
देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 20 जुलाई से मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। उत्तर भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों समेत देश के बड़े हिस्से में अगले कई दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस बीच इसरो (ISRO) की ताजा सैटेलाइट तस्वीरों में भी देश के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से पर घने मानसूनी बादलों का कब्जा दिखाई दे रहा है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत से लेकर जापान की दिशा तक करीब 7,000 से 10,000 किलोमीटर लंबी बादलों की पट्टी बनी हुई है। इसके प्रभाव से मानसून ट्रफ लाइन दोबारा सक्रिय हो गई है और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी वाली पूर्वी हवाएं तथा अरब सागर से दक्षिण-पश्चिमी हवाएं उत्तर भारत की ओर बढ़ रही हैं। यही वजह है कि कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बन रही है।
आज 22 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक आज उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है।
कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
अगले 7 दिन तक सक्रिय रहेगा मानसून
मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अगले 6 से 7 दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा। इस दौरान मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
हालांकि, पश्चिम-मध्य भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है। ऐसे क्षेत्रों में लोगों को उमस भरी गर्मी और कुछ स्थानों पर लू जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
21 जुलाई का मौसम कैसा रहेगा?
IMD के अनुसार 21 जुलाई को जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
वहीं बिहार, असम, मेघालय, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है।
22 जुलाई को इन राज्यों में रहेगा बारिश का असर
22 जुलाई को भी उत्तर भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम खराब बना रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, असम, मेघालय, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और केरल के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है।
निचले इलाकों में जलभराव, सड़क यातायात प्रभावित होने और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना रह सकता है।
दिल्ली-NCR में लौटेगा बारिश का दौर
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में भी इस सप्ताह मौसम राहत देने वाला साबित हो सकता है। रविवार की तरह सोमवार सुबह भी आसमान में बादल छाए रहे और ठंडी हवाएं चलीं, हालांकि दिन में बारिश नहीं हुई। IMD का अनुमान है कि सोमवार रात से बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है।
बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। इससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिल सकती है।
जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश से हालात गंभीर
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश ने कई इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारी वर्षा के कारण कुछ स्थानों पर बादल फटने और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। कई नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।
प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खराब मौसम को देखते हुए श्री अमरनाथ यात्रा और माता वैष्णो देवी यात्रा को भी एहतियात के तौर पर अस्थायी रूप से रोका गया है। यात्रियों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और मौसम सामान्य होने तक प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले राज्यों के लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने, बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर न जाने तथा स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
देशभर में मानसून के दोबारा सक्रिय होने से जहां कई राज्यों में किसानों के लिए राहत की खबर है, वहीं भारी बारिश वाले क्षेत्रों में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थितियों का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में आने वाले एक सप्ताह तक मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।




