कोलंबो (श्रीलंका): श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के बाहरी इलाके में स्थित मीगोडा उपनगर में रविवार रात उस समय एक दर्दनाक हादसा हो गया जब बौद्ध धर्म के सबसे पवित्र पर्वों में से एक Vesak के दौरान एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन भीड़ में घुस गया। इस भयावह घटना में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 13 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों में एक शिशु भी शामिल बताया जा रहा है, जिसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

त्योहार की खुशियां पलभर में मातम में बदलीं
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु वेसाक उत्सव के तहत सड़क किनारे लगाए गए भोजन स्टॉल्स पर खाने का इंतजार कर रहे थे। पूरा क्षेत्र दीपों, सजावट और धार्मिक माहौल से भरा हुआ था। लोग परिवारों के साथ उत्सव का आनंद ले रहे थे, तभी अचानक एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने भीड़ में घुसकर लोगों को रौंद दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वाहन की रफ्तार बेहद तेज थी और चालक ने किसी तरह का नियंत्रण नहीं रखा। कुछ ही सेकंड में उत्सव का माहौल चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गया।
42 वर्षीय चालक गिरफ्तार, नशे में होने का संदेह
श्रीलंकाई पुलिस के अनुसार, वाहन चला रहा व्यक्ति 42 वर्षीय था, जिसने घटना के तुरंत बाद मौके से फरार होने की कोशिश की। हालांकि स्थानीय लोगों और पुलिस की तत्परता से उसे कुछ ही दूरी पर पकड़ लिया गया।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि चालक ने शराब का सेवन किया था और वह नशे की हालत में वाहन चला रहा था। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या, लापरवाही से वाहन चलाने और शराब के नशे में ड्राइविंग से संबंधित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आरोपी से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि घटना पूरी तरह लापरवाही का परिणाम थी या इसमें कोई अन्य कारण भी शामिल हो सकता है।
मृतकों और घायलों की स्थिति
इस हादसे में मारे गए लोगों में तीन पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं, जिनकी उम्र 15 से 56 वर्ष के बीच बताई गई है। सभी मृतक स्थानीय निवासी बताए जा रहे हैं जो वेसाक उत्सव में शामिल होने आए थे।
घायल 13 लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार कई घायलों की हालत गंभीर है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है। एक शिशु की हालत भी चिंताजनक बताई जा रही है।
अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ को तैनात किया है ताकि घायलों को तत्काल उपचार दिया जा सके।
घटना स्थल पर मची अफरा-तफरी
हादसे के बाद मौके पर भयावह दृश्य देखने को मिला। सड़क पर बिखरे सामान, पलटी हुई खाने की स्टॉल्स और घायलों की चीख-पुकार ने पूरे इलाके को दहला दिया। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वाहन टक्कर मारने के बाद कुछ दूरी तक बिना रुके आगे बढ़ गया, जिससे कई लोग और भी घायल हो गए। बाद में वाहन सड़क किनारे रुक गया और चालक फरार हो गया।
वेसाक उत्सव का महत्व
Vesak बौद्ध धर्म का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व माना जाता है। यह पर्व भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति (निर्वाण) और महापरिनिर्वाण की स्मृति में मनाया जाता है। हर वर्ष मई महीने की पूर्णिमा को इसे पूरे श्रीलंका समेत कई देशों में धूमधाम से मनाया जाता है।
इस अवसर पर पूरे देश में धार्मिक सजावट, दीप प्रज्वलन, प्रार्थनाएं और दान-पुण्य के कार्य किए जाते हैं। लोग सड़क किनारे मुफ्त भोजन और पेय पदार्थों के स्टॉल लगाते हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोग एकत्र होते हैं। यही भीड़ इस बार हादसे का कारण बन गई।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। इतने बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान भीड़ नियंत्रण और सड़क सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने की आलोचना की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे बड़े आयोजनों में यातायात को पूरी तरह नियंत्रित करना बेहद जरूरी होता है, खासकर जब सड़कें सार्वजनिक गतिविधियों के लिए उपयोग की जा रही हों।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
श्रीलंकाई प्रशासन ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।
स्थानीय प्रशासन ने यह भी घोषणा की है कि भविष्य में ऐसे धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
स्थानीय लोगों में आक्रोश और शोक
घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और ऐसे अपराधों पर कठोर कानून लागू किए जाएं।
कई लोगों ने यह भी कहा कि यदि भीड़ नियंत्रण और सड़क सुरक्षा बेहतर होती, तो इस हादसे को टाला जा सकता था।
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