
इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ के बेटे रॉकी फ्लिंटॉफ ने कम उम्र में ही क्रिकेट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनानी शुरू कर दी है। 18 साल की उम्र में रॉकी ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने लंकाशायर क्रिकेट के इतिहास में उनका नाम दर्ज करा दिया। वनडे कप में सोमरसेट के खिलाफ खेलते हुए रॉकी ने शानदार शतक जड़ा और करीब 136 साल पुराने रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया।

टांटन में खेले गए मुकाबले में लंकाशायर की ओर से बल्लेबाजी करते हुए रॉकी फ्लिंटॉफ ने महज 76 गेंदों में 123 रन की तूफानी पारी खेली। उनकी पारी में 10 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। रॉकी की आक्रामक बल्लेबाजी ने लंकाशायर को विशाल स्कोर तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई।
18 साल की उम्र में बनाया बड़ा रिकॉर्ड
रॉकी फ्लिंटॉफ ने 18 साल और 126 दिन की उम्र में लंकाशायर की सीनियर टीम के लिए शतक लगाया। इसके साथ ही वह टीम के लिए सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।
इससे पहले यह रिकॉर्ड आर्ची मैकलारेन के नाम था। मैकलारेन ने साल 1890 में होव में लंकाशायर के लिए 106 रन की पारी खेली थी। उस समय उनकी उम्र 18 साल और 256 दिन थी। रॉकी ने अब उनसे करीब चार महीने कम उम्र में शतक लगाकर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
इस तरह रॉकी ने 136 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़कर लंकाशायर के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया।
76 गेंदों में 123 रन, छक्के-चौकों की बरसात
सोमरसेट के खिलाफ रॉकी शुरुआत से ही बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने गेंदबाजों पर दबाव बनाते हुए मैदान के चारों ओर शॉट लगाए। 76 गेंदों की अपनी पारी में उन्होंने 10 चौके और 7 छक्के लगाए।
रॉकी की बल्लेबाजी की सबसे खास बात उनका स्ट्राइक रेट और बड़े शॉट लगाने का अंदाज रहा। महज 18 साल की उम्र में उन्होंने जिस आत्मविश्वास के साथ अनुभवी गेंदबाजों का सामना किया, उसने क्रिकेट फैंस का ध्यान अपनी ओर खींचा।
कीटन जेनिंग्स के साथ हुई 214 रन की साझेदारी
रॉकी फ्लिंटॉफ ने इस मुकाबले में अनुभवी बल्लेबाज कीटन जेनिंग्स के साथ मिलकर लंकाशायर की पारी को मजबूती दी। दोनों बल्लेबाजों के बीच 214 रन की शानदार साझेदारी हुई।
जेनिंग्स ने भी इस मुकाबले में बेहतरीन बल्लेबाजी की और 127 गेंदों पर 156 रन बनाए। उनकी पारी में भी शानदार आक्रामकता देखने को मिली। दोनों बल्लेबाजों की शतकीय पारियों के दम पर लंकाशायर ने स्कोरबोर्ड पर रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया।
लंकाशायर ने बनाया अपना सबसे बड़ा लिस्ट-ए स्कोर
रॉकी और जेनिंग्स की शानदार बल्लेबाजी के दम पर लंकाशायर ने निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट खोकर 443 रन बनाए। यह लिस्ट-ए क्रिकेट में लंकाशायर का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर बन गया।
443 रन का विशाल लक्ष्य सोमरसेट के लिए बेहद मुश्किल साबित हुआ। लंकाशायर के गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया और पूरी टीम को दबाव में रखा। आखिरकार सोमरसेट की टीम लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी और लंकाशायर ने मुकाबला 174 रन से अपने नाम कर लिया।
क्वार्टर फाइनल में पहुंची लंकाशायर
सोमरसेट के खिलाफ शानदार जीत के साथ लंकाशायर ने वनडे कप के क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। अब टीम का सामना बेन स्टोक्स की कप्तानी वाली डरहम टीम से होगा।
रॉकी फ्लिंटॉफ के लिए यह मुकाबला इसलिए भी खास रहा क्योंकि उन्होंने न सिर्फ अपना पहला शतक लगाया, बल्कि इसी पारी के दौरान लंकाशायर के 136 साल पुराने रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया।
पिता एंड्रयू फ्लिंटॉफ की विरासत को आगे बढ़ा रहे रॉकी
रॉकी फ्लिंटॉफ का नाम क्रिकेट फैंस के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि वह इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ के बेटे हैं। एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने इंग्लैंड क्रिकेट में लंबे समय तक शानदार प्रदर्शन किया और दुनिया के बेहतरीन ऑलराउंडरों में अपनी पहचान बनाई।
हालांकि रॉकी पर पिता की पहचान का दबाव भी रहता है, लेकिन उन्होंने लगातार अपने प्रदर्शन से साबित किया है कि वह सिर्फ अपने पिता की वजह से नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ रहे हैं।
जेनिंग्स ने भी की युवा रॉकी की तारीफ
रॉकी की शानदार पारी के बाद उनके साथी बल्लेबाज कीटन जेनिंग्स ने युवा क्रिकेटर की जमकर तारीफ की। जेनिंग्स का मानना है कि क्रिकेट परिवार से आने वाले खिलाड़ियों पर अक्सर अतिरिक्त दबाव रहता है, लेकिन रॉकी ने इस दबाव को संभालने की क्षमता दिखाई है।
जेनिंग्स ने यह भी कहा कि रॉकी को अच्छी तरह मालूम है कि मैदान पर रन उन्हें खुद बनाने हैं। उनके परिवार की प्रतिष्ठा उन्हें रन बनाकर नहीं दे सकती। उन्हें खुद प्रदर्शन करना होगा और रॉकी ने इस मुकाबले में बल्ले से इसका शानदार जवाब दिया।
अंडर-19 स्तर पर भी कर चुके हैं कमाल
रॉकी फ्लिंटॉफ के लिए यह उपलब्धि अचानक नहीं आई है। वह इससे पहले इंग्लैंड अंडर-19 टीम के लिए भी अपनी बल्लेबाजी का दम दिखा चुके हैं। युवा स्तर पर उन्होंने कई शतक लगाए हैं और अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है।
2025 की शुरुआत में भी रॉकी ने अपने पिता एंड्रयू फ्लिंटॉफ की कोचिंग वाली इंग्लैंड लायंस टीम के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया XI के खिलाफ शतक लगाया था। अब सीनियर स्तर पर लंकाशायर के लिए रिकॉर्ड तोड़ शतक लगाने के बाद उनकी चर्चा और तेज हो गई है।
अब निगाहें क्वार्टर फाइनल पर
रॉकी फ्लिंटॉफ के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती इस प्रदर्शन को लगातार बनाए रखना होगी। एक बड़ी पारी ने उन्हें सुर्खियों में जरूर ला दिया है, लेकिन घरेलू क्रिकेट में निरंतर प्रदर्शन ही उन्हें इंग्लैंड की सीनियर टीम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा।
18 साल की उम्र में 136 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। अब देखना होगा कि रॉकी आने वाले मुकाबलों में इस शानदार फॉर्म को कितना आगे ले जा पाते हैं। फिलहाल सोमरसेट के खिलाफ उनकी 123 रन की पारी ने साफ कर दिया है कि एंड्रयू फ्लिंटॉफ के बेटे के रूप में नहीं, बल्कि रॉकी फ्लिंटॉफ के नाम से भी क्रिकेट की दुनिया में पहचान बनाने की पूरी क्षमता है।




