
लंदन: भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले में टीम इंडिया को 27 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही भारत ने तीन मैचों की सीरीज 1-2 से गंवा दी। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में भारतीय टीम एक समय जीत की मजबूत दावेदार नजर आ रही थी, लेकिन गेंदबाजी के अंतिम ओवरों में महंगे साबित हुए रन और बल्लेबाजी के दौरान आखिरी 10 ओवरों में बिखराव ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।

मैच खत्म होने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने हार की सबसे बड़ी वजह बताते हुए कहा कि उनकी टीम 45वें ओवर तक मुकाबले में बनी हुई थी, लेकिन इंग्लैंड की पारी के आखिरी तीन ओवरों में जरूरत से ज्यादा रन खर्च करना भारत पर भारी पड़ गया। गिल ने माना कि यदि उन ओवरों में रन रोके जाते तो लक्ष्य काफी हद तक आसान हो सकता था।
आखिरी तीन ओवरों ने बदला मैच का पूरा समीकरण
इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए लॉर्ड्स के मैदान पर अपना अब तक का सबसे बड़ा वनडे स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से बेन डकेट ने शानदार शतक लगाया, जबकि जो रूट और जैकब बेथेल ने महत्वपूर्ण अर्धशतकीय पारियां खेलीं। हालांकि मैच का सबसे बड़ा मोड़ आखिरी पांच ओवरों में आया, जब इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला।
इंग्लैंड ने अंतिम पांच ओवरों में 82 रन जोड़ दिए, जिनमें आखिरी तीन ओवर सबसे ज्यादा महंगे साबित हुए। इसी विस्फोटक बल्लेबाजी की बदौलत इंग्लैंड 387 रन के विशाल स्कोर तक पहुंच गया। यही अतिरिक्त रन बाद में भारत की हार का बड़ा कारण बने।
शुभमन गिल बोले- 45वें ओवर तक हम मुकाबले में थे
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान शुभमन गिल ने कहा,
“हम 45वें ओवर तक मुकाबले में थे। लेकिन गेंदबाजी के दौरान आखिरी तीन ओवरों में काफी रन दे दिए, वहीं से मैच हमारे हाथ से निकल गया। हमारी योजना थी कि 40वें ओवर तक विकेट बचाकर रखें और रन रेट को लगभग 6 से 6.5 प्रति ओवर बनाए रखें। इसके बाद अंतिम 10 ओवरों में तेजी से रन बनाकर लक्ष्य हासिल किया जा सकता था।”
उन्होंने कहा कि बल्लेबाजों ने शुरुआती योजना पर अच्छी तरह अमल किया, लेकिन अंत में लगातार विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई।
रोहित और विराट ने दिलाई उम्मीद, लेकिन मिडिल ऑर्डर ने तोड़ा भरोसा
388 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत शानदार रही। कप्तान रोहित शर्मा ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 138 रन की शानदार पारी खेली। वहीं विराट कोहली ने भी 74 रन बनाकर लक्ष्य का पीछा करने की उम्मीद जिंदा रखी।
40वें ओवर तक भारत का स्कोर 267/2 था और टीम को जीत के लिए 60 गेंदों में 121 रन चाहिए थे। उस समय भारत के पास आठ विकेट बाकी थे और ऐसा लग रहा था कि मुकाबला आखिरी ओवर तक जाएगा।
आखिरी 10 ओवरों में बिखर गई टीम इंडिया
40वें ओवर के बाद भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने लगातार अंतराल पर विकेट निकालकर भारत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। केएल राहुल, श्रेयस अय्यर और ईशान किशन बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। रोहित शर्मा और विराट कोहली के आउट होने के बाद रनगति बनाए रखना मुश्किल हो गया।
भारत अंतिम 10 ओवरों में सिर्फ 93 रन ही जोड़ पाया और पूरी टीम 360 रन पर सिमट गई। इस तरह इंग्लैंड ने 27 रन से मुकाबला जीतकर सीरीज भी अपने नाम कर ली।
सीरीज पर भी गंवाया कब्जा
भारतीय टीम ने सीरीज के पहले वनडे में शानदार जीत दर्ज कर बढ़त बनाई थी, लेकिन इंग्लैंड ने जबरदस्त वापसी करते हुए लगातार दो मुकाबले जीत लिए। तीसरे वनडे में इंग्लैंड ने बल्लेबाजी, डेथ ओवरों की रणनीति और गेंदबाजी—तीनों विभागों में भारत से बेहतर प्रदर्शन किया।
इस हार के बाद भारतीय टीम को डेथ ओवरों की गेंदबाजी और बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय मिडिल ऑर्डर की भूमिका पर गंभीरता से विचार करना होगा। वहीं कप्तान शुभमन गिल ने भी साफ संकेत दिए कि आखिरी ओवरों में बेहतर प्रदर्शन ही भविष्य में ऐसे मुकाबलों का नतीजा बदल सकता है।




