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Weather Alert : सितंबर में अचानक क्यों बरसा कहर, यूपी से छत्तीसगढ़ तक भारी बारिश से जनजीवन बेहाल

सितंबर के आखिरी हफ्ते में क्यों बदला मौसम का मिजाज? यूपी से छत्तीसगढ़ तक भारी बारिश, घर-दुकानों में घुसा पानी

सितंबर के आखिरी दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ तक भारी बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात ने जनजीवन को प्रभावित किया है। कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। घरों, दुकानों और सड़कों पर पानी भरने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम में आए इस अचानक बदलाव के पीछे दक्षिण छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में बना डीप डिप्रेशन प्रमुख वजह बताया जा रहा है। यह मौसम प्रणाली उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रही है। इसके प्रभाव से मध्य और पूर्वी भारत में समुद्र से आने वाली नमी वाली हवाएं पहुंच रही हैं, जिसके कारण कई इलाकों में तेज और लगातार बारिश हो रही है।

यूपी में कई जिलों में बारिश से बिगड़े हालात

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में स्थिति गंभीर कर दी है। लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, गोंडा, श्रावस्ती, देवरिया, मऊ और बलिया समेत करीब 63 जिलों में बारिश का असर देखने को मिल रहा है। कई शहरों की सड़कों पर पानी भर गया है, जबकि रिहायशी इलाकों में भी जलभराव के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

गोरखपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तेज हवाओं और बारिश के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की खबरें हैं। कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से यातायात और सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।

लखनऊ और कानपुर में बारिश ने बनाए नए रिकॉर्ड

राजधानी लखनऊ में बारिश ने पिछले 15 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। लगातार बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया। कुछ स्थानों पर पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई।

कानपुर में भी बारिश ने लंबे समय का रिकॉर्ड तोड़ा है। जलभराव के कारण कई सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ। लखनऊ से सटे बाराबंकी और उन्नाव में भी भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण नुकसान की खबरें सामने आई हैं।

ऐतिहासिक हुसैनाबाद गेट का हिस्सा गिरा

लखनऊ में लगातार बारिश के बीच ऐतिहासिक हुसैनाबाद गेट का ऊपरी हिस्सा गिर गया। राहत की बात यह रही कि जिस समय संरचना का हिस्सा गिरा, उस समय उसकी चपेट में कोई व्यक्ति नहीं आया। घटना के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गेट के नीचे से गुजरने वाला रास्ता बंद कर दिया गया। प्रशासन की ओर से क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कराने की बात कही गई है।

उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे के पास जलभराव

उन्नाव में भी बारिश के कारण गंगा एक्सप्रेसवे के बशीरतगंज टोल प्लाजा के आसपास पानी भर गया। जलभराव इतना अधिक रहा कि वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। इलाके का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें टोल क्षेत्र के आसपास पानी जमा दिखाई दे रहा है।

बिहार, बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी असर

उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार में कोसी और गंडक नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी ने चिंता बढ़ा दी है। पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में भी बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। समुद्र से सटे क्षेत्रों में ऊंची लहरों और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें सक्रिय हैं।

आखिर डीप डिप्रेशन से इतनी बारिश क्यों होती है?

समुद्र की सतह का तापमान बढ़ने पर बड़ी मात्रा में नम हवा ऊपर उठती है। इससे कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है। जब यह प्रणाली मजबूत होती जाती है तो डिप्रेशन और उसके बाद डीप डिप्रेशन का रूप ले सकती है। ऐसी मौसम प्रणालियां अपने साथ बड़ी मात्रा में नमी लेकर आगे बढ़ती हैं। यही नमी जब अनुकूल परिस्थितियों में बादलों में बदलती है तो किसी क्षेत्र में भारी बारिश हो सकती है।

मौजूदा मौसम प्रणाली के आगे बढ़ने के साथ मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। ऐसे में प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई है और लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की जा रही है।

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