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Kanwar Diversion : कांवड़ यात्रा में दिल्ली-देहरादून हाईवे बंद, मुजफ्फरनगर ट्रैफिक डायवर्जन से बदलेंगे सभी प्रमुख मार्ग

दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 12 अगस्त तक भारी वाहनों की एंट्री बंद, कांवड़ यात्रा के लिए लागू हुआ बड़ा ट्रैफिक प्लान; जानें सभी वैकल्पिक रूट

मुजफ्फरनगर: सावन माह में आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा 2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले लाखों शिवभक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मुजफ्फरनगर पुलिस प्रशासन ने दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे (NH-58) और गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर विशेष ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है। इस योजना के तहत 29 जुलाई की रात 12 बजे से 12 अगस्त 2026 तक भारी व्यावसायिक वाहनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

प्रशासन का कहना है कि इस दौरान केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को निर्धारित नियमों के तहत छूट मिलेगी। वहीं, हल्के और मध्यम वाहनों के लिए अलग-अलग चरणों में यातायात व्यवस्था लागू की जाएगी, ताकि कांवड़ियों की यात्रा निर्बाध रूप से जारी रह सके।

कांवड़ यात्रा के लिए यूपी और उत्तराखंड में हाई अलर्ट

कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। हरिद्वार से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह शिविर, चिकित्सा केंद्र, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और विश्राम स्थलों की व्यवस्था की जा रही है।

उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ मार्गों की विशेष सफाई कराई है। जिन रास्तों से कांवड़िए गुजरेंगे, वहां स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ कई स्थानों पर मांस की दुकानों को अस्थायी रूप से बंद रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। हरिद्वार में CCTV कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी की जाएगी और पुलिस, PAC तथा अन्य सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।

दो चरणों में लागू होगा ट्रैफिक प्लान

पहला चरण: 29 जुलाई से 4 अगस्त तक

29 जुलाई रात 12 बजे से 4 अगस्त रात 12 बजे तक हल्के और मध्यम चार पहिया तथा दोपहिया वाहन दिल्ली-देहरादून हाईवे की केवल बाईं लेन से गुजर सकेंगे। वहीं हाईवे की दूसरी लेन पूरी तरह कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगी।

दूसरा चरण: 4 अगस्त से 12 अगस्त तक

4 अगस्त की रात 12 बजे से 12 अगस्त तक दिल्ली-देहरादून हाईवे पर सामान्य वाहनों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा। इस दौरान पूरा हाईवे केवल शिवभक्त कांवड़ियों के आवागमन के लिए आरक्षित रहेगा। प्रशासन ने लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है।

भारी वाहनों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

पूरे ट्रैफिक प्लान के दौरान दिल्ली-देहरादून हाईवे और चौधरी चरण सिंह गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर सभी प्रकार के भारी व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। केवल एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को विशेष अनुमति के तहत संचालन की छूट दी जाएगी।

हरिद्वार और देहरादून जाने वालों के लिए वैकल्पिक रूट

दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर से हरिद्वार एवं देहरादून जाने वाले हल्के वाहन मवाना–मेरठ–रामराज–मीरापुर–जानसठ–सिखेड़ा–जानसठ बाईपास–बिलासपुर कट–भोपा बाईपास–पचेंडा बाईपास–रामपुर तिराहा–रोहाना–देवबंद मार्ग का उपयोग कर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।

बिजनौर से आने-जाने वाले वाहनों के लिए व्यवस्था

बिजनौर से मुजफ्फरनगर और सहारनपुर की ओर जाने वाले वाहन गंगा बैराज–मीरापुर–जानसठ बाईपास–भोपा बाईपास–पचेंडा बाईपास–रामपुर तिराहा–रोहाना होते हुए सहारनपुर की ओर जा सकेंगे।

शामली जाने वालों के लिए नया मार्ग

मुजफ्फरनगर से शामली जाने वाला ट्रैफिक वहलना चौक–पीनना–बघरा बाईपास–तितावी–लालूखेड़ी–बनत–बुटराड़ा मार्ग से संचालित किया जाएगा।

वहीं हरिद्वार से मुजफ्फरनगर होकर शामली जाने वाले कांवड़ वाहनों को सिसौना–रामपुर तिराहा के बीच होटल मोती महल के पास से नवनिर्मित 709 AD बाईपास का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्थानीय लोगों के लिए भी अलग ट्रैफिक व्यवस्था

मुजफ्फरनगर शहर के भीतर रहने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने लोकल ट्रैफिक के लिए भी अलग व्यवस्था लागू की है।

  • मेरठ जाने के लिए भोपा रोड, जानसठ रोड या पचेंडा रोड से हाईवे पर पहुंचकर जानसठ बाईपास के रास्ते आगे बढ़ा जा सकेगा।
  • सहारनपुर और हरिद्वार जाने के लिए रामपुर तिराहा–रोहाना–देवबंद–गागलहेड़ी–छुटमलपुर मार्ग का उपयोग करना होगा।
  • खतौली जाने वाले वाहन जानसठ बाईपास और सिखेड़ा मार्ग से होकर गुजरेंगे।
  • बुढ़ाना और शामली जाने वालों के लिए बुढ़ाना–शाहपुर रोड तथा वहलना–पीनना बाईपास मार्ग खुला रहेगा।

इन 7 स्थानों पर बनाए गए प्रमुख ट्रैफिक डायवर्जन प्वाइंट

कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सात प्रमुख डायवर्जन प्वाइंट चिन्हित किए हैं।

  • एपीजे चौक, रुड़की (हरिद्वार)
  • रामपुर तिराहा, मुजफ्फरनगर
  • जानसठ पुल बाईपास
  • मोंटी तिराहा, मीरापुर (बिजनौर मार्ग)
  • चिरौंजी बांगर करियर इंस्टीट्यूट (बिजनौर)
  • दौराला फ्लाईओवर (मेरठ)
  • पानीपत–खटीमा नया कांवड़ मार्ग

यात्रियों के लिए प्रशासन की सलाह

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी की जानकारी जरूर लें। जिन यात्रियों को हरिद्वार, देहरादून, सहारनपुर, शामली, मेरठ या मुजफ्फरनगर की ओर जाना है, वे निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही इस्तेमाल करें। बिना आवश्यक कारण कांवड़ मार्गों पर यात्रा करने से बचें, ताकि शिवभक्तों की यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित हो सके।

कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के हरिद्वार आने की संभावना को देखते हुए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं। ऐसे में अगले दो सप्ताह तक दिल्ली-देहरादून हाईवे सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था सामान्य दिनों से अलग रहेगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे समय से पहले यात्रा की योजना बनाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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