
नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत में ही केंद्र सरकार के राजस्व मोर्चे पर बड़ी तेजी देखने को मिली है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के आंकड़ों के मुताबिक, 10 अगस्त 2026 तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 23.09 प्रतिशत बढ़कर ₹8.11 लाख करोड़ पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में सरकार को ₹6.59 लाख करोड़ का नेट डायरेक्ट टैक्स मिला था। यानी एक साल में सरकार के खाते में करीब ₹1.52 लाख करोड़ ज्यादा आए हैं।

टैक्स कलेक्शन में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में सामने आई है, जब सरकार की नजर राजस्व संग्रह बढ़ाने और वित्त वर्ष के बजट अनुमानों को पूरा करने पर है। डायरेक्ट टैक्स में आयकर और कॉरपोरेट टैक्स जैसी प्रमुख मदें शामिल होती हैं। आंकड़ों में बढ़ोतरी से संकेत मिलता है कि चालू वित्त वर्ष की शुरुआत में टैक्स संग्रह की रफ्तार मजबूत बनी हुई है।
ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन भी तेजी से बढ़ा
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के आंकड़ों के अनुसार, 10 अगस्त तक ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन ₹9.55 लाख करोड़ रहा। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा ₹7.97 लाख करोड़ था। इस तरह ग्रॉस कलेक्शन में करीब 19.75 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
हालांकि, सरकार को मिलने वाली वास्तविक राशि का आकलन रिफंड के बाद किया जाता है। टैक्सपेयर्स को दिए गए रिफंड को घटाने के बाद नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन ₹8.11 लाख करोड़ रहा। इस तरह ग्रॉस और नेट कलेक्शन दोनों में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
नॉन-कॉरपोरेट टैक्स बना सबसे बड़ा योगदानकर्ता
डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में नॉन-कॉरपोरेट टैक्स की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। आंकड़ों के मुताबिक, 10 अगस्त तक नेट नॉन-कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन ₹5.07 लाख करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹4.11 लाख करोड़ था।
इस हिसाब से नॉन-कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन में करीब 23.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसमें व्यक्तिगत करदाताओं के अलावा HUF, फर्म, एसोसिएशन, स्थानीय निकाय और अन्य गैर-कॉरपोरेट संस्थाओं से मिलने वाला टैक्स शामिल होता है।
यानी सरकार की डायरेक्ट टैक्स कमाई में व्यक्तिगत और गैर-कॉरपोरेट करदाताओं से मिलने वाले राजस्व का योगदान काफी मजबूत बना हुआ है।
कॉरपोरेट टैक्स से भी बढ़ी सरकार की कमाई
कंपनियों से मिलने वाले टैक्स में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नेट कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन ₹2.70 लाख करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹2.26 लाख करोड़ था।
इस तरह कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन में करीब 19.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन की मजबूती सिर्फ व्यक्तिगत करदाताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि कंपनियों से आने वाला टैक्स राजस्व भी बढ़ा है।
शेयर बाजार से सरकार को बड़ी कमाई
सरकार के डायरेक्ट टैक्स राजस्व में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT की भी अहम भूमिका रही है। शेयर बाजार में होने वाले चुनिंदा लेनदेन पर STT लगाया जाता है।
10 अगस्त 2026 तक सरकार को STT से ₹33,823.74 करोड़ का राजस्व मिला। पिछले साल इसी अवधि में यह रकम ₹22,354.31 करोड़ थी। यानी STT कलेक्शन में करीब 51 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।
STT में इतनी तेज वृद्धि शेयर बाजार में बढ़ी कारोबारी गतिविधियों का संकेत देती है। बाजार में लेनदेन और ट्रेडिंग गतिविधियां बढ़ने पर STT से सरकार की कमाई भी बढ़ सकती है।
आखिर सरकार के लिए क्यों अहम है टैक्स कलेक्शन?
सरकार के कुल राजस्व में टैक्स से मिलने वाली रकम की बड़ी भूमिका होती है। डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में लगातार बढ़ोतरी होने से सरकार के पास विकास योजनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर, सामाजिक कल्याण और अन्य सरकारी खर्चों के लिए ज्यादा राजस्व उपलब्ध हो सकता है।
हालांकि, सिर्फ शुरुआती महीनों के आंकड़ों के आधार पर पूरे वित्त वर्ष के टैक्स कलेक्शन का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। साल के दौरान रिफंड, कॉरपोरेट मुनाफे, आयकर भुगतान, आर्थिक गतिविधियों और बाजार की स्थिति जैसे कई कारक अंतिम टैक्स संग्रह को प्रभावित कर सकते हैं।
पिछले साल के मुकाबले कितनी बढ़ी कमाई?
अगर आंकड़ों को सीधे तुलना करें तो तस्वीर काफी साफ है।
- नेट डायरेक्ट टैक्स: ₹6.59 लाख करोड़ से बढ़कर ₹8.11 लाख करोड़
- बढ़ोतरी: 23.09 प्रतिशत
- अतिरिक्त संग्रह: करीब ₹1.52 लाख करोड़
- ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स: ₹9.55 लाख करोड़
- नॉन-कॉरपोरेट टैक्स: ₹5.07 लाख करोड़
- कॉरपोरेट टैक्स: ₹2.70 लाख करोड़
- STT कलेक्शन: ₹33,823.74 करोड़
इन आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत में सरकार के डायरेक्ट टैक्स राजस्व में व्यापक आधार पर वृद्धि दर्ज हुई है।
सरकार के खजाने के लिए क्या है इसका मतलब?
डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 23 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि सरकार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा सकती है। खास तौर पर नॉन-कॉरपोरेट और कॉरपोरेट दोनों टैक्स में वृद्धि से राजस्व संग्रह की मजबूती दिखाई देती है। वहीं STT में करीब 51 प्रतिशत की तेजी बाजार गतिविधियों में बढ़ोतरी की ओर इशारा करती है।
कुल मिलाकर, 10 अगस्त तक के आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत में सरकार की टैक्स कमाई मजबूत गति से आगे बढ़ रही है। अब आने वाले महीनों के आंकड़ों पर नजर रहेगी कि यह तेजी पूरे वित्त वर्ष के दौरान कितनी कायम रहती है और सरकार के बजटीय राजस्व लक्ष्यों पर इसका कितना असर पड़ता है।




