में हुई है, जो दलौदा की महिला सरपंच दुर्गा कैथवास का पति है। आरोप है कि उसने बैंक लोन के लिए जरूरी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने के बदले आवेदक से 4 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।

लोन के लिए NOC की जरूरत

जानकारी के मुताबिक, दलौदा निवासी विक्रम सिंह को बैंक से लोन लेना था। लोन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए उन्हें ग्राम पंचायत से NOC की आवश्यकता थी। इसी सिलसिले में वह पंचायत कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि NOC जारी करने के बदले सरपंच प्रतिनिधि अनिल कैथवास ने उनसे 4 हजार रुपये की मांग की।

विक्रम सिंह रिश्वत देने के पक्ष में नहीं थे। उन्होंने इस मामले की शिकायत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की उज्जैन इकाई से कर दी। शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने मामले का सत्यापन कराया और शिकायत सही पाए जाने पर आरोपी को पकड़ने के लिए योजना तैयार की।

कृषि उपज मंडी के पास बिछाया गया जाल

EOW की टीम ने सोमवार को कार्रवाई के लिए पूरी तैयारी की। शिकायतकर्ता को तय रकम के साथ आरोपी से संपर्क करने के लिए कहा गया। योजना के अनुसार विक्रम सिंह 4 हजार रुपये लेकर दलौदा की कृषि उपज मंडी के पास पहुंचे।

बताया जा रहा है कि जैसे ही अनिल कैथवास ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, वहां पहले से मौजूद EOW की टीम ने उसे पकड़ लिया। टीम ने मौके पर रिश्वत की रकम बरामद की और आरोपी को हिरासत में ले लिया। कार्रवाई के दौरान आसपास मौजूद लोगों में भी हलचल मच गई।

सरपंच की कुर्सी को लेकर भी चर्चा

इस मामले में पंचायत कार्यालय की तस्वीर भी चर्चा में है। सरपंच कक्ष में सरपंच की कुर्सी के पीछे ‘सत्यमेव जयते’ लिखा हुआ है। आरोप है कि इसी कार्यालय में सरपंच प्रतिनिधि अनिल कैथवास का प्रभाव रहता था। महिला सरपंच दुर्गा कैथवास के पति होने के कारण वह पंचायत के कामकाज में सरपंच प्रतिनिधि के तौर पर सक्रिय था।

हालांकि, रिश्वत मामले में उसकी भूमिका और अन्य लोगों की संलिप्तता को लेकर जांच एजेंसी की पड़ताल जारी है। किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जा सकती है।

पंचायत के रिकॉर्ड की जांच

रिश्वत लेते हुए गिरफ्तारी के बाद EOW की टीम ने दलौदा ग्राम पंचायत कार्यालय में भी जांच शुरू कर दी है। टीम पंचायत से जुड़े दस्तावेज, NOC से संबंधित रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और अन्य सरकारी कागजात की जांच कर रही है। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या NOC या अन्य पंचायत संबंधी कामों के लिए भी इसी तरह पैसे की मांग की जाती थी।

फिलहाल आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की कार्रवाई के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही रिश्वत मांगने और लेने से जुड़े सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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