नई दिल्ली: भारतीय सैन्य इतिहास में 13 जून 2026 का दिन एक नए अध्याय के रूप में दर्ज होने जा रहा है। इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA), देहरादून में आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित पासिंग आउट परेड (POP) में पहली बार नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिला कैडेट्स भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त करेंगी। इस अवसर पर वे अपने पुरुष साथियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कदमताल करेंगी, जो भारतीय सशस्त्र बलों में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण का मजबूत संदेश देगा।

करीब 8 से 9 महिला कैडेट्स बनेंगी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट
जानकारी के अनुसार, इस ऐतिहासिक बैच में लगभग 8 से 9 महिला कैडेट्स शामिल हैं। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद इन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त किया जाएगा। यह पहला अवसर होगा जब एनडीए से प्रशिक्षण प्राप्त महिला कैडेट्स आईएमए से पास आउट होकर नियमित अधिकारी के रूप में भारतीय सेना का हिस्सा बनेंगी।
पुरुष कैडेट्स के समान मिला कठोर सैन्य प्रशिक्षण
इन महिला कैडेट्स ने पूरे प्रशिक्षण के दौरान अपने पुरुष साथियों के समान मानकों पर सैन्य शिक्षा और शारीरिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। कठिन बैटल ऑब्स्टेकल्स, जंगल सर्वाइवल कोर्स, सामरिक अभ्यास, हथियार प्रशिक्षण और शारीरिक दक्षता से जुड़े सभी चरणों में उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने हर चुनौती का सामना अनुशासन, आत्मविश्वास और पेशेवर क्षमता के साथ किया।
सभी सैन्य परीक्षाएं और प्रशिक्षण चरण सफलतापूर्वक किए पार
भारतीय सेना में अधिकारी बनने के लिए निर्धारित प्रशिक्षण और मूल्यांकन के मानक पुरुष और महिला कैडेट्स के लिए समान हैं। इन महिला कैडेट्स ने सभी आवश्यक सैन्य परीक्षाओं, फील्ड एक्सरसाइज और प्रशिक्षण मॉड्यूल को सफलतापूर्वक पूरा किया है। इसके बाद ही उन्हें अधिकारी के रूप में कमीशन मिलने का अवसर प्राप्त हो रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु होंगी पासिंग आउट परेड की मुख्य अतिथि
इस ऐतिहासिक समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। वह पासिंग आउट परेड का निरीक्षण करने के साथ-साथ नव नियुक्त अधिकारियों को संबोधित भी करेंगी। राष्ट्रपति की उपस्थिति इस आयोजन के महत्व को और अधिक बढ़ाती है।
भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक
विशेषज्ञों के अनुसार, यह उपलब्धि भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और समान अवसरों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पहली बार एनडीए से प्रशिक्षण प्राप्त महिला कैडेट्स का आईएमए से अधिकारी बनकर निकलना भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा। यह बदलाव भारतीय सेना के आधुनिक और समावेशी स्वरूप को नई पहचान देने के साथ-साथ देश की युवा महिलाओं को रक्षा सेवाओं में करियर बनाने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा.
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